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पीएम मोदी से मिले सीएम विष्णुदेव साय, बस्तर विकास के लिए रखी बड़ी योजनाएं; यूरिया प्लांट, बिजली और आयुर्वेद संस्थान पर मांगा सहयोग
रायपुर,(छ.ग.)
नई दिल्ली में हुई मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने बस्तर के विकास का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया, किसानों, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और पर्यटन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर केंद्र सरकार से सहयोग का आग्रह किया।
नई दिल्ली में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर छत्तीसगढ़, विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे विकास कार्यों की जानकारी देते हुए केंद्र सरकार से विभिन्न परियोजनाओं के लिए सहयोग का आग्रह किया। बैठक में कृषि, उद्योग, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, महिला सशक्तिकरण और आधारभूत संरचना जैसे कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के समक्ष बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास का रोडमैप प्रस्तुत करते हुए कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य क्षेत्र को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर विकास की नई दिशा देना है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से बस्तर में तेजी से सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं।
राजनांदगांव में यूरिया प्लांट को जल्द मंजूरी देने का आग्रह
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक के दौरान राजनांदगांव में प्रस्तावित लगभग 10,500 करोड़ रुपये की गैस आधारित यूरिया परियोजना को शीघ्र मंजूरी देने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए आवश्यक भूमि और प्रारंभिक प्रक्रियाएं पूरी की जा चुकी हैं। इस परियोजना के शुरू होने से प्रदेश के किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध होंगे और औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी। साथ ही रोजगार के नए अवसर भी सृजित होने की संभावना है।
461 गांवों तक स्थायी बिजली पहुंचाने की मांग
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से उन 461 गांवों को राष्ट्रीय बिजली ग्रिड से जोड़ने के लिए विशेष सहयोग मांगा, जहां सुरक्षा कारणों से अब तक स्थायी बिजली लाइन नहीं पहुंच पाई है। वर्तमान में इन गांवों में ऑफ-ग्रिड व्यवस्था के माध्यम से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि स्थायी बिजली व्यवस्था से ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार होगा और विकास गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
बस्तर में आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने का प्रस्ताव
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने रायपुर अथवा बस्तर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) की स्थापना का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में आयुर्वेद चिकित्सा, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।
बस्तर में विकास कार्यों की जानकारी दी
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि राज्य सरकार की 'नियद नेल्ला नार 2.0' और 'बस्तर मुहिम' जैसी योजनाओं के माध्यम से हजारों गांवों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन अभियानों के जरिए लगभग 5,542 गांवों के करीब 39 लाख लोगों तक विभिन्न सरकारी योजनाओं की सुविधाएं पहुंच चुकी हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि इन प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं में लगातार सुधार हो रहा है।
421 बंद स्कूल दोबारा शुरू किए गए
मुख्यमंत्री ने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लंबे समय से बंद पड़े 421 स्कूलों को दोबारा शुरू किया गया है। इसके अलावा ओरछा और जगरगुंडा में आधुनिक शिक्षा सुविधाओं से युक्त नई एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है। इसका उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है ताकि वे मुख्यधारा से जुड़ सकें।
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार जारी
बैठक में मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। इसके अलावा जगदलपुर में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और गीदम में मेडिकल कॉलेज के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत बनाने के लिए कई नई योजनाओं पर कार्य जारी है।
सड़क, रेल और पर्यटन विकास पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि बस्तर क्षेत्र में सड़क, रेल, बिजली और हवाई संपर्क को बेहतर बनाने के लिए कई परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने जगदलपुर-रावघाट रेललाइन परियोजना का भी उल्लेख किया, जिस पर हजारों करोड़ रुपये की लागत से कार्य जारी है।
इसके साथ ही चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ और अन्य पर्यटन स्थलों को विकसित करने की योजनाओं की जानकारी भी प्रधानमंत्री को दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर दशहरा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
निवेश और रोजगार के नए अवसर
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू होने के बाद राज्य में लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन निवेशों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य आधुनिक उद्योग शामिल हैं। इन परियोजनाओं से प्रदेश में बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
महिला सशक्तिकरण पर भी विशेष जोर
बैठक में मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक 10.42 लाख महिलाओं को 'लखपति दीदी' बनाया जा चुका है और आने वाले समय में 14 लाख और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वर्ष 2027 में रायपुर में प्रस्तावित 'लखपति दीदी सम्मेलन' में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़, विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र में विकास कार्यों को और अधिक गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, ताकि प्रदेश के हर क्षेत्र में समान रूप से प्रगति सुनिश्चित की जा सके।
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पीएम मोदी से मिले सीएम विष्णुदेव साय, बस्तर विकास के लिए रखी बड़ी योजनाएं; यूरिया प्लांट, बिजली और आयुर्वेद संस्थान पर मांगा सहयोग
रायपुर,(छ.ग.)
