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गरियाबंद में अतिक्रमण कार्रवाई के दौरान वनकर्मियों पर हमला: डिप्टी रेंजर समेत 5 कर्मियों को बंधक बनाकर पीटा
Gariyaband, cg
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में अतिक्रमण हटाने गई वन विभाग की टीम पर जानलेवा हमला हुआ है। गुरुवार सुबह परसूली रेंज के अंतर्गत सोहागपुर बिट में पहुंचे डिप्टी रेंजर अशोक सिन्हा सहित पांच वनकर्मियों पर अतिक्रमण के आरोपी और उसके परिजनों ने डंडे और कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। आरोपियों ने वनकर्मियों को करीब दो घंटे तक बंधक बनाकर रखा और इस दौरान डिप्टी रेंजर के मोबाइल से घटना का वीडियो डिलीट कर दिया।
जंगल में चल रही थी जेसीबी, वन भूमि पर कर रहा था कब्जा
घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी आशाराम ध्रुव जंगल में जेसीबी मशीन की मदद से वन भूमि पर पेड़ हटाकर अतिक्रमण कर रहा था। वन विभाग को जब इसकी सूचना मिली, तो टीम कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंची। आरोप है कि आशाराम ने तत्काल अपने परिवार के अन्य सदस्यों को बुला लिया और महिलाओं को आगे कर वन अमले पर हमला करवा दिया।
बचाव में बनाया गया वीडियो भी डिलीट
हमले के दौरान डिप्टी रेंजर अशोक सिन्हा ने स्थिति का वीडियो रिकॉर्ड किया था, लेकिन आरोपियों ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया और रीसायकल बिन से भी फुटेज डिलीट कर दिया। मारपीट में 2 डिप्टी रेंजर और अन्य कर्मियों को गंभीर चोटें आईं हैं।
वनकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया
हमले में डिप्टी रेंजर अशोक सिन्हा और अर्जुन यादव के घुटनों और कलाइयों में गहरी चोट आई है। अन्य वनकर्मियों के हाथ-पैर में भी गंभीर घाव हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस ने 5 आरोपियों को किया हिरासत में
कोतवाली पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। सभी आरोपी ग्राम हरदी के निवासी हैं:
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आशाराम ध्रुव (55)
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झमेश्वर ध्रुव (29)
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थानेश्वर ध्रुव (20)
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रोहित ध्रुव (35)
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सीता ध्रुव (25)
इनमें से दो आरोपी पूर्व में भी आपराधिक प्रवृत्ति के रहे हैं।
रेंजर बोले – घटना की आशंका नहीं थी
रेंजर दुर्गा प्रसाद दीक्षित ने बताया कि उन्हें अतिक्रमण की सूचना तो थी, लेकिन इस तरह के हमले की कोई पूर्व सूचना नहीं थी। घटना के बाद थाना प्रभारी ओम प्रकाश यादव ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर सुबह 5 बजे बंधक बनाए गए कर्मचारियों को छुड़ाया।
हमले के पीछे संगठित साजिश की आशंका
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मारपीट, बलवा, अपहरण, शासकीय कार्य में बाधा और अन्य गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है। मामले की जांच जारी है और हमले के पीछे किसी संगठित साजिश की भी जांच की जा रही है।
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गरियाबंद में अतिक्रमण कार्रवाई के दौरान वनकर्मियों पर हमला: डिप्टी रेंजर समेत 5 कर्मियों को बंधक बनाकर पीटा
Gariyaband, cg
जंगल में चल रही थी जेसीबी, वन भूमि पर कर रहा था कब्जा
घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी आशाराम ध्रुव जंगल में जेसीबी मशीन की मदद से वन भूमि पर पेड़ हटाकर अतिक्रमण कर रहा था। वन विभाग को जब इसकी सूचना मिली, तो टीम कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंची। आरोप है कि आशाराम ने तत्काल अपने परिवार के अन्य सदस्यों को बुला लिया और महिलाओं को आगे कर वन अमले पर हमला करवा दिया।
बचाव में बनाया गया वीडियो भी डिलीट
हमले के दौरान डिप्टी रेंजर अशोक सिन्हा ने स्थिति का वीडियो रिकॉर्ड किया था, लेकिन आरोपियों ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया और रीसायकल बिन से भी फुटेज डिलीट कर दिया। मारपीट में 2 डिप्टी रेंजर और अन्य कर्मियों को गंभीर चोटें आईं हैं।
वनकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया
हमले में डिप्टी रेंजर अशोक सिन्हा और अर्जुन यादव के घुटनों और कलाइयों में गहरी चोट आई है। अन्य वनकर्मियों के हाथ-पैर में भी गंभीर घाव हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस ने 5 आरोपियों को किया हिरासत में
कोतवाली पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। सभी आरोपी ग्राम हरदी के निवासी हैं:
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आशाराम ध्रुव (55)
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झमेश्वर ध्रुव (29)
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थानेश्वर ध्रुव (20)
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रोहित ध्रुव (35)
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सीता ध्रुव (25)
इनमें से दो आरोपी पूर्व में भी आपराधिक प्रवृत्ति के रहे हैं।
रेंजर बोले – घटना की आशंका नहीं थी
रेंजर दुर्गा प्रसाद दीक्षित ने बताया कि उन्हें अतिक्रमण की सूचना तो थी, लेकिन इस तरह के हमले की कोई पूर्व सूचना नहीं थी। घटना के बाद थाना प्रभारी ओम प्रकाश यादव ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर सुबह 5 बजे बंधक बनाए गए कर्मचारियों को छुड़ाया।
हमले के पीछे संगठित साजिश की आशंका
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मारपीट, बलवा, अपहरण, शासकीय कार्य में बाधा और अन्य गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है। मामले की जांच जारी है और हमले के पीछे किसी संगठित साजिश की भी जांच की जा रही है।
