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कोंडागांव में CAF प्लाटून कमांडर ने खुद को मारी गोली: छुट्टियों और तनाव को बताया जा रहा संभावित कारण
Kondagaon, CG
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित कोंडागांव जिले में रविवार देर रात छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) के एक प्लाटून कमांडर ने खुद को सर्विस राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
जवान की पहचान दिनेश सिंह चंदेल के रूप में हुई है, जो दुर्ग जिले के रहने वाले थे। घटना के बाद से सुरक्षा बलों में शोक और चिंता दोनों का माहौल है।
चेयर पर पड़ा मिला शव, कारण अज्ञात
घटना कोंडागांव जिले के बयानार क्षेत्र स्थित CAF कैंप की है। जवान का शव कैंप परिसर में कुर्सी पर पड़ा मिला। आत्महत्या की वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। न ही किसी अधिकारी ने इस संबंध में आधिकारिक टिप्पणी की है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
5 दिन पहले CRPF जवान ने भी की थी आत्महत्या
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब 30 जुलाई को बीजापुर जिले में CRPF के जवान पप्पू यादव ने भी खुद को सर्विस राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। वे बिहार के भोजपुर जिले के निवासी थे और छुट्टी से लौटने के अगले ही दिन बैरक में आत्मघाती कदम उठा लिया था।
13 दिन पहले आरक्षक ने फांसी लगाकर दी जान
इससे पहले 13 दिन पहले जगदलपुर के परपा में पोस्टेड एक आरक्षक ने सरकारी क्वार्टर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस के अनुसार उसका हाल ही में तबादला हुआ था और प्रारंभिक जांच में पारिवारिक तनाव की बात सामने आई थी।
सवाल खड़े कर रही है आत्महत्याओं की श्रृंखला
लगातार हो रही इन आत्महत्याओं ने सुरक्षा बलों की कार्यशैली, मनोवैज्ञानिक स्थिति और छुट्टियों की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जवानों को समय पर छुट्टी न मिलना, अफसरों से संवाद की कमी, पारिवारिक तनाव, और सेवा के दबाव को आत्महत्या के मुख्य कारणों के रूप में देखा जा रहा है।
कम्युनिकेशन गैप और मनोबल पर सवाल
बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात जवानों को कई बार महीनों तक छुट्टी नहीं मिल पाती। इसके साथ ही अफसरों और जवानों के बीच संवाद की कमी, भावनात्मक सहारा न मिलना और तनाव के समय मनोवैज्ञानिक मदद की कमी कई बार जानलेवा साबित हो रही है।
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कोंडागांव में CAF प्लाटून कमांडर ने खुद को मारी गोली: छुट्टियों और तनाव को बताया जा रहा संभावित कारण
Kondagaon, CG
जवान की पहचान दिनेश सिंह चंदेल के रूप में हुई है, जो दुर्ग जिले के रहने वाले थे। घटना के बाद से सुरक्षा बलों में शोक और चिंता दोनों का माहौल है।
चेयर पर पड़ा मिला शव, कारण अज्ञात
घटना कोंडागांव जिले के बयानार क्षेत्र स्थित CAF कैंप की है। जवान का शव कैंप परिसर में कुर्सी पर पड़ा मिला। आत्महत्या की वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। न ही किसी अधिकारी ने इस संबंध में आधिकारिक टिप्पणी की है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
5 दिन पहले CRPF जवान ने भी की थी आत्महत्या
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब 30 जुलाई को बीजापुर जिले में CRPF के जवान पप्पू यादव ने भी खुद को सर्विस राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। वे बिहार के भोजपुर जिले के निवासी थे और छुट्टी से लौटने के अगले ही दिन बैरक में आत्मघाती कदम उठा लिया था।
13 दिन पहले आरक्षक ने फांसी लगाकर दी जान
इससे पहले 13 दिन पहले जगदलपुर के परपा में पोस्टेड एक आरक्षक ने सरकारी क्वार्टर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस के अनुसार उसका हाल ही में तबादला हुआ था और प्रारंभिक जांच में पारिवारिक तनाव की बात सामने आई थी।
सवाल खड़े कर रही है आत्महत्याओं की श्रृंखला
लगातार हो रही इन आत्महत्याओं ने सुरक्षा बलों की कार्यशैली, मनोवैज्ञानिक स्थिति और छुट्टियों की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जवानों को समय पर छुट्टी न मिलना, अफसरों से संवाद की कमी, पारिवारिक तनाव, और सेवा के दबाव को आत्महत्या के मुख्य कारणों के रूप में देखा जा रहा है।
कम्युनिकेशन गैप और मनोबल पर सवाल
बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात जवानों को कई बार महीनों तक छुट्टी नहीं मिल पाती। इसके साथ ही अफसरों और जवानों के बीच संवाद की कमी, भावनात्मक सहारा न मिलना और तनाव के समय मनोवैज्ञानिक मदद की कमी कई बार जानलेवा साबित हो रही है।
