छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा गिरफ्तार, कोर्ट ने 21 जनवरी तक भेजा रिमांड पर

CG

शराब घोटाले में लंबी पूछताछ के बाद ईडी ने कवासी लखमा को गिरफ्तार किया है. कोर्ट ने उन्हें 21 जनवरी तक रिमांड पर भेजा है.

2000 करोड़ रुपए से ज्यादा के शराब घोटाला मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया.बुधवार को पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को प्रवर्तन निदेशालय ने पूछताछ के लिए बुलाया था. कवासी लखमा के सीए को भी बुलाया गया था, लेकिन सीए के बाहर होने की वजह से कवासी लखमा अकेले ईडी के दफ्तर में लगभग 11 बजे पहुंचे.लंबी पूछताछ के बाद कवासी लखमा को गिरफ्तार कर लिया गया है. विधायक को मेडिकल जांच के लिए मेकाहारा ले जाया गया फिर अदालत में उन्हें पेश किया गया.

अदालत ने लखमा को रिमांड पर भेजा: ईडी ने कांग्रेस विधायक और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया. यहां उन्हें अतुल कुमार श्रीवास्तव की विशेष कोर्ट में पेश किया गया. उसके बाद ईडी ने कवासी लखमा को 21 जनवरी तक रिमांड पर भेजा है. अदालत ने कुल 7 दिनों की रिमांड दी है.

बस्तर के आवाज को दबाने की कोशिश: अदालत कक्ष में प्रवेश करने से पहले पत्रकारों से बात करते हुए कवासी लखमा ने कहा, “छापे के दौरान ईडी को मेरे परिसर पर न तो कोई दस्तावेज और न ही एक पैसा मिला. मुझे झूठे मामले में जेल भेजा जा रहा है.” आदिवासी नेता कवासी लखमा ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय "एक गरीब आदिवासी" और आदिवासी बहुल बस्तर क्षेत्र की आवाज को दबाने की कोशिश कर रहे हैं.

राज्य में पंचायत चुनाव होने वाले हैं, वे मुझे चुनाव से दूर रखना चाहते हैं. इसलिए उन्होंने मेरे खिलाफ कार्रवाई की है.- कवासी लखमा, पूर्व आबकारी मंत्री

कैसे हुई कवासी लखमा की गिरफ्तारी?: इससे पहले कवासी लखमा को 9 जनवरी को ED टीम ने पूछताछ के लिए बुलाया था. करीब 8 घंटे तक लखमा से पूछताछ की थी. दरअसल प्रवर्तन निदेशालय ने कथित शराब घोटाले में यह एक्शन लिया है. ईडी ने 28 दिसंबर को इस मामले की मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत राज्य के रायपुर, सुकमा और धमतरी जिलों में पूर्व मंत्री और उनके बेटे हरीश लखमा के परिसरों पर छापेमारी की थी. इसके बाद ईडी ने लखमा (71) और उनके बेटे हरीश से पूछताछ की.

गिरफ्तारी पर ईडी का दावा: आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि बुधवार को पचपेड़ी नाका इलाके में स्थित ईडी कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाए गए लखमा को गिरफ्तार कर लिया गया है. उन्होंने बताया कि विधायक को मेडिकल जांच के बाद अदालत में पेश किया जाएगा. ईडी ने पहले एक बयान में दावा किया था कि जब लखमा कांग्रेस शासन के दौरान आबकारी मंत्री थे, तब अपराध की आय का मुख्य नकद प्राप्तकर्ता(main recipient) था. ईडी के अनुसार, लखमा को "शराब घोटाले से उत्पन्न अपराध की आय से मासिक आधार पर पर्याप्त मात्रा में नकदी" प्राप्त होती थी.

