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छत्तीसगढ़ निकाय चुनाव रिजल्ट, कांग्रेस की हार पर बोले टीएस बाबा, 'चुनाव में 5 टन मुर्गा, मनमाना परिसीमन'
Sarguja, CG
छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस की हार पर कांग्रेस नेता टी एस सिंहदेव की प्रतिक्रया सामने आई है.
कांग्रेस को मजबूत करने पर फोकस: टीएस सिंहदेव ने साफ कर दिया है कि कई लोग उस पद में फिट बैठते हैं. संगठन किसी को भी जिम्मेदारी दे सकता है लेकिन मेरे लिए सबसे पहले मेरा बूथ, मेरी विधान सभा, मेरी लोकसभा है, जिसमे हम हारे हैं. इन सब को मजबूत करते हुए आगे प्रदेश को कांग्रेस को मजबूत करने का काम करना होगा.
भाजपा से मिली करारी शिकस्त: दरअसल सिंहदेव के गृहनगर अंबिकापुर समेत पूरे प्रदेश की दस नगर निगम में भाजपा का कब्जा हो चुका है. कांग्रेस 10-0 से इस मुकाबले में हार चुकी है. छत्तीसगढ़ के पूर्व उप मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता टी एस सिंहदेव से हमने बातचीत की और हार के कारण जाने.
कांग्रेस की हार का पहला कारण: सिंहदेव ने कहा कि कांग्रेस की हार के कई कारण रहे हैं. पहला ये कि जिसकी भी सरकार प्रदेश में होती है, जनता उस दल के लोगों को चुनती है, वो चाहती है कि अभी तो वार्ड का विकास इनसे ही होगा. जब कांग्रेस सत्ता में थी तो ऐसे ही परिणाम कांग्रेस के पक्ष में आये थे.
कांग्रेस की हार का दूसरा कारण: सिंहदेव ने बताया की हार का दूसरा कारण यह है कि शहर में भाजपा के पास संसाधन अधिक होते हैं. हमेशा देखा गया है कि सत्ता भी है और कांग्रेस में संसाधन का अभाव दिखता है. अभी किसी साथी ने बताया कि 5 टन मुर्गा आया है. अब सोचिये की इतना मुर्गा कहां बंटा होगा.
कांग्रेस की हार का तीसरा कारण: सिंहदेव ने हार के तीसरे कारण पर कहा कि सत्ता का दुरूपयोग कर प्रशासनिक अमले ने जिस तरह काम किया, वो भी बड़ा फैक्टर रहा. वार्डों के मनमुताबिक परिसीमन किये गये. अपने अनुसार वार्ड बनाये गये. ये सभी करते हैं लेकिन इतना कि 26 सौ के अनुपात में वार्ड रखने थे, लेकिन अंबिकापुर में कहीं 12 सौ का वार्ड है तो कहीं 44 सौ मतदाताओं का भी वार्ड है. ये विसंगति है. ऐसा नहीं किया जा सकता है.
पीसीसी चीफ के नाम की चर्चा पर क्या कहते हैं सिंहदेव: वहीं पीसीसी चीफ के लिए अपने नाम की चर्चा पर सिंहदेव ने कहा कि कांग्रेस में कई सीनियर लीडर हैं, जो उस लायक हैं. आदिवासी समाज से भी हैं और ओबीसी समाज से भी हैं. कुछ बड़ी जिम्मेदारियों में हैं तो बाकियों का नाम पीसीसी अध्यक्ष के लिए माना जा रहा है, वैसे ही मेरे नाम की भी चर्चा है.
क्या जिम्मेदारी संभालने को तैयार हैं ?: सिंहदेव ने कहा कि पार्टी जिसे मौका देगी वो काम करेगा. विधानसभा चुनाव के बाद मैं लगातार घरेलू काम में व्यस्त था. जिस कारण कई बार पार्टी से मिली जिम्मेदारियों में उतना समय नहीं दे पाया, लेकिन अब मैंने दिल्ली में भी बता दिया है कि अब मै तैयार हूं जिम्मेदारी निभाने के लिए.
सिंहदेव के मन की बात: सिंहदेव ने कहा कि दूसरे राज्यों में अध्यक्ष बदले गये हैं. स्वाभाविक है. उसकी वजह से भी यहां बदलाव की बात होती है. मेरे मन की बात ये है की सबसे पहले मैं अपने बूथ में कांग्रेस को मजबूत करूं, फिर अपनी विधानसभा और लोकसभा में और फिर पूरे राज्य में, क्योंकि हम सरगुजा लोकसभा भी हारे हैं. संभाग की 14 विधानसभा भी हारे हैं और मेरी विधानसभा में भी हार का सामना करना पड़ा था.
