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शिवनाथ नदी पर 30 साल से बना था निजी रास्ता, प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर हटाया अवैध एनीकट
दुर्ग (छ.ग.)
दुर्ग जिले में ईंट-भट्ठा संचालक ने बिना अनुमति नदी पर बना लिया था अस्थायी पुल, पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शिवनाथ नदी पर वर्षों से चल रही एक बड़ी अनियमितता प्रशासनिक कार्रवाई के बाद सामने आई। एक ईंट-भट्ठा ठेकेदार द्वारा नदी के ऊपर बिना किसी अनुमति के बनाए गए अवैध एनीकट को प्रशासन ने पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी मशीन से तोड़ दिया। हैरानी की बात यह रही कि यह अस्थायी पुल करीब तीन दशकों से उपयोग में था, लेकिन इसकी जानकारी हाल ही में प्रशासन तक पहुंची।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, ठेकेदार नीलकंठ पांडे ने अपने व्यवसायिक हितों को ध्यान में रखते हुए शिवनाथ नदी के बीच मिट्टी और पाइप डालकर एक निजी रास्ता बना लिया था। इस मार्ग का उपयोग ईंट और कच्चे माल के परिवहन के लिए किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान मौके पर दो थानों की पुलिस फोर्स तैनात रही, ताकि किसी प्रकार की कानून व्यवस्था की स्थिति न बने।
जैसे ही अवैध एनीकट हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई, ठेकेदार ने इसका विरोध किया और जेसीबी मशीन को रुकवा दिया। इसके बाद तहसीलदार और पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप से दोबारा कार्रवाई शुरू कराई गई। मशीनरी की मदद से पहले एक छोर से मिट्टी हटाई गई और फिर पूरे अस्थायी पुल को ध्वस्त कर दिया गया।
यह अवैध निर्माण पथरिया और रवेलीडीह पंचायतों की सीमा पर स्थित था। दोनों पंचायतों के सरपंचों ने बताया कि नदी पर पुल बनाने के लिए कभी भी पंचायत से अनुमति नहीं ली गई। पथरिया पंचायत के सरपंच ने आरोप लगाया कि ठेकेदार वर्षों से नियमों को ताक पर रखकर कारोबार कर रहा था, जिससे उसे परिवहन लागत में भारी बचत हो रही थी।
रवेलीडीह पंचायत के सरपंच ने यह भी दावा किया कि ठेकेदार ने पंचायत की जमीन किराए पर लेकर ईंटों का भंडारण किया, लेकिन किराया समय पर नहीं दिया गया। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि पास ही दो सरकारी पुल मौजूद होने के बावजूद ठेकेदार ने केवल दूरी कम करने और मुनाफा बढ़ाने के लिए यह निजी रास्ता तैयार किया।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नदी पर इस तरह मिट्टी का बांध बनाना नियमों के खिलाफ है और इससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। विभाग की ओर से पहले भी नोटिस जारी किया गया था, लेकिन मामला अदालत में लंबित होने के कारण कार्रवाई टलती रही।
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शिवनाथ नदी पर 30 साल से बना था निजी रास्ता, प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर हटाया अवैध एनीकट
दुर्ग (छ.ग.)
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शिवनाथ नदी पर वर्षों से चल रही एक बड़ी अनियमितता प्रशासनिक कार्रवाई के बाद सामने आई। एक ईंट-भट्ठा ठेकेदार द्वारा नदी के ऊपर बिना किसी अनुमति के बनाए गए अवैध एनीकट को प्रशासन ने पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी मशीन से तोड़ दिया। हैरानी की बात यह रही कि यह अस्थायी पुल करीब तीन दशकों से उपयोग में था, लेकिन इसकी जानकारी हाल ही में प्रशासन तक पहुंची।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, ठेकेदार नीलकंठ पांडे ने अपने व्यवसायिक हितों को ध्यान में रखते हुए शिवनाथ नदी के बीच मिट्टी और पाइप डालकर एक निजी रास्ता बना लिया था। इस मार्ग का उपयोग ईंट और कच्चे माल के परिवहन के लिए किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान मौके पर दो थानों की पुलिस फोर्स तैनात रही, ताकि किसी प्रकार की कानून व्यवस्था की स्थिति न बने।
जैसे ही अवैध एनीकट हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई, ठेकेदार ने इसका विरोध किया और जेसीबी मशीन को रुकवा दिया। इसके बाद तहसीलदार और पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप से दोबारा कार्रवाई शुरू कराई गई। मशीनरी की मदद से पहले एक छोर से मिट्टी हटाई गई और फिर पूरे अस्थायी पुल को ध्वस्त कर दिया गया।
यह अवैध निर्माण पथरिया और रवेलीडीह पंचायतों की सीमा पर स्थित था। दोनों पंचायतों के सरपंचों ने बताया कि नदी पर पुल बनाने के लिए कभी भी पंचायत से अनुमति नहीं ली गई। पथरिया पंचायत के सरपंच ने आरोप लगाया कि ठेकेदार वर्षों से नियमों को ताक पर रखकर कारोबार कर रहा था, जिससे उसे परिवहन लागत में भारी बचत हो रही थी।
रवेलीडीह पंचायत के सरपंच ने यह भी दावा किया कि ठेकेदार ने पंचायत की जमीन किराए पर लेकर ईंटों का भंडारण किया, लेकिन किराया समय पर नहीं दिया गया। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि पास ही दो सरकारी पुल मौजूद होने के बावजूद ठेकेदार ने केवल दूरी कम करने और मुनाफा बढ़ाने के लिए यह निजी रास्ता तैयार किया।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नदी पर इस तरह मिट्टी का बांध बनाना नियमों के खिलाफ है और इससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। विभाग की ओर से पहले भी नोटिस जारी किया गया था, लेकिन मामला अदालत में लंबित होने के कारण कार्रवाई टलती रही।
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