- Hindi News
- राज्य
- छत्तीसगढ़
- IED ब्लास्ट में शहीद ASP गिरपुंजे को सीएम साय की श्रद्धांजलि, घायलों से अस्पताल में की मुलाकात
IED ब्लास्ट में शहीद ASP गिरपुंजे को सीएम साय की श्रद्धांजलि, घायलों से अस्पताल में की मुलाकात
Raipur, CG
सुकमा में हुए आईईडी ब्लास्ट की घटना ने एक बार फिर नक्सल आतंक की भयावहता को सामने ला दिया है। इस हमले में एएसपी आकाश राव गिरपुंजे वीरगति को प्राप्त हुए जबकि एसडीओपी भानुप्रताप चंद्राकर और टीआई सोनल ग्वाला गंभीर रूप से घायल हो गए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को राजधानी रायपुर स्थित शहीद गिरपुंजे के निवास पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और शोकसंतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।
मुख्यमंत्री ने कहा, "एएसपी गिरपुंजे ने कर्तव्य परायणता का जो अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया है, वह छत्तीसगढ़ पुलिस और समूचे राज्य के लिए प्रेरणास्रोत है। हम सबको उन पर गर्व है और यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। सरकार उनके परिवार के साथ खड़ी है।"
अस्पताल पहुंचकर घायलों की ली जानकारी, डॉक्टरों को दिए निर्देश
मुख्यमंत्री साय ने इसके बाद रायपुर के एक निजी अस्पताल पहुंचकर घायल एसडीओपी चंद्राकर और टीआई ग्वाला से मुलाकात की। उन्होंने दोनों अधिकारियों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली और चिकित्सकों को हर संभव बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने दोनों परिवारों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ हर परिस्थिति में खड़ी है।
इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ वन मंत्री केदार कश्यप, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ, डीजीपी अरुण देव गौतम, और एडीजी नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद सिन्हा भी मौजूद रहे।
नक्सली हिंसा के खिलाफ रणनीति तेज, हाई अलर्ट जारी
घटना के बाद पूरे बस्तर संभाग में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। कोन्टा-गोलापल्ली मार्ग पर हुए इस विस्फोट के बाद सुरक्षा बलों द्वारा तलाशी अभियान को और तेज कर दिया गया है। बताया गया है कि पुलिस टीम जब सर्च ऑपरेशन पर निकली थी, उसी दौरान पहले से बिछाए गए आईईडी की चपेट में आने से यह हादसा हुआ।
राजनांदगांव दौरा स्थगित, मंत्रालय में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक
नक्सली घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अपना प्रस्तावित राजनांदगांव दौरा स्थगित कर दिया और मंत्रालय में उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में नक्सल ऑपरेशनों की समीक्षा की गई और घायलों के त्वरित उपचार के लिए समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, डीजीपी, एडीजी और अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नक्सलियों के खिलाफ सख्त अभियान जारी रहेगा और हर शहीद का बलिदान व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
IED ब्लास्ट में शहीद ASP गिरपुंजे को सीएम साय की श्रद्धांजलि, घायलों से अस्पताल में की मुलाकात
Raipur, CG
मुख्यमंत्री ने कहा, "एएसपी गिरपुंजे ने कर्तव्य परायणता का जो अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया है, वह छत्तीसगढ़ पुलिस और समूचे राज्य के लिए प्रेरणास्रोत है। हम सबको उन पर गर्व है और यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। सरकार उनके परिवार के साथ खड़ी है।"
अस्पताल पहुंचकर घायलों की ली जानकारी, डॉक्टरों को दिए निर्देश
मुख्यमंत्री साय ने इसके बाद रायपुर के एक निजी अस्पताल पहुंचकर घायल एसडीओपी चंद्राकर और टीआई ग्वाला से मुलाकात की। उन्होंने दोनों अधिकारियों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली और चिकित्सकों को हर संभव बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने दोनों परिवारों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ हर परिस्थिति में खड़ी है।
इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ वन मंत्री केदार कश्यप, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ, डीजीपी अरुण देव गौतम, और एडीजी नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद सिन्हा भी मौजूद रहे।
नक्सली हिंसा के खिलाफ रणनीति तेज, हाई अलर्ट जारी
घटना के बाद पूरे बस्तर संभाग में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। कोन्टा-गोलापल्ली मार्ग पर हुए इस विस्फोट के बाद सुरक्षा बलों द्वारा तलाशी अभियान को और तेज कर दिया गया है। बताया गया है कि पुलिस टीम जब सर्च ऑपरेशन पर निकली थी, उसी दौरान पहले से बिछाए गए आईईडी की चपेट में आने से यह हादसा हुआ।
राजनांदगांव दौरा स्थगित, मंत्रालय में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक
नक्सली घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अपना प्रस्तावित राजनांदगांव दौरा स्थगित कर दिया और मंत्रालय में उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में नक्सल ऑपरेशनों की समीक्षा की गई और घायलों के त्वरित उपचार के लिए समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, डीजीपी, एडीजी और अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नक्सलियों के खिलाफ सख्त अभियान जारी रहेगा और हर शहीद का बलिदान व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा।