ईडी के मुताबिक कब हुआ शराब घोटाला?: ईडी के अनुसार, राज्य में कथित शराब घोटाला 2019-22 के बीच किया गया था, जब छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार का शासन था. कोंटा (सुकमा जिला) से छह बार विधायक रहे लखमा उस समय आबकारी मंत्री थे.एजेंसी ने पहले दावा किया था, "छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के कारण राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों की जेब में 2,100 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध आय गई."

    भूपेश बघेल ने बताया कांग्रेस को बदनाम करने की साजिश: कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ईडी पर भाजपा के नेतृत्व वाले केंद्र के निर्देशों पर काम करने का आरोप लगाया. भूपेश बघेल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि ''पूर्व मंत्री और वरिष्ठ विधायक कवासी लखमा की गिरफ्तारी राजनीतिक प्रतिशोध की मंशा से की गई कार्रवाई है. केंद्र सरकार में बैठे अपने आकाओं के निर्देश पर ईडी कांग्रेस नेताओं को बदनाम करने की साजिश रच रही है. पूरी कांग्रेस पार्टी कवासी लखमा जी के साथ खड़ी है.''

      चरणदास महंत ने भी खोला मोर्चा: ईडी की गिरफ्तारी पर नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने भी मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने ट्वीट पर इस एक्शन पर एतराज जताया है. उन्होंने ट्विट कर लिखा कि वरिष्ठ आदिवासी नेता पूर्व मंत्री श्री कवासी लखमा जी की गिरफ्तारी भाजपा के राष्ट्रीय चरित्र द्वेषपूर्ण राजनीति का एक जीवंत उदाहरण है. कांग्रेस एवं विपक्षी नेताओं को जाँच के नाम पर सरकारी एजेंसियों द्वारा फंसाना और बदनाम कर गिरफ्तारी करना यह भाजपा की गंदी राजनीति का खेल है. एक सरल सहज आदिवासी नेता के साथ इस प्रकार की दमनकारी निर्णय का हम पुरजोर विरोध करते हैं. हम सभी कांग्रेसजन पूर्व मंत्री कवासी लखमा जी के साथ हैं.

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      15 Jan 2025 By दैनिक जागरण

      छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा गिरफ्तार, कोर्ट ने 21 जनवरी तक भेजा रिमांड पर

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      2000 करोड़ रुपए से ज्यादा के शराब घोटाला मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया.बुधवार को पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को प्रवर्तन निदेशालय ने पूछताछ के लिए बुलाया था. कवासी लखमा के सीए को भी बुलाया गया था, लेकिन सीए के बाहर होने की वजह से कवासी लखमा अकेले ईडी के दफ्तर में लगभग 11 बजे पहुंचे.लंबी पूछताछ के बाद कवासी लखमा को गिरफ्तार कर लिया गया है. विधायक को मेडिकल जांच के लिए मेकाहारा ले जाया गया फिर अदालत में उन्हें पेश किया गया.

      अदालत ने लखमा को रिमांड पर भेजा: ईडी ने कांग्रेस विधायक और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया. यहां उन्हें अतुल कुमार श्रीवास्तव की विशेष कोर्ट में पेश किया गया. उसके बाद ईडी ने कवासी लखमा को 21 जनवरी तक रिमांड पर भेजा है. अदालत ने कुल 7 दिनों की रिमांड दी है.

      बस्तर के आवाज को दबाने की कोशिश: अदालत कक्ष में प्रवेश करने से पहले पत्रकारों से बात करते हुए कवासी लखमा ने कहा, “छापे के दौरान ईडी को मेरे परिसर पर न तो कोई दस्तावेज और न ही एक पैसा मिला. मुझे झूठे मामले में जेल भेजा जा रहा है.” आदिवासी नेता कवासी लखमा ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय "एक गरीब आदिवासी" और आदिवासी बहुल बस्तर क्षेत्र की आवाज को दबाने की कोशिश कर रहे हैं.

