- Hindi News
- राज्य
- छत्तीसगढ़
- प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित बिटिया ने की सीएम साय से मुलाकात, दर्दभरी है इनके बच...
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित बिटिया ने की सीएम साय से मुलाकात, दर्दभरी है इनके बचपन की कहानी
Raipur, CG
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2024 से सम्मानित हेमवती नाग ने सीएम विष्णुदेव साय से मुलाकात की। वह छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित कोंडागांव की रहने वाली हैं। बचपन में ही उनके माता-पिता की मौत हो गई थी। सीएम साय ने हेमवती नाग से मुलाकत कहा- जूडो में ओलंपिक मेडल जीतना उनका सपना है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को मंत्रालय में राष्ट्रीय जूडो खिलाड़ी हेमवती नाग ने मुलाकात की। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव की बिटिया हेमवती को उनकी उपलब्धियों के लिए हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों "प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2024" से सम्मानित किया गया है। हेमवती नाग ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान उन्हें अपनी उपलब्धियों की जानकारी दी और कहा कि देश के लिए ओलंपिक में मेडल जीतकर लाना उसका सपना है। यह सुन कर मुख्यमंत्री ने हेमवती को शाबाशी दी और इस सपने को पाने के लिए लगातार मेहनत करने की समझाइश दी।
सीएम ने की उज्जवल भविष्य की कामना
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने हेमवती को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि उन्होंने खेलो इंडिया नेशनल गेम्स और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखाते हुए अनेक पदक जीते और प्रदेश को गौरवान्वित किया। उन्होंने हेमवती नाग को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद प्रदान किया है।
नक्सल प्रभावित जिले से आती हैं हेमवती नाग
हेमवती नाग एक उभरती हुई जूडो खिलाड़ी हैं। उन्होंने खेलो इंडिया नेशनल गेम्स और विभिन्न राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर कई इनाम जीते हैं। वह नक्सल प्रभावित कोंडागांव से आती हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्र से आने के बाद हेमवती ने अपने जज्बे और मेहनत से हर चुनौती का सामना किया है। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश की है।
कठिन परिस्थिति में नहीं मानी हार
हेमवती नाग कोंडागांव के मारीगुड़ी गांव की रहने वाली हैं। उनके जीवन में कई तरह की कठिनाईयां आईं। 2018 में उनकी मां और 2019 में उनके पिता का निधन हो गया था। इसके बाद 2020 में हेमवती नाग बालिका गृह में रहने लगीं। यहीं से उन्होंने जूडो खिलाड़ी का सफर शुरू किया। वह कई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुकी हैं। माता-पिता के निधन के बाद उन्होंने खुद को कमजोर नहीं होने दिया और आज सफलता की तरफ आगे बढ़ रही हैं।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित बिटिया ने की सीएम साय से मुलाकात, दर्दभरी है इनके बचपन की कहानी
Raipur, CG
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को मंत्रालय में राष्ट्रीय जूडो खिलाड़ी हेमवती नाग ने मुलाकात की। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव की बिटिया हेमवती को उनकी उपलब्धियों के लिए हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों "प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2024" से सम्मानित किया गया है। हेमवती नाग ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान उन्हें अपनी उपलब्धियों की जानकारी दी और कहा कि देश के लिए ओलंपिक में मेडल जीतकर लाना उसका सपना है। यह सुन कर मुख्यमंत्री ने हेमवती को शाबाशी दी और इस सपने को पाने के लिए लगातार मेहनत करने की समझाइश दी।
सीएम ने की उज्जवल भविष्य की कामना
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने हेमवती को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि उन्होंने खेलो इंडिया नेशनल गेम्स और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखाते हुए अनेक पदक जीते और प्रदेश को गौरवान्वित किया। उन्होंने हेमवती नाग को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद प्रदान किया है।
नक्सल प्रभावित जिले से आती हैं हेमवती नाग
हेमवती नाग एक उभरती हुई जूडो खिलाड़ी हैं। उन्होंने खेलो इंडिया नेशनल गेम्स और विभिन्न राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर कई इनाम जीते हैं। वह नक्सल प्रभावित कोंडागांव से आती हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्र से आने के बाद हेमवती ने अपने जज्बे और मेहनत से हर चुनौती का सामना किया है। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश की है।
कठिन परिस्थिति में नहीं मानी हार
हेमवती नाग कोंडागांव के मारीगुड़ी गांव की रहने वाली हैं। उनके जीवन में कई तरह की कठिनाईयां आईं। 2018 में उनकी मां और 2019 में उनके पिता का निधन हो गया था। इसके बाद 2020 में हेमवती नाग बालिका गृह में रहने लगीं। यहीं से उन्होंने जूडो खिलाड़ी का सफर शुरू किया। वह कई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुकी हैं। माता-पिता के निधन के बाद उन्होंने खुद को कमजोर नहीं होने दिया और आज सफलता की तरफ आगे बढ़ रही हैं।
