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छत्तीसगढ़ में फिर बदलेगा मौसम, आज से तेज होगा मानसून; कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
छत्तीसगढ़
मौसम विभाग ने मेघगर्जन और बारिश की गतिविधियां बढ़ने के दिए संकेत, रायपुर समेत कई इलाकों में राहत की उम्मीद; बलरामपुर में पहले ही भारी वर्षा दर्ज
छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मानसून सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार मंगलवार से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। पिछले कुछ दिनों से कई जिलों में बारिश की रफ्तार धीमी पड़ गई थी, जिसके कारण तापमान में बढ़ोतरी और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। अब मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि मानसूनी सिस्टम फिर मजबूत हो रहा है और इसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। वहीं बलरामपुर जिले के कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा हुई, जिससे स्थानीय जलस्तर में बढ़ोतरी देखी गई। प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 34.7 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड किया गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटों के दौरान बारिश का दायरा और अधिक बढ़ सकता है।
राजधानी रायपुर में भी मौसम बदलने के संकेत हैं। सोमवार को दिनभर उमस और गर्मी से लोग परेशान रहे, लेकिन मंगलवार को आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। बारिश होने पर तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को उमस से राहत मिलेगी।
प्रदेश के कई जिलों में सोमवार को अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई। रघुनाथनगर में सबसे अधिक 8 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज हुई। इसके अलावा वाड्रफनगर में 7 सेंटीमीटर, खड़गांव में 5 सेंटीमीटर तथा रामानुजगंज और रामचंद्रपुर में 4-4 सेंटीमीटर बारिश हुई। कोटाडोल, चिरमिरी और बलरामपुर में भी लगभग 2-2 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इन क्षेत्रों में बारिश से खेतों में नमी बढ़ी है, जिससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में मानसून द्रोणिका औसत समुद्र तल पर बीकानेर, दिल्ली, लखनऊ और पटना से होते हुए मणिपुर की ओर पूर्व दिशा तक फैली हुई है। यह द्रोणिका लगभग 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई तक सक्रिय बनी हुई है। इसी मौसमीय प्रणाली के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में बादलों का प्रभाव बढ़ेगा और अधिकांश जिलों में वर्षा की गतिविधियां तेज होंगी। कुछ स्थानों पर मेघगर्जन और बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है।
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि तेज बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें। किसानों को भी सलाह दी गई है कि मौसम को ध्यान में रखते हुए खेती से जुड़े कार्यों की योजना बनाएं। जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है, वहां निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। प्रशासन ने भी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
बारिश की वापसी से खरीफ फसलों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। पिछले कुछ दिनों से कई इलाकों में बारिश कम होने के कारण धान, मक्का और अन्य फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही थी। अब यदि अनुमान के अनुसार अच्छी बारिश होती है तो खेतों में पर्याप्त नमी बनेगी और फसलों की बढ़वार को गति मिलेगी। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगस्त का पहला सप्ताह खेती के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और इस दौरान होने वाली बारिश उत्पादन पर सकारात्मक असर डाल सकती है।
शहरी क्षेत्रों में भी बारिश राहत के साथ चुनौती लेकर आ सकती है। तेज वर्षा होने पर जलभराव, ट्रैफिक जाम और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। नगर निगम और प्रशासन ने जल निकासी व्यवस्था पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
मौसम विभाग ने फिलहाल प्रदेश के कई जिलों के लिए बारिश और मेघगर्जन का अलर्ट जारी किया है। आने वाले दिनों में यदि मानसूनी सिस्टम और मजबूत होता है तो वर्षा का दायरा और तीव्रता दोनों बढ़ सकती हैं। मौसम विशेषज्ञ लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और समय-समय पर नए अपडेट जारी किए जाएंगे। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी पर ध्यान देने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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छत्तीसगढ़ में फिर बदलेगा मौसम, आज से तेज होगा मानसून; कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मानसून सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार मंगलवार से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। पिछले कुछ दिनों से कई जिलों में बारिश की रफ्तार धीमी पड़ गई थी, जिसके कारण तापमान में बढ़ोतरी और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। अब मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि मानसूनी सिस्टम फिर मजबूत हो रहा है और इसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। वहीं बलरामपुर जिले के कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा हुई, जिससे स्थानीय जलस्तर में बढ़ोतरी देखी गई। प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 34.7 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड किया गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटों के दौरान बारिश का दायरा और अधिक बढ़ सकता है।
राजधानी रायपुर में भी मौसम बदलने के संकेत हैं। सोमवार को दिनभर उमस और गर्मी से लोग परेशान रहे, लेकिन मंगलवार को आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। बारिश होने पर तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को उमस से राहत मिलेगी।
प्रदेश के कई जिलों में सोमवार को अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई। रघुनाथनगर में सबसे अधिक 8 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज हुई। इसके अलावा वाड्रफनगर में 7 सेंटीमीटर, खड़गांव में 5 सेंटीमीटर तथा रामानुजगंज और रामचंद्रपुर में 4-4 सेंटीमीटर बारिश हुई। कोटाडोल, चिरमिरी और बलरामपुर में भी लगभग 2-2 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इन क्षेत्रों में बारिश से खेतों में नमी बढ़ी है, जिससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में मानसून द्रोणिका औसत समुद्र तल पर बीकानेर, दिल्ली, लखनऊ और पटना से होते हुए मणिपुर की ओर पूर्व दिशा तक फैली हुई है। यह द्रोणिका लगभग 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई तक सक्रिय बनी हुई है। इसी मौसमीय प्रणाली के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में बादलों का प्रभाव बढ़ेगा और अधिकांश जिलों में वर्षा की गतिविधियां तेज होंगी। कुछ स्थानों पर मेघगर्जन और बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है।
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि तेज बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें। किसानों को भी सलाह दी गई है कि मौसम को ध्यान में रखते हुए खेती से जुड़े कार्यों की योजना बनाएं। जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है, वहां निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। प्रशासन ने भी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
बारिश की वापसी से खरीफ फसलों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। पिछले कुछ दिनों से कई इलाकों में बारिश कम होने के कारण धान, मक्का और अन्य फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही थी। अब यदि अनुमान के अनुसार अच्छी बारिश होती है तो खेतों में पर्याप्त नमी बनेगी और फसलों की बढ़वार को गति मिलेगी। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगस्त का पहला सप्ताह खेती के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और इस दौरान होने वाली बारिश उत्पादन पर सकारात्मक असर डाल सकती है।
शहरी क्षेत्रों में भी बारिश राहत के साथ चुनौती लेकर आ सकती है। तेज वर्षा होने पर जलभराव, ट्रैफिक जाम और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। नगर निगम और प्रशासन ने जल निकासी व्यवस्था पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
मौसम विभाग ने फिलहाल प्रदेश के कई जिलों के लिए बारिश और मेघगर्जन का अलर्ट जारी किया है। आने वाले दिनों में यदि मानसूनी सिस्टम और मजबूत होता है तो वर्षा का दायरा और तीव्रता दोनों बढ़ सकती हैं। मौसम विशेषज्ञ लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और समय-समय पर नए अपडेट जारी किए जाएंगे। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी पर ध्यान देने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
