- Hindi News
- राज्य
- छत्तीसगढ़
- सुशासन तिहार बना जनसंवाद का सेतु: मुख्यमंत्री साय बोले - "अब समाधान ही पहचान है"
सुशासन तिहार बना जनसंवाद का सेतु: मुख्यमंत्री साय बोले - "अब समाधान ही पहचान है"
Raipur, CG
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जारी ‘सुशासन तिहार’ ने प्रशासन और आमजन के बीच संवाद की एक नई मिसाल कायम की है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस अभियान को लेकर एक भावनात्मक वीडियो साझा करते हुए लिखा - “सार्थक हो रहे सपने, संवाद से हो रहा समाधान… यही तो है मन से मन का सरोकार”। इस पोस्ट के साथ साझा किया गया वीडियो भी जमकर वायरल हो रहा है।
तीसरे चरण में गांव-गांव पहुंच रहा शासन
सुशासन तिहार के तीसरे चरण में प्रदेश के हर गांव और कस्बे में प्रशासनिक अमला पूरी तत्परता से जनता की समस्याओं को सुन रहा है और मौके पर ही समाधान सुनिश्चित कर रहा है। स्वयं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इस अभियान की निगरानी कर रहे हैं। वे हेलीकॉप्टर से आकस्मिक दौरे कर योजनाओं की जमीनी सच्चाई जानने के साथ लोगों से सीधे संवाद कर रहे हैं।
40 लाख से अधिक आवेदन, अधिकांश का निपटारा
अब तक प्रदेशभर से कुल 40 लाख 95 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से अधिकांश का निराकरण कर लिया गया है। धमतरी जिला ने करीब 2.28 लाख आवेदनों में से 99.38% का समाधान कर राज्य में पहला स्थान हासिल किया है।
रायपुर में सबसे अधिक आवेदन
प्रदेश में रायपुर को सबसे अधिक 3 लाख 764 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसके बाद बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी, बिलासपुर और बस्तर जिलों का स्थान है। समाधान के लिहाज से महासमुंद, सक्ति, बालोद और रायगढ़ टॉप पर हैं।
सबसे ज्यादा समस्याएं आवास योजना से जुड़ी
अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े 10 लाख से अधिक आवेदन आए हैं, जिनमें से 94.70% का समाधान किया जा चुका है। उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड, सड़क, पेयजल, और स्वच्छता से जुड़ी समस्याएं भी सामने आई हैं।
इन विभागों ने किया बेहतर प्रदर्शन
महिला एवं बाल विकास विभाग ने सर्वाधिक समाधान दर के साथ पहला स्थान पाया है। श्रम विभाग, उद्योग, पशुपालन और खाद्य विभाग क्रमशः दूसरे से पांचवे स्थान पर रहे।
सीएम बोले - जनता का विश्वास ही असली पुरस्कार
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “सुशासन तिहार केवल एक अभियान नहीं, बल्कि यह हमारे लोकतंत्र की आत्मा है, जिसमें जनता की समस्याएं सुनना और उन्हें समाधान देना हमारी पहली जिम्मेदारी है।” उन्होंने सभी अधिकारियों से अपील की है कि वे इस जनसंवाद को एक सतत प्रक्रिया के रूप में अपनाएं।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
सुशासन तिहार बना जनसंवाद का सेतु: मुख्यमंत्री साय बोले - "अब समाधान ही पहचान है"
Raipur, CG
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस अभियान को लेकर एक भावनात्मक वीडियो साझा करते हुए लिखा - “सार्थक हो रहे सपने, संवाद से हो रहा समाधान… यही तो है मन से मन का सरोकार”। इस पोस्ट के साथ साझा किया गया वीडियो भी जमकर वायरल हो रहा है।
तीसरे चरण में गांव-गांव पहुंच रहा शासन
सुशासन तिहार के तीसरे चरण में प्रदेश के हर गांव और कस्बे में प्रशासनिक अमला पूरी तत्परता से जनता की समस्याओं को सुन रहा है और मौके पर ही समाधान सुनिश्चित कर रहा है। स्वयं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इस अभियान की निगरानी कर रहे हैं। वे हेलीकॉप्टर से आकस्मिक दौरे कर योजनाओं की जमीनी सच्चाई जानने के साथ लोगों से सीधे संवाद कर रहे हैं।
40 लाख से अधिक आवेदन, अधिकांश का निपटारा
अब तक प्रदेशभर से कुल 40 लाख 95 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से अधिकांश का निराकरण कर लिया गया है। धमतरी जिला ने करीब 2.28 लाख आवेदनों में से 99.38% का समाधान कर राज्य में पहला स्थान हासिल किया है।
रायपुर में सबसे अधिक आवेदन
प्रदेश में रायपुर को सबसे अधिक 3 लाख 764 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसके बाद बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी, बिलासपुर और बस्तर जिलों का स्थान है। समाधान के लिहाज से महासमुंद, सक्ति, बालोद और रायगढ़ टॉप पर हैं।
सबसे ज्यादा समस्याएं आवास योजना से जुड़ी
अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े 10 लाख से अधिक आवेदन आए हैं, जिनमें से 94.70% का समाधान किया जा चुका है। उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड, सड़क, पेयजल, और स्वच्छता से जुड़ी समस्याएं भी सामने आई हैं।
इन विभागों ने किया बेहतर प्रदर्शन
महिला एवं बाल विकास विभाग ने सर्वाधिक समाधान दर के साथ पहला स्थान पाया है। श्रम विभाग, उद्योग, पशुपालन और खाद्य विभाग क्रमशः दूसरे से पांचवे स्थान पर रहे।
सीएम बोले - जनता का विश्वास ही असली पुरस्कार
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “सुशासन तिहार केवल एक अभियान नहीं, बल्कि यह हमारे लोकतंत्र की आत्मा है, जिसमें जनता की समस्याएं सुनना और उन्हें समाधान देना हमारी पहली जिम्मेदारी है।” उन्होंने सभी अधिकारियों से अपील की है कि वे इस जनसंवाद को एक सतत प्रक्रिया के रूप में अपनाएं।
