- Hindi News
- राज्य
- छत्तीसगढ़
- खैरागढ़ कांग्रेस में घमासान: जिला अध्यक्ष गजेंद्र ठाकरे का इस्तीफा
खैरागढ़ कांग्रेस में घमासान: जिला अध्यक्ष गजेंद्र ठाकरे का इस्तीफा
Khairagadh
खैरागढ़ में कांग्रेस की अंदरूनी कलह अब परदे में नहीं रही। जिला कांग्रेस अध्यक्ष गजेंद्र सिंह ठाकरे ने अपने पद से इस्तीफा देकर संगठन के भीतर गहराते मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया है। राजनीतिक गलियारों में लंबे समय से जो सुगबुगाहट थी, वह अब सामने आ चुकी है।
ठाकरे ने अपना इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज को भेजते हुए ‘व्यक्तिगत और पारिवारिक कारणों’ का हवाला दिया है। लेकिन जानकारों का मानना है कि यह सिर्फ औपचारिक वजहें हैं। दरअसल, संगठन में लंबे समय से चल रही गुटबाज़ी, नेतृत्व की खींचतान और अहम की टकराहट ही इसके पीछे की असली वजह मानी जा रही है।
सूत्र बताते हैं कि हाल ही में एक विवाह समारोह के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के दो गुटों के बीच हुई कहासुनी और हाथापाई ने हालात को और खराब कर दिया। उसी घटना के बाद से ठाकरे का मन इस्तीफा देने की ओर और अधिक झुक गया था, जो अब जाकर सामने आया है।
गजेंद्र ठाकरे का यह कदम कांग्रेस के लिए केवल एक संगठनात्मक बदलाव नहीं है, बल्कि यह पार्टी के भीतर के गंभीर संकट की ओर इशारा करता है। यह साफ़ है कि खैरागढ़ कांग्रेस अब एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है – या तो पार्टी नेतृत्व सशक्त हस्तक्षेप कर संगठन को फिर से एकजुट करेगा, या फिर यह आंतरिक कलह कांग्रेस की स्थिति को और कमजोर बना देगी।
अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि कांग्रेस हाईकमान किस तरह की रणनीति अपनाता है – क्या कोई सख्त संदेश आएगा या हालात यूं ही बिगड़ते रहेंगे?
वाहट्सएप्प चैनल से जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक करके फॉलो कीजिये, या फिर QR कोड स्कैन कर जुड़िये।।
https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V

-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
खैरागढ़ कांग्रेस में घमासान: जिला अध्यक्ष गजेंद्र ठाकरे का इस्तीफा
Khairagadh
ठाकरे ने अपना इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज को भेजते हुए ‘व्यक्तिगत और पारिवारिक कारणों’ का हवाला दिया है। लेकिन जानकारों का मानना है कि यह सिर्फ औपचारिक वजहें हैं। दरअसल, संगठन में लंबे समय से चल रही गुटबाज़ी, नेतृत्व की खींचतान और अहम की टकराहट ही इसके पीछे की असली वजह मानी जा रही है।
सूत्र बताते हैं कि हाल ही में एक विवाह समारोह के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के दो गुटों के बीच हुई कहासुनी और हाथापाई ने हालात को और खराब कर दिया। उसी घटना के बाद से ठाकरे का मन इस्तीफा देने की ओर और अधिक झुक गया था, जो अब जाकर सामने आया है।
गजेंद्र ठाकरे का यह कदम कांग्रेस के लिए केवल एक संगठनात्मक बदलाव नहीं है, बल्कि यह पार्टी के भीतर के गंभीर संकट की ओर इशारा करता है। यह साफ़ है कि खैरागढ़ कांग्रेस अब एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है – या तो पार्टी नेतृत्व सशक्त हस्तक्षेप कर संगठन को फिर से एकजुट करेगा, या फिर यह आंतरिक कलह कांग्रेस की स्थिति को और कमजोर बना देगी।
अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि कांग्रेस हाईकमान किस तरह की रणनीति अपनाता है – क्या कोई सख्त संदेश आएगा या हालात यूं ही बिगड़ते रहेंगे?
वाहट्सएप्प चैनल से जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक करके फॉलो कीजिये, या फिर QR कोड स्कैन कर जुड़िये।।
https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V

