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छत्तीसगढ़ बनेगा नए आपराधिक कानूनों का रोल मॉडल: अमित शाह की समीक्षा बैठक में बड़ा ऐलान
Raypur, cg
देश की आपराधिक न्याय प्रणाली में ऐतिहासिक बदलाव लाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ ने कमर कस ली है।
कल नई दिल्ली में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य सरकार की तैयारियों की सराहना की और कहा कि छत्तीसगढ़ इन कानूनों को लागू करने में अग्रणी राज्य बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। इस अहम बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, केंद्रीय गृह सचिव, राज्य के मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
न्याय प्रणाली को बनाएंगे तेज़, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में तैयार किए गए तीन नए कानून — भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) — देश की न्याय प्रणाली को तेज़, पारदर्शी और टेक्नोलॉजी-संचालित बनाएंगे। उन्होंने कहा कि अब साक्ष्य दर्ज करने से लेकर मुकदमा चलाने तक की प्रक्रिया वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए की जा सकेगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी।
छत्तीसगढ़ की तैयारियों की खुलकर सराहना
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक में जानकारी दी कि राज्य में अब तक 27 स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOPs) तैयार की जा चुकी हैं। 37,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया है और पुलिस थानों, अदालतों और जेलों को डिजिटल तौर पर सुसज्जित किया गया है। उन्होंने बताया कि नए कानूनों के तहत अब तक 53,981 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से 50% मामलों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
शाह ने दिया सख्त निर्देश: अपराध की जांच में हो तेजी
अमित शाह ने अधिकारियों से कहा कि गंभीर अपराधों की जांच में 60 से 90 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल होनी चाहिए और इसके लिए DSP स्तर पर जवाबदेही तय की जाए। साथ ही, उन्होंने नेशनल इंटेलिजेंस ग्रिड (NATGRID) के अधिकतम उपयोग की आवश्यकता भी बताई, ताकि जांच की गति और गुणवत्ता में सुधार हो।
समीक्षा प्रणाली होगी सुदृढ़
बैठक में यह भी तय किया गया कि इन कानूनों के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा के लिए एक संरचित सिस्टम बनाया जाएगा। इसके तहत:
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मुख्य सचिव और DGP साप्ताहिक समीक्षा करेंगे
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राज्य के गृह मंत्री द्वि-साप्ताहिक मूल्यांकन करेंगे
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मुख्यमंत्री हर महीने समीक्षा बैठक करेंगे
अमित शाह ने अंत में कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रयास सराहनीय हैं और केंद्र सरकार राज्य को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि छत्तीसगढ़ को इस बदलाव को अवसर के रूप में लेकर "मॉडल स्टेट" बनना चाहिए।
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छत्तीसगढ़ बनेगा नए आपराधिक कानूनों का रोल मॉडल: अमित शाह की समीक्षा बैठक में बड़ा ऐलान
Raypur, cg
कल नई दिल्ली में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य सरकार की तैयारियों की सराहना की और कहा कि छत्तीसगढ़ इन कानूनों को लागू करने में अग्रणी राज्य बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। इस अहम बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, केंद्रीय गृह सचिव, राज्य के मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
न्याय प्रणाली को बनाएंगे तेज़, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में तैयार किए गए तीन नए कानून — भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) — देश की न्याय प्रणाली को तेज़, पारदर्शी और टेक्नोलॉजी-संचालित बनाएंगे। उन्होंने कहा कि अब साक्ष्य दर्ज करने से लेकर मुकदमा चलाने तक की प्रक्रिया वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए की जा सकेगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी।
छत्तीसगढ़ की तैयारियों की खुलकर सराहना
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक में जानकारी दी कि राज्य में अब तक 27 स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOPs) तैयार की जा चुकी हैं। 37,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया है और पुलिस थानों, अदालतों और जेलों को डिजिटल तौर पर सुसज्जित किया गया है। उन्होंने बताया कि नए कानूनों के तहत अब तक 53,981 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से 50% मामलों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
शाह ने दिया सख्त निर्देश: अपराध की जांच में हो तेजी
अमित शाह ने अधिकारियों से कहा कि गंभीर अपराधों की जांच में 60 से 90 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल होनी चाहिए और इसके लिए DSP स्तर पर जवाबदेही तय की जाए। साथ ही, उन्होंने नेशनल इंटेलिजेंस ग्रिड (NATGRID) के अधिकतम उपयोग की आवश्यकता भी बताई, ताकि जांच की गति और गुणवत्ता में सुधार हो।
समीक्षा प्रणाली होगी सुदृढ़
बैठक में यह भी तय किया गया कि इन कानूनों के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा के लिए एक संरचित सिस्टम बनाया जाएगा। इसके तहत:
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मुख्य सचिव और DGP साप्ताहिक समीक्षा करेंगे
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राज्य के गृह मंत्री द्वि-साप्ताहिक मूल्यांकन करेंगे
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मुख्यमंत्री हर महीने समीक्षा बैठक करेंगे
अमित शाह ने अंत में कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रयास सराहनीय हैं और केंद्र सरकार राज्य को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि छत्तीसगढ़ को इस बदलाव को अवसर के रूप में लेकर "मॉडल स्टेट" बनना चाहिए।
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