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रायपुर में बिजली व्यवस्था को लेकर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, नए सब-स्टेशन की मांग तेज
रायपुर (छ.ग.)
बिजली कटौती और लो-वोल्टेज से परेशान लोगों की आवाज उठी, प्रशासनिक लापरवाही पर विपक्ष ने जताई नाराजगी
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बढ़ती बिजली समस्याओं को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। लगातार हो रही बिजली कटौती, कम वोल्टेज की समस्या और खराब ट्रांसफार्मरों को लेकर कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। शहर के विभिन्न हिस्सों में बिजली व्यवस्था को लेकर लोगों की नाराजगी सामने आने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराया और त्वरित समाधान की मांग की।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक प्रशासनिक कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने बिजली व्यवस्था में सुधार को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने आरोप लगाया कि भीषण गर्मी के बीच लगातार बाधित हो रही बिजली आपूर्ति ने आम लोगों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित किया है।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राजधानी के कई हिस्सों में लोग घंटों बिजली कटौती का सामना कर रहे हैं। कई इलाकों में लो-वोल्टेज की समस्या इतनी गंभीर हो चुकी है कि घरेलू उपकरण प्रभावित हो रहे हैं और लोगों को रोजमर्रा के कामकाज में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
नेताओं ने प्रशासन और बिजली विभाग पर गंभीरता की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि नागरिकों की लगातार शिकायतों के बावजूद समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि गर्मी के इस मौसम में बिजली आपूर्ति बाधित होने से सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, बच्चों, छात्रों और छोटे व्यापारियों को उठानी पड़ रही है।
प्रदर्शन के दौरान विशेष रूप से रायपुर के गुढ़ियारी क्षेत्र की बिजली समस्या को प्रमुखता से उठाया गया। नेताओं ने बताया कि यह क्षेत्र शहर का घनी आबादी वाला इलाका है, जहां बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है, लेकिन उपलब्ध ढांचा इस दबाव को संभालने में सक्षम नहीं है।
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि पूर्व में इस क्षेत्र में बिजली सब-स्टेशन स्थापित करने की योजना को मंजूरी दी गई थी और इसके लिए बजट भी स्वीकृत किया गया था। हालांकि जमीन की उपलब्धता से जुड़ी बाधाओं के कारण यह परियोजना अब तक अधूरी पड़ी हुई है।
उन्होंने प्रशासन को सुझाव देते हुए कहा कि राजधानी में सरकारी नियंत्रण वाली कई ऐसी खाली जमीनें मौजूद हैं, जिनका उपयोग बिजली सब-स्टेशन निर्माण के लिए किया जा सकता है। उनका कहना था कि यदि शीघ्र निर्णय लेकर निर्माण कार्य शुरू किया जाए तो लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है।
ज्ञापन में शहर के कुछ प्रमुख स्थानों का उल्लेख करते हुए मांग की गई कि वहां उपलब्ध खाली भूमि पर नए सब-स्टेशन की स्थापना की जाए। नेताओं का कहना है कि इससे बिजली वितरण नेटवर्क पर पड़ रहा अतिरिक्त दबाव कम होगा और बार-बार होने वाली तकनीकी बाधाओं को दूर किया जा सकेगा।
रायपुर के कई मोहल्लों और कॉलोनियों के निवासियों ने भी बिजली संकट को लेकर नाराजगी जताई है। शहर के रामनगर, गोकुल नगर, कृष्णा नगर, अशोक नगर, तिलक नगर, रायपुरा, डीडी नगर, सुंदर नगर, लाखे नगर, टिकरापारा और पुरानी बस्ती जैसे इलाकों में रहने वाले लोगों ने लंबे समय से बिजली से जुड़ी समस्याओं की शिकायत की है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि अनियमित बिजली आपूर्ति के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, जबकि छोटे व्यवसायों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई इलाकों में बार-बार ट्रिपिंग और ट्रांसफार्मर खराब होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर भी निशाना साधा। उनका आरोप था कि क्षेत्र की समस्याओं को पर्याप्त गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है और नागरिकों की शिकायतों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जनता की परेशानियों को देखते हुए अब इस मुद्दे पर व्यापक जनआंदोलन की तैयारी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो बिजली विभाग के खिलाफ चरणबद्ध विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं, व्यापारी, छात्र और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। लोगों ने प्रशासन से बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने और नए सब-स्टेशन निर्माण की दिशा में त्वरित निर्णय लेने की मांग की। ज्ञापन सौंपते समय नेताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष बिजली वितरण व्यवस्था की तकनीकी खामियों और बढ़ते लोड के आंकड़े भी प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर जल्द सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की गई।
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रायपुर में बिजली व्यवस्था को लेकर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, नए सब-स्टेशन की मांग तेज
रायपुर (छ.ग.)
