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बर्ड फ्लू अलर्ट के बीच दिल्ली से आए चूजे, बिलासपुर स्टेशन पर खुले में उतरे, संक्रमण फैलने का बढ़ा खतरा
बिलासपुर (छ.ग.)
बिलासपुर में बर्ड फ्लू के बीच रेलवे स्टेशन पर दिल्ली से आए चूजों की खुले में सप्लाई ने प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बिलासपुर में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद जहां प्रशासन ने मुर्गियों की बिक्री और सप्लाई पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया है, वहीं रविवार को एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। दिल्ली से बड़ी संख्या में चूजों की खेप बिलासपुर रेलवे स्टेशन पहुंची और इन्हें खुले में उतार दिया गया। इस घटना ने यात्रियों और स्थानीय लोगों के बीच डर और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।
रेलवे स्टेशन जैसे भीड़भाड़ वाले स्थान पर इस तरह खुले में चूजों का उतारा जाना न केवल नियमों की अनदेखी को दर्शाता है, बल्कि संक्रमण फैलने के खतरे को भी बढ़ाता है। खास बात यह रही कि मौके पर कोई प्रशासनिक निगरानी या सुरक्षा व्यवस्था मौजूद नहीं थी, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
स्टेशन पर लापरवाही से बढ़ा खतरा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चूजों को बिना किसी सुरक्षा प्रोटोकॉल के प्लेटफॉर्म पर उतारा गया। इस दौरान वहां मौजूद यात्रियों और कर्मचारियों के बीच संक्रमण फैलने की आशंका को लेकर अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के बावजूद इस तरह की गतिविधि सवाल खड़े कर रही है।
कुक्कुट पालन केंद्र में भारी नुकसान
शहर के कोनी क्षेत्र स्थित शासकीय कुक्कुट पालन केंद्र में बर्ड फ्लू का असर बेहद गंभीर रहा है। यहां अब तक 30 हजार से अधिक मुर्गियों की मौत हो चुकी है। इस स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी किया है और पोल्ट्री से जुड़ी सभी गतिविधियों पर रोक लगा दी है।
तखतपुर में लापरवाही से बढ़ा संक्रमण का जोखिम
तखतपुर क्षेत्र से भी चिंताजनक तस्वीर सामने आई है, जहां एक पोल्ट्री फार्म संचालक ने मृत मुर्गियों को बोरी में भरकर खुले में फेंक दिया। इन शवों को कुत्तों द्वारा नोचते देखा गया, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा कई गुना बढ़ गया है। इस तरह की लापरवाही न केवल पर्यावरण के लिए बल्कि मानव और पशुओं के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बन सकती है।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी, कंट्रोल रूम सक्रिय
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जो कलेक्टोरेट भवन के कक्ष क्रमांक 25 में संचालित किया जा रहा है। नागरिकों के लिए 07752-251000 नंबर जारी किया गया है, जहां बर्ड फ्लू से जुड़ी किसी भी सूचना या शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। यह कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय है और लगातार निगरानी रखी जा रही है।
लोगों में बढ़ी चिंता, कार्रवाई की मांग
रेलवे स्टेशन पर खुले में चूजों की सप्लाई की घटना ने लोगों के मन में भय और असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। नागरिकों का कहना है कि जब प्रशासन ने पहले ही रोक लगा दी है, तो इस तरह की लापरवाही कैसे हो रही है। स्थानीय लोग अब तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
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बर्ड फ्लू अलर्ट के बीच दिल्ली से आए चूजे, बिलासपुर स्टेशन पर खुले में उतरे, संक्रमण फैलने का बढ़ा खतरा
बिलासपुर (छ.ग.)
बिलासपुर में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद जहां प्रशासन ने मुर्गियों की बिक्री और सप्लाई पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया है, वहीं रविवार को एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। दिल्ली से बड़ी संख्या में चूजों की खेप बिलासपुर रेलवे स्टेशन पहुंची और इन्हें खुले में उतार दिया गया। इस घटना ने यात्रियों और स्थानीय लोगों के बीच डर और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।
रेलवे स्टेशन जैसे भीड़भाड़ वाले स्थान पर इस तरह खुले में चूजों का उतारा जाना न केवल नियमों की अनदेखी को दर्शाता है, बल्कि संक्रमण फैलने के खतरे को भी बढ़ाता है। खास बात यह रही कि मौके पर कोई प्रशासनिक निगरानी या सुरक्षा व्यवस्था मौजूद नहीं थी, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
स्टेशन पर लापरवाही से बढ़ा खतरा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चूजों को बिना किसी सुरक्षा प्रोटोकॉल के प्लेटफॉर्म पर उतारा गया। इस दौरान वहां मौजूद यात्रियों और कर्मचारियों के बीच संक्रमण फैलने की आशंका को लेकर अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के बावजूद इस तरह की गतिविधि सवाल खड़े कर रही है।
कुक्कुट पालन केंद्र में भारी नुकसान
शहर के कोनी क्षेत्र स्थित शासकीय कुक्कुट पालन केंद्र में बर्ड फ्लू का असर बेहद गंभीर रहा है। यहां अब तक 30 हजार से अधिक मुर्गियों की मौत हो चुकी है। इस स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी किया है और पोल्ट्री से जुड़ी सभी गतिविधियों पर रोक लगा दी है।
तखतपुर में लापरवाही से बढ़ा संक्रमण का जोखिम
तखतपुर क्षेत्र से भी चिंताजनक तस्वीर सामने आई है, जहां एक पोल्ट्री फार्म संचालक ने मृत मुर्गियों को बोरी में भरकर खुले में फेंक दिया। इन शवों को कुत्तों द्वारा नोचते देखा गया, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा कई गुना बढ़ गया है। इस तरह की लापरवाही न केवल पर्यावरण के लिए बल्कि मानव और पशुओं के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बन सकती है।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी, कंट्रोल रूम सक्रिय
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जो कलेक्टोरेट भवन के कक्ष क्रमांक 25 में संचालित किया जा रहा है। नागरिकों के लिए 07752-251000 नंबर जारी किया गया है, जहां बर्ड फ्लू से जुड़ी किसी भी सूचना या शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। यह कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय है और लगातार निगरानी रखी जा रही है।
लोगों में बढ़ी चिंता, कार्रवाई की मांग
रेलवे स्टेशन पर खुले में चूजों की सप्लाई की घटना ने लोगों के मन में भय और असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। नागरिकों का कहना है कि जब प्रशासन ने पहले ही रोक लगा दी है, तो इस तरह की लापरवाही कैसे हो रही है। स्थानीय लोग अब तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
