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छत्तीसगढ़ में गूंजी बुद्ध वाणी : मैनपाट में भव्य प्रतिमा का अनावरण, मुख्यमंत्री साय बोले – बौद्ध परंपरा हमारी आत्मा में रची-बसी है
रायपुर/मैनपाट
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को सरगुजा जिले के मैनपाट में भगवान बुद्ध की भव्य प्रतिमा का अनावरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में बौद्ध परंपरा की जड़ें अत्यंत गहरी हैं।
उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध का प्रेम, शांति और करुणा का संदेश आज भी राज्य के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन में जीवंत है, और उनकी प्रेरणा से राज्य सरकार विकास की दिशा में समर्पित भाव से काम कर रही है।
तिब्बती समुदाय द्वारा आयोजित इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री का पारंपरिक तिब्बती रीति-रिवाजों से स्वागत किया गया। उन्होंने भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की और मैनपाट को “शांति और समावेशी संस्कृति की नई पहचान” बताया।

दलाई लामा के जीवन से मिली प्रेरणा
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर दलाई लामा जी के 90वें जन्मदिवस का स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन स्वयं भगवान बुद्ध के सिद्धांतों का प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी सहित विश्व के अनेक नेताओं द्वारा दी गई शुभकामनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि भगवान बुद्ध के विचार आज भी वैश्विक समाज को मार्गदर्शन दे रहे हैं।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, होम स्टे को मिलेगा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैनपाट न केवल प्राकृतिक रूप से समृद्ध है, बल्कि धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से भी असीम संभावनाओं से भरा है। उन्होंने राज्य की नई औद्योगिक नीति में पर्यटन को प्रमुखता देने की बात दोहराई और बताया कि मैनपाट जैसे क्षेत्रों में होम स्टे सुविधा शुरू करने वालों को विशेष सहायता दी जाएगी।
विकास कार्यों की सौगात: 30 लाख की घोषणा
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर तिब्बती सहकारी समिति की मांग पर दो महत्वपूर्ण विकास कार्यों की घोषणा की:
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सैला रिसॉर्ट से बौद्ध मंदिर तक सीसी रोड के निर्माण के लिए ₹10 लाख
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प्राचीन बौद्ध मंदिर में शेड निर्माण के लिए ₹20 लाख
मुख्यमंत्री ने समारोह स्थल पर पौधरोपण भी किया और मैनपाट की हरियाली को संरक्षित रखने का संकल्प दोहराया।
समावेश की मिसाल: सिरपुर से मैनपाट तक फैली बौद्ध विरासत
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का सिरपुर क्षेत्र भी एक महत्वपूर्ण बौद्ध केंद्र है, जहां बौद्ध, जैन और सनातन परंपराएं एक साथ पनपी हैं। यह राज्य की समावेशी संस्कृति और विविध धार्मिक सहअस्तित्व का सुंदर उदाहरण है।
कार्यक्रम में रहे अनेक गणमान्य उपस्थित
इस अवसर पर सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज, सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो, कलेक्टर विलास भोसकर, सेटलमेंट अधिकारी सुश्री स्वांग यांग्सो, तिब्बती सहकारी समिति अध्यक्ष तामदिंग सेरिंग, मठ प्रमुख लामा दुब्जे, लामा जिनपा सहित बड़ी संख्या में तिब्बती समुदाय के सदस्य उपस्थित थे। कार्यक्रम में तिरंगा लिए बच्चों और नागरिकों की मौजूदगी से माहौल उत्साह और सौहार्द से भर गया।
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छत्तीसगढ़ में गूंजी बुद्ध वाणी : मैनपाट में भव्य प्रतिमा का अनावरण, मुख्यमंत्री साय बोले – बौद्ध परंपरा हमारी आत्मा में रची-बसी है
रायपुर/मैनपाट
उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध का प्रेम, शांति और करुणा का संदेश आज भी राज्य के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन में जीवंत है, और उनकी प्रेरणा से राज्य सरकार विकास की दिशा में समर्पित भाव से काम कर रही है।
तिब्बती समुदाय द्वारा आयोजित इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री का पारंपरिक तिब्बती रीति-रिवाजों से स्वागत किया गया। उन्होंने भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की और मैनपाट को “शांति और समावेशी संस्कृति की नई पहचान” बताया।

दलाई लामा के जीवन से मिली प्रेरणा
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर दलाई लामा जी के 90वें जन्मदिवस का स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन स्वयं भगवान बुद्ध के सिद्धांतों का प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी सहित विश्व के अनेक नेताओं द्वारा दी गई शुभकामनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि भगवान बुद्ध के विचार आज भी वैश्विक समाज को मार्गदर्शन दे रहे हैं।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, होम स्टे को मिलेगा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैनपाट न केवल प्राकृतिक रूप से समृद्ध है, बल्कि धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से भी असीम संभावनाओं से भरा है। उन्होंने राज्य की नई औद्योगिक नीति में पर्यटन को प्रमुखता देने की बात दोहराई और बताया कि मैनपाट जैसे क्षेत्रों में होम स्टे सुविधा शुरू करने वालों को विशेष सहायता दी जाएगी।
विकास कार्यों की सौगात: 30 लाख की घोषणा
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर तिब्बती सहकारी समिति की मांग पर दो महत्वपूर्ण विकास कार्यों की घोषणा की:
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सैला रिसॉर्ट से बौद्ध मंदिर तक सीसी रोड के निर्माण के लिए ₹10 लाख
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प्राचीन बौद्ध मंदिर में शेड निर्माण के लिए ₹20 लाख
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समावेश की मिसाल: सिरपुर से मैनपाट तक फैली बौद्ध विरासत
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का सिरपुर क्षेत्र भी एक महत्वपूर्ण बौद्ध केंद्र है, जहां बौद्ध, जैन और सनातन परंपराएं एक साथ पनपी हैं। यह राज्य की समावेशी संस्कृति और विविध धार्मिक सहअस्तित्व का सुंदर उदाहरण है।
कार्यक्रम में रहे अनेक गणमान्य उपस्थित
इस अवसर पर सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज, सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो, कलेक्टर विलास भोसकर, सेटलमेंट अधिकारी सुश्री स्वांग यांग्सो, तिब्बती सहकारी समिति अध्यक्ष तामदिंग सेरिंग, मठ प्रमुख लामा दुब्जे, लामा जिनपा सहित बड़ी संख्या में तिब्बती समुदाय के सदस्य उपस्थित थे। कार्यक्रम में तिरंगा लिए बच्चों और नागरिकों की मौजूदगी से माहौल उत्साह और सौहार्द से भर गया।
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