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नक्सलियों के आखिरी गढ़ पर हमला: 18 नक्सली मारे गए, ऑपरेशन जारी
Bijapur
छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में नक्सलियों के सबसे मजबूत गढ़ माने जाने वाले कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर सुरक्षाबलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नक्सलियों को करारा जवाब दिया है।
सोमवार तड़के शुरू हुए इस संयुक्त अभियान में अब तक 18 नक्सलियों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 20 से 22 नक्सलियों के मारे जाने की संभावना जताई जा रही है।
ड्रोन कैमरे से मिली मूवमेंट की जानकारी
सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में ड्रोन कैमरे की निगरानी में कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर नक्सलियों की संदिग्ध गतिविधियां दर्ज की गई थीं। इसके बाद सुरक्षाबलों ने योजनाबद्ध तरीके से डीआरजी, कोबरा, एसटीएफ और सीआरपीएफ की संयुक्त टुकड़ियों के साथ ऑपरेशन की शुरुआत की।
कमान खुद वरिष्ठ अधिकारियों के हाथ में
ऑपरेशन की गंभीरता और महत्व को देखते हुए दिल्ली से सीआरपीएफ के डीजी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह स्वयं स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के एडीजी (नक्सल ऑपरेशन) विवेकानंद सिन्हा, सीआरपीएफ आईजी राकेश अग्रवाल और बस्तर आईजी पी. सुंदरराज भी ऑपरेशन पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
नक्सलियों की मांद में घुसकर जवाब
बताया जा रहा है कि पहाड़ी क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों को तीन ओर से घेर लिया था, जिससे मुठभेड़ तेज हो गई। जवानों ने दुर्गम जंगलों और पहाड़ियों में घुसकर नक्सलियों की मांद में सीधे टक्कर दी। स्थानीय स्तर पर यह अब तक की सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है।
शाम तक मिल सकती है ऐतिहासिक सफलता
अधिकारियों का मानना है कि यदि सब कुछ योजना के अनुसार चलता रहा, तो यह अभियान शाम तक एक ऐतिहासिक उपलब्धि में बदल सकता है। ऑपरेशन में आगे भी तलाशी और पुष्टि का कार्य जारी रहेगा।
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नक्सलियों के आखिरी गढ़ पर हमला: 18 नक्सली मारे गए, ऑपरेशन जारी
Bijapur
सोमवार तड़के शुरू हुए इस संयुक्त अभियान में अब तक 18 नक्सलियों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 20 से 22 नक्सलियों के मारे जाने की संभावना जताई जा रही है।
ड्रोन कैमरे से मिली मूवमेंट की जानकारी
सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में ड्रोन कैमरे की निगरानी में कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर नक्सलियों की संदिग्ध गतिविधियां दर्ज की गई थीं। इसके बाद सुरक्षाबलों ने योजनाबद्ध तरीके से डीआरजी, कोबरा, एसटीएफ और सीआरपीएफ की संयुक्त टुकड़ियों के साथ ऑपरेशन की शुरुआत की।
कमान खुद वरिष्ठ अधिकारियों के हाथ में
ऑपरेशन की गंभीरता और महत्व को देखते हुए दिल्ली से सीआरपीएफ के डीजी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह स्वयं स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के एडीजी (नक्सल ऑपरेशन) विवेकानंद सिन्हा, सीआरपीएफ आईजी राकेश अग्रवाल और बस्तर आईजी पी. सुंदरराज भी ऑपरेशन पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
नक्सलियों की मांद में घुसकर जवाब
बताया जा रहा है कि पहाड़ी क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों को तीन ओर से घेर लिया था, जिससे मुठभेड़ तेज हो गई। जवानों ने दुर्गम जंगलों और पहाड़ियों में घुसकर नक्सलियों की मांद में सीधे टक्कर दी। स्थानीय स्तर पर यह अब तक की सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है।
शाम तक मिल सकती है ऐतिहासिक सफलता
अधिकारियों का मानना है कि यदि सब कुछ योजना के अनुसार चलता रहा, तो यह अभियान शाम तक एक ऐतिहासिक उपलब्धि में बदल सकता है। ऑपरेशन में आगे भी तलाशी और पुष्टि का कार्य जारी रहेगा।
