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मानसून सत्र से पहले कांग्रेस का सड़क पर विरोध: विधायक हर्षिता बघेल ने डोंगरगढ़-खैरागढ़ मार्ग की बदहाली पर धरना दिया
Rajnandgaon, CG
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र से ठीक एक दिन पहले कांग्रेस ने सड़कों की दुर्दशा को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता बघेल और उनके समर्थक खैरागढ़-डोंगरगढ़ मार्ग की जर्जर स्थिति के विरोध में धरने पर बैठ गए। उन्होंने शासन और प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए तत्काल सड़क मरम्मत की मांग की।
8 साल से नहीं सुधरी सड़क, गड्ढों में समा रही गाड़ियां
डोंगरगढ़ से खैरागढ़ और महाराष्ट्र की ओर जाने वाला यह प्रमुख मार्ग पिछले 8 वर्षों से खस्ताहाल है। ढारा से सिदार खपरी तक की सड़क इतनी खराब है कि उसमें गहरे गड्ढे बन चुके हैं। बारिश के मौसम में ये गड्ढे जलभराव से भर जाते हैं और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
धर्मनगरी पहुंचने वाले श्रद्धालु भी परेशान
यह मार्ग मां बमलेश्वरी मंदिर डोंगरगढ़ और करेला भवानी मंदिर तक पहुंचने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए मुख्य रास्ता है। लेकिन खराब सड़क के कारण उनकी यात्रा कष्टप्रद हो गई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की बातें तो होती हैं, लेकिन बुनियादी सुविधा तक नहीं मिल रही।
PMGSY के तहत आती है सड़क, फिर भी लापरवाही
कार्यपालन अभियंता के अनुसार, यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत आती है, और इसकी मरम्मत की जिम्मेदारी उसी के पास है। विधायक हर्षिता बघेल ने बताया कि विभागीय पत्राचार, ज्ञापन और कई बार शिकायतों के बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
सत्ता बदली, समस्या वही
इस सड़क को लेकर राजनीतिक दलों की भूमिका भी सवालों में है। जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब भाजपा ने इसी मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया था। अब भाजपा सरकार में है और कांग्रेस उसी सड़क को लेकर आंदोलन कर रही है। जनता का कहना है कि सरकारें बदल गईं, पर सड़क का हाल नहीं बदला।
धरने में क्या हुई मांगें
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तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करने की घोषणा
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स्थायी समाधान के लिए DPR और बजट स्वीकृति
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PMGSY के तहत जवाबदेही तय की जाए
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धार्मिक पर्यटन मार्गों को प्राथमिकता दी जाए
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मानसून सत्र से पहले कांग्रेस का सड़क पर विरोध: विधायक हर्षिता बघेल ने डोंगरगढ़-खैरागढ़ मार्ग की बदहाली पर धरना दिया
Rajnandgaon, CG
डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता बघेल और उनके समर्थक खैरागढ़-डोंगरगढ़ मार्ग की जर्जर स्थिति के विरोध में धरने पर बैठ गए। उन्होंने शासन और प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए तत्काल सड़क मरम्मत की मांग की।
8 साल से नहीं सुधरी सड़क, गड्ढों में समा रही गाड़ियां
डोंगरगढ़ से खैरागढ़ और महाराष्ट्र की ओर जाने वाला यह प्रमुख मार्ग पिछले 8 वर्षों से खस्ताहाल है। ढारा से सिदार खपरी तक की सड़क इतनी खराब है कि उसमें गहरे गड्ढे बन चुके हैं। बारिश के मौसम में ये गड्ढे जलभराव से भर जाते हैं और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
धर्मनगरी पहुंचने वाले श्रद्धालु भी परेशान
यह मार्ग मां बमलेश्वरी मंदिर डोंगरगढ़ और करेला भवानी मंदिर तक पहुंचने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए मुख्य रास्ता है। लेकिन खराब सड़क के कारण उनकी यात्रा कष्टप्रद हो गई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की बातें तो होती हैं, लेकिन बुनियादी सुविधा तक नहीं मिल रही।
PMGSY के तहत आती है सड़क, फिर भी लापरवाही
कार्यपालन अभियंता के अनुसार, यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत आती है, और इसकी मरम्मत की जिम्मेदारी उसी के पास है। विधायक हर्षिता बघेल ने बताया कि विभागीय पत्राचार, ज्ञापन और कई बार शिकायतों के बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
सत्ता बदली, समस्या वही
इस सड़क को लेकर राजनीतिक दलों की भूमिका भी सवालों में है। जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब भाजपा ने इसी मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया था। अब भाजपा सरकार में है और कांग्रेस उसी सड़क को लेकर आंदोलन कर रही है। जनता का कहना है कि सरकारें बदल गईं, पर सड़क का हाल नहीं बदला।
धरने में क्या हुई मांगें
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तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करने की घोषणा
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स्थायी समाधान के लिए DPR और बजट स्वीकृति
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PMGSY के तहत जवाबदेही तय की जाए
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धार्मिक पर्यटन मार्गों को प्राथमिकता दी जाए