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छत्तीसगढ़ निकाय चुनाव रिजल्ट, कांग्रेस की हार पर बोले टीएस बाबा, 'चुनाव में 5 टन मुर्गा, मनमाना परिसीमन'
Sarguja, CG
कांग्रेस को मजबूत करने पर फोकस: टीएस सिंहदेव ने साफ कर दिया है कि कई लोग उस पद में फिट बैठते हैं. संगठन किसी को भी जिम्मेदारी दे सकता है लेकिन मेरे लिए सबसे पहले मेरा बूथ, मेरी विधान सभा, मेरी लोकसभा है, जिसमे हम हारे हैं. इन सब को मजबूत करते हुए आगे प्रदेश को कांग्रेस को मजबूत करने का काम करना होगा.
भाजपा से मिली करारी शिकस्त: दरअसल सिंहदेव के गृहनगर अंबिकापुर समेत पूरे प्रदेश की दस नगर निगम में भाजपा का कब्जा हो चुका है. कांग्रेस 10-0 से इस मुकाबले में हार चुकी है. छत्तीसगढ़ के पूर्व उप मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता टी एस सिंहदेव से हमने बातचीत की और हार के कारण जाने.
कांग्रेस की हार का पहला कारण: सिंहदेव ने कहा कि कांग्रेस की हार के कई कारण रहे हैं. पहला ये कि जिसकी भी सरकार प्रदेश में होती है, जनता उस दल के लोगों को चुनती है, वो चाहती है कि अभी तो वार्ड का विकास इनसे ही होगा. जब कांग्रेस सत्ता में थी तो ऐसे ही परिणाम कांग्रेस के पक्ष में आये थे.
कांग्रेस की हार का दूसरा कारण: सिंहदेव ने बताया की हार का दूसरा कारण यह है कि शहर में भाजपा के पास संसाधन अधिक होते हैं. हमेशा देखा गया है कि सत्ता भी है और कांग्रेस में संसाधन का अभाव दिखता है. अभी किसी साथी ने बताया कि 5 टन मुर्गा आया है. अब सोचिये की इतना मुर्गा कहां बंटा होगा.
कांग्रेस की हार का तीसरा कारण: सिंहदेव ने हार के तीसरे कारण पर कहा कि सत्ता का दुरूपयोग कर प्रशासनिक अमले ने जिस तरह काम किया, वो भी बड़ा फैक्टर रहा. वार्डों के मनमुताबिक परिसीमन किये गये. अपने अनुसार वार्ड बनाये गये. ये सभी करते हैं लेकिन इतना कि 26 सौ के अनुपात में वार्ड रखने थे, लेकिन अंबिकापुर में कहीं 12 सौ का वार्ड है तो कहीं 44 सौ मतदाताओं का भी वार्ड है. ये विसंगति है. ऐसा नहीं किया जा सकता है.
पीसीसी चीफ के नाम की चर्चा पर क्या कहते हैं सिंहदेव: वहीं पीसीसी चीफ के लिए अपने नाम की चर्चा पर सिंहदेव ने कहा कि कांग्रेस में कई सीनियर लीडर हैं, जो उस लायक हैं. आदिवासी समाज से भी हैं और ओबीसी समाज से भी हैं. कुछ बड़ी जिम्मेदारियों में हैं तो बाकियों का नाम पीसीसी अध्यक्ष के लिए माना जा रहा है, वैसे ही मेरे नाम की भी चर्चा है.
क्या जिम्मेदारी संभालने को तैयार हैं ?: सिंहदेव ने कहा कि पार्टी जिसे मौका देगी वो काम करेगा. विधानसभा चुनाव के बाद मैं लगातार घरेलू काम में व्यस्त था. जिस कारण कई बार पार्टी से मिली जिम्मेदारियों में उतना समय नहीं दे पाया, लेकिन अब मैंने दिल्ली में भी बता दिया है कि अब मै तैयार हूं जिम्मेदारी निभाने के लिए.
सिंहदेव के मन की बात: सिंहदेव ने कहा कि दूसरे राज्यों में अध्यक्ष बदले गये हैं. स्वाभाविक है. उसकी वजह से भी यहां बदलाव की बात होती है. मेरे मन की बात ये है की सबसे पहले मैं अपने बूथ में कांग्रेस को मजबूत करूं, फिर अपनी विधानसभा और लोकसभा में और फिर पूरे राज्य में, क्योंकि हम सरगुजा लोकसभा भी हारे हैं. संभाग की 14 विधानसभा भी हारे हैं और मेरी विधानसभा में भी हार का सामना करना पड़ा था.
