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पामेड़ में विकास की नई सुबह: मुख्यमंत्री साय ने किया ग्रामीण बैंक शाखा का वर्चुअल शुभारंभ, माओवाद मुक्त क्षेत्र में बढ़ता विश्वास
Raipur, CG
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के दूरस्थ और कभी माओवादी प्रभाव से त्रस्त रहे पामेड़ क्षेत्र में अब विकास की स्पष्ट रेखाएं खिंच रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को पामेड़ में छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की शाखा का वर्चुअल शुभारंभ करते हुए कहा कि यह पहल माओवाद से मुक्त होती जमीन पर लोकतंत्र और विश्वास की नई नींव रख रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा, "कभी बटालियन नंबर-1 का माओवादी गढ़ रहे पामेड़ में अब बैंक खुल रहे हैं, कन्या आश्रम बन रहे हैं और लोग खुलकर सुशासन शिविरों में भाग ले रहे हैं। यह बस्तर का बदला हुआ चेहरा है - जहां अब विकास, आत्मविश्वास और लोकतंत्र की स्पष्ट मौजूदगी है।"
अब 100 किलोमीटर दूर नहीं जाना होगा बैंकिंग सेवाओं के लिए
उन्होंने बताया कि इस बैंक शाखा से पामेड़ और आसपास के 50 गांवों के लोग सीधे लाभांवित होंगे। अब उन्हें खाता खोलने, नगद निकासी और महतारी वंदन योजना सहित अन्य लाभकारी योजनाओं की राशि प्राप्त करने के लिए 100 किलोमीटर दूर आवापल्ली नहीं जाना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से माताओं और बहनों को यह भरोसा दिलाया कि अब उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता नहीं होगी।
बेटियों के लिए शिक्षा की मजबूत नींव
मुख्यमंत्री साय ने पामेड़ में 1.62 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 50-सीटर आदिवासी कन्या आश्रम का लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि यह आश्रम आने वाले समय में बस्तर की बेटियों को शिक्षा और नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मंच प्रदान करेगा।
कुपोषण के खिलाफ ठोस कदम
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पामेड़ में पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) की स्थापना की जा रही है, जिससे अब क्षेत्र के कुपोषित बच्चों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना होगा। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने बच्चों को समय पर केंद्र में लाएं और उचित पोषण और स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त करें।
क्षेत्रीय संपर्क और व्यापार को मिलेगी रफ्तार
तालपेरू नदी पर निर्माणाधीन धर्मावरम ब्रिज का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके बन जाने से तेलंगाना के चेरला होकर बीजापुर जाने की 200 किलोमीटर लंबी यात्रा की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। यह पुल न केवल भौगोलिक दूरी को पाटेगा, बल्कि क्षेत्रीय व्यापार और सामाजिक गतिविधियों को भी नई ऊर्जा देगा।
सरकार ने पामेड़ से बीजापुर के बीच सीधी बस सेवा भी शुरू की है, जिससे अब ग्रामीण सुबह जाकर शाम को लौट सकते हैं। इससे स्थानीय व्यापार, सेवा और आवागमन की गतिविधियों में उल्लेखनीय तेजी आई है।
‘सुशासन तिहार’ में समाधान शिविर
कार्यक्रम के दौरान ‘सुशासन तिहार’ के अंतर्गत एक समाधान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणजन शामिल हुए। इस शिविर में क्षेत्रीय जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह शिविर राज्य सरकार की "प्रशासन आपके द्वार" की नीति का जीवंत प्रमाण है।
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पामेड़ में विकास की नई सुबह: मुख्यमंत्री साय ने किया ग्रामीण बैंक शाखा का वर्चुअल शुभारंभ, माओवाद मुक्त क्षेत्र में बढ़ता विश्वास
Raipur, CG
मुख्यमंत्री साय ने कहा, "कभी बटालियन नंबर-1 का माओवादी गढ़ रहे पामेड़ में अब बैंक खुल रहे हैं, कन्या आश्रम बन रहे हैं और लोग खुलकर सुशासन शिविरों में भाग ले रहे हैं। यह बस्तर का बदला हुआ चेहरा है - जहां अब विकास, आत्मविश्वास और लोकतंत्र की स्पष्ट मौजूदगी है।"
अब 100 किलोमीटर दूर नहीं जाना होगा बैंकिंग सेवाओं के लिए
उन्होंने बताया कि इस बैंक शाखा से पामेड़ और आसपास के 50 गांवों के लोग सीधे लाभांवित होंगे। अब उन्हें खाता खोलने, नगद निकासी और महतारी वंदन योजना सहित अन्य लाभकारी योजनाओं की राशि प्राप्त करने के लिए 100 किलोमीटर दूर आवापल्ली नहीं जाना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से माताओं और बहनों को यह भरोसा दिलाया कि अब उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता नहीं होगी।
बेटियों के लिए शिक्षा की मजबूत नींव
मुख्यमंत्री साय ने पामेड़ में 1.62 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 50-सीटर आदिवासी कन्या आश्रम का लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि यह आश्रम आने वाले समय में बस्तर की बेटियों को शिक्षा और नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मंच प्रदान करेगा।
कुपोषण के खिलाफ ठोस कदम
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पामेड़ में पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) की स्थापना की जा रही है, जिससे अब क्षेत्र के कुपोषित बच्चों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना होगा। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने बच्चों को समय पर केंद्र में लाएं और उचित पोषण और स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त करें।
क्षेत्रीय संपर्क और व्यापार को मिलेगी रफ्तार
तालपेरू नदी पर निर्माणाधीन धर्मावरम ब्रिज का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके बन जाने से तेलंगाना के चेरला होकर बीजापुर जाने की 200 किलोमीटर लंबी यात्रा की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। यह पुल न केवल भौगोलिक दूरी को पाटेगा, बल्कि क्षेत्रीय व्यापार और सामाजिक गतिविधियों को भी नई ऊर्जा देगा।
सरकार ने पामेड़ से बीजापुर के बीच सीधी बस सेवा भी शुरू की है, जिससे अब ग्रामीण सुबह जाकर शाम को लौट सकते हैं। इससे स्थानीय व्यापार, सेवा और आवागमन की गतिविधियों में उल्लेखनीय तेजी आई है।
‘सुशासन तिहार’ में समाधान शिविर
कार्यक्रम के दौरान ‘सुशासन तिहार’ के अंतर्गत एक समाधान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणजन शामिल हुए। इस शिविर में क्षेत्रीय जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह शिविर राज्य सरकार की "प्रशासन आपके द्वार" की नीति का जीवंत प्रमाण है।
