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बीएड डिग्रीधारी बर्खास्त सहायक शिक्षकों ने किया मंत्रालय का घेराव
Raipur, CG
प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर धोखा देने का आरोप लगाया. शिक्षकों ने कहा कि हमें कमेटी नहीं कमिटमेंट चाहिए.
एक बार फिर बर्खास्त B.Ed डिग्रीधारी सहायक शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. बर्खास्त सहायक शिक्षक तूता में धरने पर बैठ गए हैं. प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने आज मंत्रालय का भी घेराव किया. मंत्रालय का घेराव करने पहुंचे सहायक शिक्षकों कहना है कि वो अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए हैं. सहायक शिक्षकों का कहना है कि उन लोगों ने पर शिक्षा सचिव से भी बात की. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शिक्षा सचिव का रवैया देखकर लगता नहीं है कि उनकी मांगों को लेकर वो गंभीर भी हैं. प्रदर्शनकारियों ने फिर सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जबतक हमारी मांगें नहीं मानी जाती हम प्रदर्शन जारी रखेंगे.
बर्खास्त बीए़डधारी शिक्षकों का प्रदर्शन: बर्खास्त B.Ed सहायक शिक्षक सौरव साहू ने बताया कि हमें नौकरी पर वापस रखने की सरकार की नियत ही नहीं दिख रही है. सरकार सिर्फ हमें थका रही है, हम सरकार को बताना चाहते हैं कि हम थकने वाले नहीं हैं. जब तक हमारा समायोजन नहीं होता तब तक हम आंदोलन करते रहेंगे. हमारी मांगों के लिए कमेटी बनाई गई है, लेकिन हमें कमेटी नहीं बल्कि कमिटमेंट चाहिए. हमें रोजगार के बदले रोजगार चाहिए. हमें शिक्षक के बदले शिक्षक बनाया जाए.
हमारी मांगों का निर्णय लेने के लिए कमेटी गठित की गई है जो डेढ़ महीने में निर्णय लेने वाली थी. आज डेढ़ महीने का समय बीत गया है, अब तक कमेटी ने कोई निर्णय नहीं लिया. इस वजह से हमें दोबारा सड़क पर उतरना पड़ा है. हमसे पूछा जा रहा है कि आप कौन हैं, इसका मतलब यह हुआ कि आप हमारी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे - शारदा पटेल, पूर्व सहायक शिक्षक
''सरकार हमें घुमा रही'': शारदा पटेल ने कहा कि हमें कानूनी रुप से आगे जाने के लिए कहा जा रहा है जबकि हमें जितना लीगल जाना था हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट जा चुके हैं. हमारा और मध्य प्रदेश का मामला कैसे अलग अलग हो सकता है. शारदा पटेल ने कहा कि हमारे 2897 लोगों को कमेटी के नाम पर धोखा दिया गया है. गवर्नमेंट सिर्फ टाइम पास करना चाहती है. कोर्ट से गवर्नमेंट, गवर्नमेंट से कमेटी, कमेटी के बाद फिर सरकार डिसीजन लेगी. इसी तरह हम गोल-गोल घूम रहे हैं. हम किसके पास जाएं जो हमारी समस्या का समाधान करे.
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बीएड डिग्रीधारी बर्खास्त सहायक शिक्षकों ने किया मंत्रालय का घेराव
Raipur, CG
एक बार फिर बर्खास्त B.Ed डिग्रीधारी सहायक शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. बर्खास्त सहायक शिक्षक तूता में धरने पर बैठ गए हैं. प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने आज मंत्रालय का भी घेराव किया. मंत्रालय का घेराव करने पहुंचे सहायक शिक्षकों कहना है कि वो अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए हैं. सहायक शिक्षकों का कहना है कि उन लोगों ने पर शिक्षा सचिव से भी बात की. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शिक्षा सचिव का रवैया देखकर लगता नहीं है कि उनकी मांगों को लेकर वो गंभीर भी हैं. प्रदर्शनकारियों ने फिर सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जबतक हमारी मांगें नहीं मानी जाती हम प्रदर्शन जारी रखेंगे.
बर्खास्त बीए़डधारी शिक्षकों का प्रदर्शन: बर्खास्त B.Ed सहायक शिक्षक सौरव साहू ने बताया कि हमें नौकरी पर वापस रखने की सरकार की नियत ही नहीं दिख रही है. सरकार सिर्फ हमें थका रही है, हम सरकार को बताना चाहते हैं कि हम थकने वाले नहीं हैं. जब तक हमारा समायोजन नहीं होता तब तक हम आंदोलन करते रहेंगे. हमारी मांगों के लिए कमेटी बनाई गई है, लेकिन हमें कमेटी नहीं बल्कि कमिटमेंट चाहिए. हमें रोजगार के बदले रोजगार चाहिए. हमें शिक्षक के बदले शिक्षक बनाया जाए.
हमारी मांगों का निर्णय लेने के लिए कमेटी गठित की गई है जो डेढ़ महीने में निर्णय लेने वाली थी. आज डेढ़ महीने का समय बीत गया है, अब तक कमेटी ने कोई निर्णय नहीं लिया. इस वजह से हमें दोबारा सड़क पर उतरना पड़ा है. हमसे पूछा जा रहा है कि आप कौन हैं, इसका मतलब यह हुआ कि आप हमारी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे - शारदा पटेल, पूर्व सहायक शिक्षक
''सरकार हमें घुमा रही'': शारदा पटेल ने कहा कि हमें कानूनी रुप से आगे जाने के लिए कहा जा रहा है जबकि हमें जितना लीगल जाना था हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट जा चुके हैं. हमारा और मध्य प्रदेश का मामला कैसे अलग अलग हो सकता है. शारदा पटेल ने कहा कि हमारे 2897 लोगों को कमेटी के नाम पर धोखा दिया गया है. गवर्नमेंट सिर्फ टाइम पास करना चाहती है. कोर्ट से गवर्नमेंट, गवर्नमेंट से कमेटी, कमेटी के बाद फिर सरकार डिसीजन लेगी. इसी तरह हम गोल-गोल घूम रहे हैं. हम किसके पास जाएं जो हमारी समस्या का समाधान करे.
