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भिलाई में भूपेश बघेल का बयान: ट्रम्प ने एपस्टीन फाइल से ध्यान भटकाने को बढ़ाया तनाव
भिलाई (छ.ग.)
होली मिलन कार्यक्रम में बोले पूर्व मुख्यमंत्री, अमेरिका की विदेश नीति और वैश्विक संघर्षों पर उठाए सवाल
दुर्ग-भिलाई। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने गुरुवार को भिलाई में आयोजित होली मिलन कार्यक्रम के दौरान वैश्विक राजनीति और मौजूदा अंतरराष्ट्रीय तनाव पर टिप्पणी करते हुए अमेरिका और उसके नेतृत्व पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि दुनिया में बढ़ते संघर्षों के पीछे कई राजनीतिक कारण हैं और कुछ ताकतें विवादित मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए अंतरराष्ट्रीय तनाव को बढ़ावा दे रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी राजनीति में चल रही एपस्टीन फाइल से जुड़े विवाद से ध्यान भटकाने के लिए तनाव बढ़ाया जा रहा है।
भिलाई के अजंता पैलेस में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं की मौजूदगी में बघेल ने कहा कि आज यदि दुनिया में कोई देश सबसे अधिक असुरक्षित और चिंतित दिखाई देता है तो वह अमेरिका है। उनके मुताबिक अमेरिका की सबसे बड़ी चिंता डॉलर की वैश्विक स्थिति को बनाए रखने की है, और इसी कारण वह उन क्षेत्रों में सक्रिय रहता है जहां तेल संसाधन मौजूद हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में जारी संघर्षों में अमेरिका की भूमिका पर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि वेनेजुएला, ईरान जैसे देशों के साथ अमेरिका के संबंध और वहां की राजनीतिक परिस्थितियां यह दिखाती हैं कि वैश्विक राजनीति में ऊर्जा संसाधनों का बड़ा महत्व है।
कार्यक्रम के दौरान बघेल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे ईरान-इजराइल तनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं को लेकर दुनिया भर में कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं और लोग समझने की कोशिश कर रहे हैं कि इन संघर्षों के पीछे वास्तविक कारण क्या हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ राजनीतिक शक्तियां अपने हितों की रक्षा के लिए विश्व में अस्थिरता का माहौल बना रही हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने भारत की विदेश नीति को लेकर भी टिप्पणी की और प्रधानमंत्री Narendra Modi की ओर संकेत करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय संकट के समय देश के नेतृत्व की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जाता है। उन्होंने कहा कि लोग उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार वैश्विक परिस्थितियों पर स्पष्ट रुख रखे।
इस दौरान उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री Manmohan Singh का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में भारत की आवाज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रभावी तरीके से सुनी जाती थी। बघेल के अनुसार वैश्विक संकट के दौर में नेतृत्व की भूमिका और बयान महत्वपूर्ण होते हैं।
कार्यक्रम में बघेल ने तेल आपूर्ति और ऊर्जा संकट की संभावनाओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता है और समुद्री मार्ग प्रभावित होते हैं, तो तेल और गैस की आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। इसका सीधा प्रभाव पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ सकता है, जिससे आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
होली मिलन कार्यक्रम में कांग्रेस के कई स्थानीय नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक तरीके से होली मिलन, पूजा और सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित की गईं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पड़ सकता है। ऐसे में भारत सहित कई देशों की निगाहें आने वाले दिनों में क्षेत्रीय घटनाक्रम और कूटनीतिक प्रयासों पर टिकी हुई हैं।
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