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टैक्स बचाने के लिए बचे सिर्फ 2 दिन: PPF, NPS और सुकन्या खातों में जमा करें मिनिमम राशि
बिजनेस न्यूज
31 मार्च की डेडलाइन से पहले निपटाएं 3 जरूरी वित्तीय काम; अप्रैल से लागू होंगे 10 बड़े बदलाव
आज 30 मार्च 2026 है और देशभर के निवेशक और नौकरीपेशा नागरिक अपने वित्तीय कामों को समय पर निपटाने के लिए अब सिर्फ 2 दिन बचे हैं। पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF), नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) जैसे खातों में न्यूनतम राशि जमा करना 31 मार्च की रात 12 बजे तक अनिवार्य है। इसके साथ ही टैक्स बचत और ऑफिस में इन्वेस्टमेंट प्रूफ जमा करने की डेडलाइन भी समाप्त हो जाएगी।
31 मार्च तक निपटाने योग्य 3 काम
सरकारी स्कीम्स को चालू रखें
PPF, NPS और SSY में सालाना ₹250 से ₹500 तक की न्यूनतम राशि जमा करना आवश्यक है। यदि यह राशि जमा नहीं होती, तो खाता निष्क्रिय हो जाएगा और चालू कराने के लिए पेनाल्टी और बैंक के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं। इन खातों में निवेश पर इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की छूट मिलती है।
पुरानी टैक्स रिजीम में निवेश
सेक्शन 80C और 80D के तहत निवेश करने के लिए यह अंतिम दिन है। PPF, लाइफ इंश्योरेंस और हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम में निवेश से इस वित्तीय वर्ष में टैक्स छूट मिल सकती है। 1 अप्रैल के बाद किया गया निवेश अगले साल के खाते में गिना जाएगा।
ऑफिस में इन्वेस्टमेंट प्रूफ जमा करें
नौकरीपेशा लोगों को किराया प्रमाणपत्र, बीमा प्रीमियम रसीद और होम लोन ब्याज सर्टिफिकेट जैसी दस्तावेज़ ऑफिस में जमा करने होंगे। समय पर जमा न करने पर कंपनी अंतिम सैलरी से अधिक TDS काट सकती है, जिसे वापस पाने के लिए इनकम टैक्स रिटर्न भरना पड़ेगा।
1 अप्रैल से लागू होंगे 10 बड़े बदलाव
अप्रैल 2026 से वित्तीय नियमों में कई बदलाव हो रहे हैं। इनमें मिनिमम बैलेंस नियम, निवेश और टैक्स कटौती की शर्तें, और PPF/NPS/SSY से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, 31 मार्च की डेडलाइन से पहले ये काम निपटाना निवेशकों और नौकरीपेशाओं के लिए फायदेमंद रहेगा।
वित्तीय सलाहकारों का कहना है कि समय पर निवेश और डॉक्यूमेंट्स जमा करने से न केवल टैक्स बचता है, बल्कि बैंकिंग और निवेश खातों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है। उन्होंने निवेशकों को अंतिम दिन भी सक्रिय रहने की चेतावनी दी है।
31 मार्च के बाद निवेश और दस्तावेज जमा करने पर छूट अगले वित्तीय वर्ष में शामिल होगी। इसलिए निवेशक और नौकरीपेशा लोग समय पर यह काम निपटाएं और नियमों के बदलाव के अनुसार योजना बनाएं।
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टैक्स बचाने के लिए बचे सिर्फ 2 दिन: PPF, NPS और सुकन्या खातों में जमा करें मिनिमम राशि
बिजनेस न्यूज
आज 30 मार्च 2026 है और देशभर के निवेशक और नौकरीपेशा नागरिक अपने वित्तीय कामों को समय पर निपटाने के लिए अब सिर्फ 2 दिन बचे हैं। पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF), नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) जैसे खातों में न्यूनतम राशि जमा करना 31 मार्च की रात 12 बजे तक अनिवार्य है। इसके साथ ही टैक्स बचत और ऑफिस में इन्वेस्टमेंट प्रूफ जमा करने की डेडलाइन भी समाप्त हो जाएगी।
31 मार्च तक निपटाने योग्य 3 काम
सरकारी स्कीम्स को चालू रखें
PPF, NPS और SSY में सालाना ₹250 से ₹500 तक की न्यूनतम राशि जमा करना आवश्यक है। यदि यह राशि जमा नहीं होती, तो खाता निष्क्रिय हो जाएगा और चालू कराने के लिए पेनाल्टी और बैंक के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं। इन खातों में निवेश पर इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की छूट मिलती है।
पुरानी टैक्स रिजीम में निवेश
सेक्शन 80C और 80D के तहत निवेश करने के लिए यह अंतिम दिन है। PPF, लाइफ इंश्योरेंस और हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम में निवेश से इस वित्तीय वर्ष में टैक्स छूट मिल सकती है। 1 अप्रैल के बाद किया गया निवेश अगले साल के खाते में गिना जाएगा।
ऑफिस में इन्वेस्टमेंट प्रूफ जमा करें
नौकरीपेशा लोगों को किराया प्रमाणपत्र, बीमा प्रीमियम रसीद और होम लोन ब्याज सर्टिफिकेट जैसी दस्तावेज़ ऑफिस में जमा करने होंगे। समय पर जमा न करने पर कंपनी अंतिम सैलरी से अधिक TDS काट सकती है, जिसे वापस पाने के लिए इनकम टैक्स रिटर्न भरना पड़ेगा।
1 अप्रैल से लागू होंगे 10 बड़े बदलाव
अप्रैल 2026 से वित्तीय नियमों में कई बदलाव हो रहे हैं। इनमें मिनिमम बैलेंस नियम, निवेश और टैक्स कटौती की शर्तें, और PPF/NPS/SSY से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, 31 मार्च की डेडलाइन से पहले ये काम निपटाना निवेशकों और नौकरीपेशाओं के लिए फायदेमंद रहेगा।
वित्तीय सलाहकारों का कहना है कि समय पर निवेश और डॉक्यूमेंट्स जमा करने से न केवल टैक्स बचता है, बल्कि बैंकिंग और निवेश खातों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है। उन्होंने निवेशकों को अंतिम दिन भी सक्रिय रहने की चेतावनी दी है।
31 मार्च के बाद निवेश और दस्तावेज जमा करने पर छूट अगले वित्तीय वर्ष में शामिल होगी। इसलिए निवेशक और नौकरीपेशा लोग समय पर यह काम निपटाएं और नियमों के बदलाव के अनुसार योजना बनाएं।
