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बिलासपुर में 180 क्विंटल अमानक खाद जब्त, कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई
बिलासपुर,(छ.ग.)
पांच दुकानों की जांच में मिली गड़बड़ियां, कई विक्रेताओं को नोटिस जारी
बिलासपुर जिले में किसानों को बेचे जा रहे खाद और कृषि आदानों की गुणवत्ता को लेकर कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। रतनपुर क्षेत्र में जांच के दौरान करीब 180 क्विंटल अमानक खाद जब्त की गई है। मामले के सामने आने के बाद कृषि विभाग ने संबंधित विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक किसानों को गुणवत्तायुक्त खाद और बीज उपलब्ध कराने के निर्देश पहले ही जारी किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद कुछ दुकानों में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था।
बताया जा रहा है कि कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर कृषि विभाग की टीम ने बुधवार को रतनपुर और आसपास के इलाकों में खाद-बीज दुकानों की जांच की। इस दौरान सेवा सहकारी समिति चपोरा, महेश्वरी कृषि केंद्र रतनपुर, मेंसर्स गुप्ता ग्रेन मर्चेंट रतनपुर, सेवा सहकारी समिति रतनपुर और उन्नत कृषि सेवा केंद्र रतनपुर में दस्तावेजों और भंडारण व्यवस्था की जांच की गई। जांच के दौरान कई जगह रिकॉर्ड में गड़बड़ी और भंडारण से जुड़ी अनियमितताएं सामने आईं। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद दस्तावेजों का मिलान किया तो कई जानकारियां मेल नहीं खाईं। इसके बाद संबंधित संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
कृषि विभाग की टीम जब मेंसर्स गुप्ता ग्रेन मर्चेंट पहुंची तो वहां बड़ी मात्रा में एनपीके 20:20:0:13 उर्वरक रखा मिला। प्रारंभिक जांच में इसे अमानक पाया गया। अधिकारियों के अनुसार करीब 180 क्विंटल खाद को तत्काल प्रभाव से जब्त कर उसके विक्रय पर रोक लगा दी गई है। विभाग का कहना है कि खाद के नमूने परीक्षण के लिए भेजे जाएंगे, ताकि गुणवत्ता की पुष्टि हो सके। जांच के दौरान दुकान में मौजूद कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई।
स्थानीय किसानों का कहना है कि खरीफ सीजन शुरू होने से पहले खाद की मांग तेजी से बढ़ जाती है। ऐसे समय में अगर अमानक या नकली खाद बाजार में बिके तो इसका सीधा असर फसल पर पड़ता है। कुछ किसानों ने बताया कि पिछले साल भी कई इलाकों में खराब गुणवत्ता वाले खाद और बीज की शिकायतें सामने आई थीं। हालांकि कार्रवाई कम होने से ऐसे मामलों में रोक नहीं लग पाई। अब कृषि विभाग की सख्ती के बाद उम्मीद की जा रही है कि बाजार में गुणवत्ता को लेकर निगरानी बढ़ेगी।
जांच के दौरान अधिकारियों ने स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर और लाइसेंस दस्तावेजों की भी जांच की। कुछ प्रतिष्ठानों में रिकॉर्ड अपडेट नहीं मिला। वहीं कुछ जगहों पर भंडारण नियमों का पालन नहीं होने की बात सामने आई। सूत्रों के मुताबिक विभाग आने वाले दिनों में जिले के दूसरे इलाकों में भी इसी तरह का अभियान चला सकता है। खासतौर पर उन दुकानों पर नजर रखी जा रही है जहां पहले भी शिकायतें मिल चुकी हैं।
कृषि विभाग के उप संचालक पीडी हथेश्वर ने कहा कि किसानों के हितों से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि अमानक उर्वरक और कृषि आदानों के विक्रय में शामिल पाए जाने वाले विक्रेताओं पर सख्त कार्रवाई होगी। विभाग लगातार निरीक्षण कर रहा है और जहां भी गड़बड़ी मिलेगी वहां कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने किसानों से भी अपील की है कि खाद या बीज खरीदते समय पक्का बिल जरूर लें और किसी तरह की शिकायत होने पर तुरंत विभाग को जानकारी दें।
रतनपुर इलाके में हुई इस कार्रवाई के बाद खाद कारोबारियों में भी हलचल देखी जा रही है। कई दुकानदार अपने रिकॉर्ड दुरुस्त करने में लगे हुए हैं। वहीं प्रशासन का कहना है कि खरीफ सीजन को देखते हुए जिले में निगरानी और बढ़ाई जाएगी। फिलहाल जब्त खाद को सुरक्षित रखा गया है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट आने के बाद तय की जाएगी। ऐसा कहा जा रहा है कि जांच का दायरा और बढ़ सकता है, क्योंकि विभाग को कुछ और दुकानों के बारे में भी शिकायतें मिली हैं। किसानों का कहना है कि समय पर सही खाद मिलना खेती के लिए सबसे जरूरी है। अगर बाजार में अमानक खाद खुलेआम बिकेगी तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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बिलासपुर में 180 क्विंटल अमानक खाद जब्त, कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई
बिलासपुर,(छ.ग.)