      राज्य में पंचायत चुनाव होने वाले हैं, वे मुझे चुनाव से दूर रखना चाहते हैं. इसलिए उन्होंने मेरे खिलाफ कार्रवाई की है.- कवासी लखमा, पूर्व आबकारी मंत्री

      कैसे हुई कवासी लखमा की गिरफ्तारी?: इससे पहले कवासी लखमा को 9 जनवरी को ED टीम ने पूछताछ के लिए बुलाया था. करीब 8 घंटे तक लखमा से पूछताछ की थी. दरअसल प्रवर्तन निदेशालय ने कथित शराब घोटाले में यह एक्शन लिया है. ईडी ने 28 दिसंबर को इस मामले की मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत राज्य के रायपुर, सुकमा और धमतरी जिलों में पूर्व मंत्री और उनके बेटे हरीश लखमा के परिसरों पर छापेमारी की थी. इसके बाद ईडी ने लखमा (71) और उनके बेटे हरीश से पूछताछ की.

      गिरफ्तारी पर ईडी का दावा: आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि बुधवार को पचपेड़ी नाका इलाके में स्थित ईडी कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाए गए लखमा को गिरफ्तार कर लिया गया है. उन्होंने बताया कि विधायक को मेडिकल जांच के बाद अदालत में पेश किया जाएगा. ईडी ने पहले एक बयान में दावा किया था कि जब लखमा कांग्रेस शासन के दौरान आबकारी मंत्री थे, तब अपराध की आय का मुख्य नकद प्राप्तकर्ता(main recipient) था. ईडी के अनुसार, लखमा को "शराब घोटाले से उत्पन्न अपराध की आय से मासिक आधार पर पर्याप्त मात्रा में नकदी" प्राप्त होती थी.

      ईडी के मुताबिक कब हुआ शराब घोटाला?: ईडी के अनुसार, राज्य में कथित शराब घोटाला 2019-22 के बीच किया गया था, जब छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार का शासन था. कोंटा (सुकमा जिला) से छह बार विधायक रहे लखमा उस समय आबकारी मंत्री थे.एजेंसी ने पहले दावा किया था, "छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के कारण राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों की जेब में 2,100 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध आय गई."

        भूपेश बघेल ने बताया कांग्रेस को बदनाम करने की साजिश: कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ईडी पर भाजपा के नेतृत्व वाले केंद्र के निर्देशों पर काम करने का आरोप लगाया. भूपेश बघेल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि ''पूर्व मंत्री और वरिष्ठ विधायक कवासी लखमा की गिरफ्तारी राजनीतिक प्रतिशोध की मंशा से की गई कार्रवाई है. केंद्र सरकार में बैठे अपने आकाओं के निर्देश पर ईडी कांग्रेस नेताओं को बदनाम करने की साजिश रच रही है. पूरी कांग्रेस पार्टी कवासी लखमा जी के साथ खड़ी है.''

          चरणदास महंत ने भी खोला मोर्चा: ईडी की गिरफ्तारी पर नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने भी मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने ट्वीट पर इस एक्शन पर एतराज जताया है. उन्होंने ट्विट कर लिखा कि वरिष्ठ आदिवासी नेता पूर्व मंत्री श्री कवासी लखमा जी की गिरफ्तारी भाजपा के राष्ट्रीय चरित्र द्वेषपूर्ण राजनीति का एक जीवंत उदाहरण है. कांग्रेस एवं विपक्षी नेताओं को जाँच के नाम पर सरकारी एजेंसियों द्वारा फंसाना और बदनाम कर गिरफ्तारी करना यह भाजपा की गंदी राजनीति का खेल है. एक सरल सहज आदिवासी नेता के साथ इस प्रकार की दमनकारी निर्णय का हम पुरजोर विरोध करते हैं. हम सभी कांग्रेसजन पूर्व मंत्री कवासी लखमा जी के साथ हैं.

          https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/chhattisgarh-liquor-scam-former-excise-minister-kawasi-lakhma-arrested-court/article-7763

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