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कंपनी में अनियमितताओं का आरोप: स्थानांतरण नीति की अनदेखी, बिना जांच के करोड़ों की खरीदी
Raipur, CG
प्रदेश की एक प्रमुख सरकारी कंपनी में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। एक पत्र के माध्यम से आरोप लगाए गए हैं कि कंपनी में बीते छह वर्षों से नियमों की लगातार अनदेखी हो रही है।
बताया गया है कि पूर्व प्रबंध निदेशक केसर हक के कार्यकाल में स्थानांतरण नीति का पालन सख्ती से किया जाता था, लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद से कंपनी में मनमानी हावी हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में क्रय, निर्माण और जनरेशन से जुड़े कार्यों के लिए करोड़ों रुपये की खरीदी वित्त विभाग की मंजूरी से की जा रही है, लेकिन इनमें किसी प्रकार की गहन जांच या तकनीकी परीक्षण नहीं हो रहा। इससे कंपनी को न सिर्फ आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, बल्कि यह भ्रष्टाचार की बड़ी वजह बनता जा रहा है।
उक्त पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि इन मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो बड़ी संख्या में अनियमितताएं सामने आ सकती हैं। ऐसे में जरूरत है कि शासन स्तर पर इन गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए ठोस और सख्त कदम उठाए जाएं, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग न हो।
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कंपनी में अनियमितताओं का आरोप: स्थानांतरण नीति की अनदेखी, बिना जांच के करोड़ों की खरीदी
Raipur, CG
प्रदेश की एक प्रमुख सरकारी कंपनी में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। एक पत्र के माध्यम से आरोप लगाए गए हैं कि कंपनी में बीते छह वर्षों से नियमों की लगातार अनदेखी हो रही है।
बताया गया है कि पूर्व प्रबंध निदेशक केसर हक के कार्यकाल में स्थानांतरण नीति का पालन सख्ती से किया जाता था, लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद से कंपनी में मनमानी हावी हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में क्रय, निर्माण और जनरेशन से जुड़े कार्यों के लिए करोड़ों रुपये की खरीदी वित्त विभाग की मंजूरी से की जा रही है, लेकिन इनमें किसी प्रकार की गहन जांच या तकनीकी परीक्षण नहीं हो रहा। इससे कंपनी को न सिर्फ आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, बल्कि यह भ्रष्टाचार की बड़ी वजह बनता जा रहा है।
उक्त पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि इन मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो बड़ी संख्या में अनियमितताएं सामने आ सकती हैं। ऐसे में जरूरत है कि शासन स्तर पर इन गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए ठोस और सख्त कदम उठाए जाएं, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग न हो।