बिलासपुर जिले में किसानों को बेचे जा रहे खाद और कृषि आदानों की गुणवत्ता को लेकर कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। रतनपुर क्षेत्र में जांच के दौरान करीब 180 क्विंटल अमानक खाद जब्त की गई है। मामले के सामने आने के बाद कृषि विभाग ने संबंधित विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक किसानों को गुणवत्तायुक्त खाद और बीज उपलब्ध कराने के निर्देश पहले ही जारी किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद कुछ दुकानों में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था।
बताया जा रहा है कि कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर कृषि विभाग की टीम ने बुधवार को रतनपुर और आसपास के इलाकों में खाद-बीज दुकानों की जांच की। इस दौरान सेवा सहकारी समिति चपोरा, महेश्वरी कृषि केंद्र रतनपुर, मेंसर्स गुप्ता ग्रेन मर्चेंट रतनपुर, सेवा सहकारी समिति रतनपुर और उन्नत कृषि सेवा केंद्र रतनपुर में दस्तावेजों और भंडारण व्यवस्था की जांच की गई। जांच के दौरान कई जगह रिकॉर्ड में गड़बड़ी और भंडारण से जुड़ी अनियमितताएं सामने आईं। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद दस्तावेजों का मिलान किया तो कई जानकारियां मेल नहीं खाईं। इसके बाद संबंधित संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
कृषि विभाग की टीम जब मेंसर्स गुप्ता ग्रेन मर्चेंट पहुंची तो वहां बड़ी मात्रा में एनपीके 20:20:0:13 उर्वरक रखा मिला। प्रारंभिक जांच में इसे अमानक पाया गया। अधिकारियों के अनुसार करीब 180 क्विंटल खाद को तत्काल प्रभाव से जब्त कर उसके विक्रय पर रोक लगा दी गई है। विभाग का कहना है कि खाद के नमूने परीक्षण के लिए भेजे जाएंगे, ताकि गुणवत्ता की पुष्टि हो सके। जांच के दौरान दुकान में मौजूद कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई।
स्थानीय किसानों का कहना है कि खरीफ सीजन शुरू होने से पहले खाद की मांग तेजी से बढ़ जाती है। ऐसे समय में अगर अमानक या नकली खाद बाजार में बिके तो इसका सीधा असर फसल पर पड़ता है। कुछ किसानों ने बताया कि पिछले साल भी कई इलाकों में खराब गुणवत्ता वाले खाद और बीज की शिकायतें सामने आई थीं। हालांकि कार्रवाई कम होने से ऐसे मामलों में रोक नहीं लग पाई। अब कृषि विभाग की सख्ती के बाद उम्मीद की जा रही है कि बाजार में गुणवत्ता को लेकर निगरानी बढ़ेगी।
जांच के दौरान अधिकारियों ने स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर और लाइसेंस दस्तावेजों की भी जांच की। कुछ प्रतिष्ठानों में रिकॉर्ड अपडेट नहीं मिला। वहीं कुछ जगहों पर भंडारण नियमों का पालन नहीं होने की बात सामने आई। सूत्रों के मुताबिक विभाग आने वाले दिनों में जिले के दूसरे इलाकों में भी इसी तरह का अभियान चला सकता है। खासतौर पर उन दुकानों पर नजर रखी जा रही है जहां पहले भी शिकायतें मिल चुकी हैं।
कृषि विभाग के उप संचालक पीडी हथेश्वर ने कहा कि किसानों के हितों से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि अमानक उर्वरक और कृषि आदानों के विक्रय में शामिल पाए जाने वाले विक्रेताओं पर सख्त कार्रवाई होगी। विभाग लगातार निरीक्षण कर रहा है और जहां भी गड़बड़ी मिलेगी वहां कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने किसानों से भी अपील की है कि खाद या बीज खरीदते समय पक्का बिल जरूर लें और किसी तरह की शिकायत होने पर तुरंत विभाग को जानकारी दें।
रतनपुर इलाके में हुई इस कार्रवाई के बाद खाद कारोबारियों में भी हलचल देखी जा रही है। कई दुकानदार अपने रिकॉर्ड दुरुस्त करने में लगे हुए हैं। वहीं प्रशासन का कहना है कि खरीफ सीजन को देखते हुए जिले में निगरानी और बढ़ाई जाएगी। फिलहाल जब्त खाद को सुरक्षित रखा गया है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट आने के बाद तय की जाएगी। ऐसा कहा जा रहा है कि जांच का दायरा और बढ़ सकता है, क्योंकि विभाग को कुछ और दुकानों के बारे में भी शिकायतें मिली हैं। किसानों का कहना है कि समय पर सही खाद मिलना खेती के लिए सबसे जरूरी है। अगर बाजार में अमानक खाद खुलेआम बिकेगी तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