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बढ़ती बिजली समस्याओं को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। लगातार हो रही बिजली कटौती, कम वोल्टेज की समस्या और खराब ट्रांसफार्मरों को लेकर कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। शहर के विभिन्न हिस्सों में बिजली व्यवस्था को लेकर लोगों की नाराजगी सामने आने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराया और त्वरित समाधान की मांग की।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक प्रशासनिक कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने बिजली व्यवस्था में सुधार को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने आरोप लगाया कि भीषण गर्मी के बीच लगातार बाधित हो रही बिजली आपूर्ति ने आम लोगों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित किया है।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राजधानी के कई हिस्सों में लोग घंटों बिजली कटौती का सामना कर रहे हैं। कई इलाकों में लो-वोल्टेज की समस्या इतनी गंभीर हो चुकी है कि घरेलू उपकरण प्रभावित हो रहे हैं और लोगों को रोजमर्रा के कामकाज में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
नेताओं ने प्रशासन और बिजली विभाग पर गंभीरता की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि नागरिकों की लगातार शिकायतों के बावजूद समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि गर्मी के इस मौसम में बिजली आपूर्ति बाधित होने से सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, बच्चों, छात्रों और छोटे व्यापारियों को उठानी पड़ रही है।
प्रदर्शन के दौरान विशेष रूप से रायपुर के गुढ़ियारी क्षेत्र की बिजली समस्या को प्रमुखता से उठाया गया। नेताओं ने बताया कि यह क्षेत्र शहर का घनी आबादी वाला इलाका है, जहां बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है, लेकिन उपलब्ध ढांचा इस दबाव को संभालने में सक्षम नहीं है।
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि पूर्व में इस क्षेत्र में बिजली सब-स्टेशन स्थापित करने की योजना को मंजूरी दी गई थी और इसके लिए बजट भी स्वीकृत किया गया था। हालांकि जमीन की उपलब्धता से जुड़ी बाधाओं के कारण यह परियोजना अब तक अधूरी पड़ी हुई है।
उन्होंने प्रशासन को सुझाव देते हुए कहा कि राजधानी में सरकारी नियंत्रण वाली कई ऐसी खाली जमीनें मौजूद हैं, जिनका उपयोग बिजली सब-स्टेशन निर्माण के लिए किया जा सकता है। उनका कहना था कि यदि शीघ्र निर्णय लेकर निर्माण कार्य शुरू किया जाए तो लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है।
ज्ञापन में शहर के कुछ प्रमुख स्थानों का उल्लेख करते हुए मांग की गई कि वहां उपलब्ध खाली भूमि पर नए सब-स्टेशन की स्थापना की जाए। नेताओं का कहना है कि इससे बिजली वितरण नेटवर्क पर पड़ रहा अतिरिक्त दबाव कम होगा और बार-बार होने वाली तकनीकी बाधाओं को दूर किया जा सकेगा।
रायपुर के कई मोहल्लों और कॉलोनियों के निवासियों ने भी बिजली संकट को लेकर नाराजगी जताई है। शहर के रामनगर, गोकुल नगर, कृष्णा नगर, अशोक नगर, तिलक नगर, रायपुरा, डीडी नगर, सुंदर नगर, लाखे नगर, टिकरापारा और पुरानी बस्ती जैसे इलाकों में रहने वाले लोगों ने लंबे समय से बिजली से जुड़ी समस्याओं की शिकायत की है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि अनियमित बिजली आपूर्ति के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, जबकि छोटे व्यवसायों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई इलाकों में बार-बार ट्रिपिंग और ट्रांसफार्मर खराब होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर भी निशाना साधा। उनका आरोप था कि क्षेत्र की समस्याओं को पर्याप्त गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है और नागरिकों की शिकायतों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जनता की परेशानियों को देखते हुए अब इस मुद्दे पर व्यापक जनआंदोलन की तैयारी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो बिजली विभाग के खिलाफ चरणबद्ध विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं, व्यापारी, छात्र और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। लोगों ने प्रशासन से बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने और नए सब-स्टेशन निर्माण की दिशा में त्वरित निर्णय लेने की मांग की। ज्ञापन सौंपते समय नेताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष बिजली वितरण व्यवस्था की तकनीकी खामियों और बढ़ते लोड के आंकड़े भी प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर जल्द सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की गई।
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