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पुलिस कार्रवाई से नाराज युवक पानी टंकी पर चढ़ा, आत्महत्या की धमकी से मचा हड़कंप
Digital Desk
मारपीट और जबरन पैसे लेने के आरोप लगाकर इंसाफ की मांग, तेज बारिश के बीच घंटों टंकी पर डटा रहा युवक; प्रशासन मनाने में जुटा
हरदीबाजार थाना क्षेत्र के ग्राम नेवसा में गुरुवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब एक युवक गांव की ऊंची पानी टंकी पर चढ़ गया और आत्महत्या करने की धमकी देने लगा। युवक पुलिस कार्रवाई से नाराज बताया जा रहा है। उसने पुलिस पर मारपीट करने और जबरन पैसे लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना की खबर फैलते ही गांव में बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों को भी तत्काल मौके पर पहुंचना पड़ा। कई घंटों तक चले घटनाक्रम के दौरान अधिकारी युवक को समझाने का प्रयास करते रहे।
जानकारी के अनुसार नेवसा निवासी रफीक मोहम्मद ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में यह कदम उठाया। बताया जा रहा है कि वह गुरुवार सुबह गांव की पानी टंकी पर चढ़ गया और ऊपर से ही अपनी मांगें रखने लगा। उसका कहना था कि जब तक उसे न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वह नीचे नहीं उतरेगा। इस दौरान इलाके में तनाव का माहौल बना रहा और लोगों की निगाहें टंकी पर टिकी रहीं।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक रफीक मोहम्मद और दीपेश निर्मलकर ने हरदीबाजार थाना प्रभारी प्रमोद कुमार डनसेना पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दोनों का दावा है कि कुछ दिन पहले पुलिस उन्हें ग्राम सिरली के पास से पकड़कर थाने ले गई थी। वहां उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई और उनसे 23 हजार 500 रुपए भी ले लिए गए। इन आरोपों को लेकर दोनों युवकों में नाराजगी थी और इसी के विरोध में रफीक ने पानी टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
गुरुवार सुबह से ही मौसम खराब था और बीच-बीच में तेज बारिश भी हो रही थी। इसके बावजूद युवक टंकी से नीचे उतरने को तैयार नहीं था। वह ऊपर से लगातार अपनी बात दोहराता रहा और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करता रहा। ग्रामीणों का कहना था कि युवक मानसिक दबाव में दिखाई दे रहा था और अपनी शिकायतों को लेकर काफी आक्रोशित था।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंच गई। नए तहसीलदार विमल खांडेकर समेत कई अधिकारी गांव पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने पहले परिजनों को आगे कर युवक को समझाने की कोशिश की। बाद में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और गांव के वरिष्ठ लोगों की मदद भी ली गई ताकि युवक को सुरक्षित नीचे उतारा जा सके।
इस पूरे मामले में हरदीबाजार थाना प्रभारी प्रमोद कुमार डनसेना ने लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उनका कहना है कि पुलिस ने कानून के अनुसार कार्रवाई की थी। थाना प्रभारी के मुताबिक दोनों युवक कथित तौर पर जुआ गतिविधियों से जुड़े हुए थे और सूचना मिलने पर उनके खिलाफ धारा 151 के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई थी। उन्होंने मारपीट और पैसे लेने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पुलिस ने किसी प्रकार की गैरकानूनी कार्रवाई नहीं की है।
हालांकि गांव के कुछ लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि हाल के दिनों में पुलिस द्वारा कई लोगों को पूछताछ के नाम पर घरों से उठाकर थाने ले जाया गया है। कुछ ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि यदि किसी के खिलाफ शिकायत थी तो उसके साथ कथित तौर पर बल प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए था। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन घटना के बाद गांव में इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई।
ग्रामीणों ने एक अन्य युवक अनवर अली का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि वह कई दिनों से घर नहीं लौटा है और उसके परिवार वाले भी चिंतित हैं। हालांकि इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।
तेज बारिश और खराब मौसम के बावजूद युवक के टंकी पर चढ़े रहने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई थी। अधिकारियों को आशंका थी कि कोई भी अप्रिय घटना हो सकती है। इसलिए सुरक्षा के लिहाज से अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया। आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित किया गया और लोगों को टंकी के करीब जाने से रोका गया। लोग अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे थे। कुछ लोग युवक की मांगों को गंभीरता से लेने की बात कह रहे थे, जबकि कुछ का मानना था कि कानून हाथ में लेने के बजाय शिकायत के लिए वैधानिक रास्ता अपनाना चाहिए।
