- Hindi News
- राज्य
- छत्तीसगढ़
- आरडीसी कैंप अटेंड कर लौटी छत्तीसगढ़ की इकलौती महिला कैडेट, पूरे बटालियन ने किया स्वागत
आरडीसी कैंप अटेंड कर लौटी छत्तीसगढ़ की इकलौती महिला कैडेट, पूरे बटालियन ने किया स्वागत
Korba, CG
एनसीसी ज्वाइन करने वाली किसी भी लड़की का सपना आडीसी कैंप में जाने का होता है. कोरबा की एनसीसी कैडेटरमनदीप कौर को ये मौका मिला.
दिल्ली में आयोजित रिपब्लिक डे कैंप के लिए एनसीसी बटालियन से प्रशिक्षण प्राप्त 100 में से 1 या 2 एनसीसी कैडेट का चयन आरडीसी के लिए हो पता है. कड़ी मेहनत के बाद किसी कैडेट के जीवन में यह अवसर आता है. जब उसका चयन देश के प्रधानमंत्री के समक्ष रैली में भाग लेने के लिए हो.
कोरबा जिले के 1 सीजी बटालियन से कैडेट रमनदीप कौर का सिलेक्शन आरडीसी कैंप के लिए हुआ था. जो छत्तीसगढ़ की इकलौती महिला कैडेट है, जिन्होंने आरडीसी कैंप में बोट कमांडर होने का गौरव हासिल किया. हाल ही में वह दिल्ली से कैंप अटेंड कर वापस लौटी है. कोरबा जिले के बटालियन के पूरे स्टाफ ने उनका स्वागत किया. कमान ऑफिसर सहित सेना के सभी अधिकारियों ने रमनदीप की उपलब्धि को जिले व राज्य के लिए गौरव का पल बताया.
7 कैंप के बाद आठवें में परेड में लेने का मौका : रमनदीप कौर ने बताया कि आरडीसी कैंप में सिलेक्शन के लिए 7 कैंप होते हैं. जिसमें हमारा ड्रिल, अनुशासन, स्किल स्फूर्ति और ज्ञान को परखा जाता है. आठवें कैंप में हमें दिल्ली में आयोजित रिपब्लिक डे परेड में भाग लेने का अवसर मिलता है.

मैंने इसमें बोट कमांडर के तौर पर अपनी रैली को रिप्रेजेंट किया और प्रधानमंत्री के सामने परेड में हिस्सा लिया. यह मेरे लिए बेहद गौरव का पल था. जिसके लिए काफी मेहनत की थी. बटालियन के सभी अधिकारी व अन्य कर्मचारियों ने मेरी तैयारी करवाई. देशभर से कैडेट दिल्ली पहुंचे थे. काफी कुछ सीखने को मिला. सभी के कल्चर को जानने का अवसर मिला.-रमनदीप कौर, आरडीसी कैडेट
छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का पल : 1 सीजी बटालियन के कमान आफिसर कर्नल सेंथिल कुमार ने बताया कि मध्य प्रदेश का जो डायरेक्टरेट है. वहां से तीन सीनियर महिला कैडेट का चयन इस वर्ष के आरडीसी कैंप में हुआ था. छत्तीसगढ़ से रमनदीप इकलौती है. जिसने एक महिला कैडेट के तौर पर आरडीसी कैंप अटेंड किया. यह हमारे लिए बेहद गौरव का पल है. आगे हमारा प्रयास रहेगा की और भी महिला कैरेट को तैयार करें. जो अपने प्रदेश और जिले का नाम रोशन कर सकें. थल सेना में जाने के इच्छुक युवाओं के लिए अच्छी तैयारी हो जाती है. हालांकि इसके लिए काफी कठिन प्रशिक्षण से गुजरना पड़ता है. तीन से छह महीने तक लगातार मेहनत करनी पड़ती है.
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
आरडीसी कैंप अटेंड कर लौटी छत्तीसगढ़ की इकलौती महिला कैडेट, पूरे बटालियन ने किया स्वागत
Korba, CG
दिल्ली में आयोजित रिपब्लिक डे कैंप के लिए एनसीसी बटालियन से प्रशिक्षण प्राप्त 100 में से 1 या 2 एनसीसी कैडेट का चयन आरडीसी के लिए हो पता है. कड़ी मेहनत के बाद किसी कैडेट के जीवन में यह अवसर आता है. जब उसका चयन देश के प्रधानमंत्री के समक्ष रैली में भाग लेने के लिए हो.
कोरबा जिले के 1 सीजी बटालियन से कैडेट रमनदीप कौर का सिलेक्शन आरडीसी कैंप के लिए हुआ था. जो छत्तीसगढ़ की इकलौती महिला कैडेट है, जिन्होंने आरडीसी कैंप में बोट कमांडर होने का गौरव हासिल किया. हाल ही में वह दिल्ली से कैंप अटेंड कर वापस लौटी है. कोरबा जिले के बटालियन के पूरे स्टाफ ने उनका स्वागत किया. कमान ऑफिसर सहित सेना के सभी अधिकारियों ने रमनदीप की उपलब्धि को जिले व राज्य के लिए गौरव का पल बताया.
7 कैंप के बाद आठवें में परेड में लेने का मौका : रमनदीप कौर ने बताया कि आरडीसी कैंप में सिलेक्शन के लिए 7 कैंप होते हैं. जिसमें हमारा ड्रिल, अनुशासन, स्किल स्फूर्ति और ज्ञान को परखा जाता है. आठवें कैंप में हमें दिल्ली में आयोजित रिपब्लिक डे परेड में भाग लेने का अवसर मिलता है.

मैंने इसमें बोट कमांडर के तौर पर अपनी रैली को रिप्रेजेंट किया और प्रधानमंत्री के सामने परेड में हिस्सा लिया. यह मेरे लिए बेहद गौरव का पल था. जिसके लिए काफी मेहनत की थी. बटालियन के सभी अधिकारी व अन्य कर्मचारियों ने मेरी तैयारी करवाई. देशभर से कैडेट दिल्ली पहुंचे थे. काफी कुछ सीखने को मिला. सभी के कल्चर को जानने का अवसर मिला.-रमनदीप कौर, आरडीसी कैडेट
छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का पल : 1 सीजी बटालियन के कमान आफिसर कर्नल सेंथिल कुमार ने बताया कि मध्य प्रदेश का जो डायरेक्टरेट है. वहां से तीन सीनियर महिला कैडेट का चयन इस वर्ष के आरडीसी कैंप में हुआ था. छत्तीसगढ़ से रमनदीप इकलौती है. जिसने एक महिला कैडेट के तौर पर आरडीसी कैंप अटेंड किया. यह हमारे लिए बेहद गौरव का पल है. आगे हमारा प्रयास रहेगा की और भी महिला कैरेट को तैयार करें. जो अपने प्रदेश और जिले का नाम रोशन कर सकें. थल सेना में जाने के इच्छुक युवाओं के लिए अच्छी तैयारी हो जाती है. हालांकि इसके लिए काफी कठिन प्रशिक्षण से गुजरना पड़ता है. तीन से छह महीने तक लगातार मेहनत करनी पड़ती है.