नई दिल्ली में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर छत्तीसगढ़, विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे विकास कार्यों की जानकारी देते हुए केंद्र सरकार से विभिन्न परियोजनाओं के लिए सहयोग का आग्रह किया। बैठक में कृषि, उद्योग, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, महिला सशक्तिकरण और आधारभूत संरचना जैसे कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के समक्ष बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास का रोडमैप प्रस्तुत करते हुए कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य क्षेत्र को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर विकास की नई दिशा देना है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से बस्तर में तेजी से सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं।
राजनांदगांव में यूरिया प्लांट को जल्द मंजूरी देने का आग्रह
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक के दौरान राजनांदगांव में प्रस्तावित लगभग 10,500 करोड़ रुपये की गैस आधारित यूरिया परियोजना को शीघ्र मंजूरी देने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए आवश्यक भूमि और प्रारंभिक प्रक्रियाएं पूरी की जा चुकी हैं। इस परियोजना के शुरू होने से प्रदेश के किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध होंगे और औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी। साथ ही रोजगार के नए अवसर भी सृजित होने की संभावना है।
461 गांवों तक स्थायी बिजली पहुंचाने की मांग
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से उन 461 गांवों को राष्ट्रीय बिजली ग्रिड से जोड़ने के लिए विशेष सहयोग मांगा, जहां सुरक्षा कारणों से अब तक स्थायी बिजली लाइन नहीं पहुंच पाई है। वर्तमान में इन गांवों में ऑफ-ग्रिड व्यवस्था के माध्यम से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि स्थायी बिजली व्यवस्था से ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार होगा और विकास गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
बस्तर में आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने का प्रस्ताव
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने रायपुर अथवा बस्तर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) की स्थापना का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में आयुर्वेद चिकित्सा, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।
बस्तर में विकास कार्यों की जानकारी दी
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि राज्य सरकार की 'नियद नेल्ला नार 2.0' और 'बस्तर मुहिम' जैसी योजनाओं के माध्यम से हजारों गांवों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन अभियानों के जरिए लगभग 5,542 गांवों के करीब 39 लाख लोगों तक विभिन्न सरकारी योजनाओं की सुविधाएं पहुंच चुकी हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि इन प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं में लगातार सुधार हो रहा है।
421 बंद स्कूल दोबारा शुरू किए गए
मुख्यमंत्री ने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लंबे समय से बंद पड़े 421 स्कूलों को दोबारा शुरू किया गया है। इसके अलावा ओरछा और जगरगुंडा में आधुनिक शिक्षा सुविधाओं से युक्त नई एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है। इसका उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है ताकि वे मुख्यधारा से जुड़ सकें।
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार जारी
बैठक में मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। इसके अलावा जगदलपुर में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और गीदम में मेडिकल कॉलेज के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत बनाने के लिए कई नई योजनाओं पर कार्य जारी है।
सड़क, रेल और पर्यटन विकास पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि बस्तर क्षेत्र में सड़क, रेल, बिजली और हवाई संपर्क को बेहतर बनाने के लिए कई परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने जगदलपुर-रावघाट रेललाइन परियोजना का भी उल्लेख किया, जिस पर हजारों करोड़ रुपये की लागत से कार्य जारी है।
इसके साथ ही चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ और अन्य पर्यटन स्थलों को विकसित करने की योजनाओं की जानकारी भी प्रधानमंत्री को दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर दशहरा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
निवेश और रोजगार के नए अवसर
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू होने के बाद राज्य में लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन निवेशों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य आधुनिक उद्योग शामिल हैं। इन परियोजनाओं से प्रदेश में बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
महिला सशक्तिकरण पर भी विशेष जोर
बैठक में मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक 10.42 लाख महिलाओं को 'लखपति दीदी' बनाया जा चुका है और आने वाले समय में 14 लाख और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वर्ष 2027 में रायपुर में प्रस्तावित 'लखपति दीदी सम्मेलन' में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़, विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र में विकास कार्यों को और अधिक गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, ताकि प्रदेश के हर क्षेत्र में समान रूप से प्रगति सुनिश्चित की जा सके।