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पुलिस कार्रवाई से नाराज युवक पानी टंकी पर चढ़ा, आत्महत्या की धमकी से मचा हड़कंप
Digital Desk
हरदीबाजार थाना क्षेत्र के ग्राम नेवसा में गुरुवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब एक युवक गांव की ऊंची पानी टंकी पर चढ़ गया और आत्महत्या करने की धमकी देने लगा। युवक पुलिस कार्रवाई से नाराज बताया जा रहा है। उसने पुलिस पर मारपीट करने और जबरन पैसे लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना की खबर फैलते ही गांव में बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों को भी तत्काल मौके पर पहुंचना पड़ा। कई घंटों तक चले घटनाक्रम के दौरान अधिकारी युवक को समझाने का प्रयास करते रहे।
जानकारी के अनुसार नेवसा निवासी रफीक मोहम्मद ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में यह कदम उठाया। बताया जा रहा है कि वह गुरुवार सुबह गांव की पानी टंकी पर चढ़ गया और ऊपर से ही अपनी मांगें रखने लगा। उसका कहना था कि जब तक उसे न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वह नीचे नहीं उतरेगा। इस दौरान इलाके में तनाव का माहौल बना रहा और लोगों की निगाहें टंकी पर टिकी रहीं।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक रफीक मोहम्मद और दीपेश निर्मलकर ने हरदीबाजार थाना प्रभारी प्रमोद कुमार डनसेना पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दोनों का दावा है कि कुछ दिन पहले पुलिस उन्हें ग्राम सिरली के पास से पकड़कर थाने ले गई थी। वहां उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई और उनसे 23 हजार 500 रुपए भी ले लिए गए। इन आरोपों को लेकर दोनों युवकों में नाराजगी थी और इसी के विरोध में रफीक ने पानी टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
गुरुवार सुबह से ही मौसम खराब था और बीच-बीच में तेज बारिश भी हो रही थी। इसके बावजूद युवक टंकी से नीचे उतरने को तैयार नहीं था। वह ऊपर से लगातार अपनी बात दोहराता रहा और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करता रहा। ग्रामीणों का कहना था कि युवक मानसिक दबाव में दिखाई दे रहा था और अपनी शिकायतों को लेकर काफी आक्रोशित था।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंच गई। नए तहसीलदार विमल खांडेकर समेत कई अधिकारी गांव पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने पहले परिजनों को आगे कर युवक को समझाने की कोशिश की। बाद में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और गांव के वरिष्ठ लोगों की मदद भी ली गई ताकि युवक को सुरक्षित नीचे उतारा जा सके।
इस पूरे मामले में हरदीबाजार थाना प्रभारी प्रमोद कुमार डनसेना ने लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उनका कहना है कि पुलिस ने कानून के अनुसार कार्रवाई की थी। थाना प्रभारी के मुताबिक दोनों युवक कथित तौर पर जुआ गतिविधियों से जुड़े हुए थे और सूचना मिलने पर उनके खिलाफ धारा 151 के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई थी। उन्होंने मारपीट और पैसे लेने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पुलिस ने किसी प्रकार की गैरकानूनी कार्रवाई नहीं की है।
हालांकि गांव के कुछ लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि हाल के दिनों में पुलिस द्वारा कई लोगों को पूछताछ के नाम पर घरों से उठाकर थाने ले जाया गया है। कुछ ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि यदि किसी के खिलाफ शिकायत थी तो उसके साथ कथित तौर पर बल प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए था। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन घटना के बाद गांव में इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई।
ग्रामीणों ने एक अन्य युवक अनवर अली का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि वह कई दिनों से घर नहीं लौटा है और उसके परिवार वाले भी चिंतित हैं। हालांकि इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।
तेज बारिश और खराब मौसम के बावजूद युवक के टंकी पर चढ़े रहने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई थी। अधिकारियों को आशंका थी कि कोई भी अप्रिय घटना हो सकती है। इसलिए सुरक्षा के लिहाज से अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया। आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित किया गया और लोगों को टंकी के करीब जाने से रोका गया। लोग अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे थे। कुछ लोग युवक की मांगों को गंभीरता से लेने की बात कह रहे थे, जबकि कुछ का मानना था कि कानून हाथ में लेने के बजाय शिकायत के लिए वैधानिक रास्ता अपनाना चाहिए।
