- Hindi News
- राज्य
- छत्तीसगढ़
- धान खरीदी घोटाला में 20 साल बाद फैसला, कोर्ट ने 17 आरोपियों को सुनाई सजा
धान खरीदी घोटाला में 20 साल बाद फैसला, कोर्ट ने 17 आरोपियों को सुनाई सजा
Balrampur, CG
जिले में 20 वर्ष पूर्व धान खरीदी में हुई गड़बड़ी पर अब कोर्ट का बड़ा फैसला आया है, जिसमें कुल 17 दोषियों को कारावास की सजा सुनाने के साथ जुर्माना भी लगाया है. मामले में रामानुजगंज नगर पालिका के अध्यक्ष रमन अग्रवाल के सगे भाई और चाचा भी शामिल हैं.
कहते हैं देर है, पर अंधेर नहीं. ऐसा ही कुछ वर्ष 2003-04 में कामेश्वरपुर और रामचंद्रपुर के सहकारी समिति में हुई धान खरीदी घोटाले में हुई है. कोर्ट ने धान खरीदी में गड़बड़ी करने वाले 17 लोगों के खिलाफ फैसला सुनाया है. किसानों ने धान बेचा था, और पैसा दोषियों के खाता में पैसा गया था. दरअसल, कागजों में ही धान खरीदी कर ली गई थी.
आरोपियों को अदालत को तीन-तीन साल की सजा और 500-500 रुपए जुर्माना की सजा सुनाई गई. कलेक्टर के आदेश पर फूड विभाग के अफसरों की जांच रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज कराई गई थी. कोर्ट ने 2018 में भी सजा सुनाई थी, लेकिन आरोपियों ने ऊपरी अदालत में अपील की थी. अपील को खारिज करते हुए रामानुजगंज जिला न्यायालय ने आरोपियों को सजा सुनाई है.

-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
धान खरीदी घोटाला में 20 साल बाद फैसला, कोर्ट ने 17 आरोपियों को सुनाई सजा
Balrampur, CG
जिले में 20 वर्ष पूर्व धान खरीदी में हुई गड़बड़ी पर अब कोर्ट का बड़ा फैसला आया है, जिसमें कुल 17 दोषियों को कारावास की सजा सुनाने के साथ जुर्माना भी लगाया है. मामले में रामानुजगंज नगर पालिका के अध्यक्ष रमन अग्रवाल के सगे भाई और चाचा भी शामिल हैं.
कहते हैं देर है, पर अंधेर नहीं. ऐसा ही कुछ वर्ष 2003-04 में कामेश्वरपुर और रामचंद्रपुर के सहकारी समिति में हुई धान खरीदी घोटाले में हुई है. कोर्ट ने धान खरीदी में गड़बड़ी करने वाले 17 लोगों के खिलाफ फैसला सुनाया है. किसानों ने धान बेचा था, और पैसा दोषियों के खाता में पैसा गया था. दरअसल, कागजों में ही धान खरीदी कर ली गई थी.
आरोपियों को अदालत को तीन-तीन साल की सजा और 500-500 रुपए जुर्माना की सजा सुनाई गई. कलेक्टर के आदेश पर फूड विभाग के अफसरों की जांच रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज कराई गई थी. कोर्ट ने 2018 में भी सजा सुनाई थी, लेकिन आरोपियों ने ऊपरी अदालत में अपील की थी. अपील को खारिज करते हुए रामानुजगंज जिला न्यायालय ने आरोपियों को सजा सुनाई है.

