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बीजापुर के कांगेर जंगलों में मुठभेड़ जारी, एक माओवादी ढेर, हथियार जब्त
Bijapur, CG
कोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र बीजापुर के कांगेर वैली नेशनल पार्क के गहन जंगलों में आज सुबह से सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ जारी है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान एक माओवादी को ढेर कर दिया गया है। घटनास्थल से एक ऑटोमेटिक राइफल बरामद हुई है, जबकि और भी माओवादियों के मारे जाने की संभावना जताई जा रही है।
DRG, STF और कोबरा की संयुक्त कार्रवाई
सर्च ऑपरेशन में जिला रिजर्व गार्ड (DRG), स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और कोबरा बटालियन के जवान संयुक्त रूप से शामिल हैं। लगातार जंगलों में घेराबंदी और तलाशी अभियान चल रहा है। पुलिस के अनुसार, दोनों ओर से रुक-रुक कर फायरिंग हो रही है। इस पूरे घटनाक्रम पर पुलिस उच्च अधिकारी सतत निगरानी बनाए हुए हैं।
SP ऑफिस में बैठक, DIG कर रहे मॉनिटरिंग
बीजापुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में DIG कमलोचन कश्यप, CRPF के DIG समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी घटना पर नजर रखे हुए हैं। किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए रणनीतिक तैयारी की जा रही है।
IG बस्तर ने दिया था आत्मसमर्पण का अल्टीमेटम
29 मई को बस्तर रेंज के IG ने नक्सलियों से मुख्यधारा में लौटने का आग्रह करते हुए कहा था कि – “चाहे वो सोनू हो या हिडमा, सुजाता या रामचंद्र रेड्डी, अगर जान बचानी है तो हथियार डालें और सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ लें।” उन्होंने चेताया था कि अब कोई भी बड़े नक्सली पुलिस की नजर से बच नहीं पाएंगे।
1400 से अधिक माओवादियों ने सरेंडर किया
IG बस्तर के मुताबिक, पिछले 16 महीनों में 1400 से अधिक माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं। कई सीनियर कैडर भी अब संगठन छोड़ने को तैयार हैं। सुरक्षा एजेंसियों के पास लगभग सभी प्रमुख नक्सली नेताओं की लोकेशन की जानकारी है, जिससे ऑपरेशन को मजबूती मिल रही है।
पुलिस को मिली सटीक लोकेशन, रणनीति के तहत ऑपरेशन
बीजापुर की यह मुठभेड़ यह संकेत देती है कि पुलिस को नक्सलियों की गतिविधियों और ठिकानों की सटीक जानकारी पहले से थी। आत्मसमर्पण का अवसर देने के कुछ ही दिनों में ऑपरेशन का आरंभ इस रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
सुरक्षाबलों की बढ़ती पकड़
पिछले कुछ महीनों से बस्तर और बीजापुर क्षेत्र में चल रहे ऑपरेशन में सुरक्षाबलों को लगातार बड़ी सफलताएं मिल रही हैं। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई नक्सलियों के मनोबल को तोड़ने और क्षेत्र को सुरक्षित बनाने के लिए निर्णायक साबित हो रही है।
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Bijapur, CG
DRG, STF और कोबरा की संयुक्त कार्रवाई
सर्च ऑपरेशन में जिला रिजर्व गार्ड (DRG), स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और कोबरा बटालियन के जवान संयुक्त रूप से शामिल हैं। लगातार जंगलों में घेराबंदी और तलाशी अभियान चल रहा है। पुलिस के अनुसार, दोनों ओर से रुक-रुक कर फायरिंग हो रही है। इस पूरे घटनाक्रम पर पुलिस उच्च अधिकारी सतत निगरानी बनाए हुए हैं।
SP ऑफिस में बैठक, DIG कर रहे मॉनिटरिंग
बीजापुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में DIG कमलोचन कश्यप, CRPF के DIG समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी घटना पर नजर रखे हुए हैं। किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए रणनीतिक तैयारी की जा रही है।
IG बस्तर ने दिया था आत्मसमर्पण का अल्टीमेटम
29 मई को बस्तर रेंज के IG ने नक्सलियों से मुख्यधारा में लौटने का आग्रह करते हुए कहा था कि – “चाहे वो सोनू हो या हिडमा, सुजाता या रामचंद्र रेड्डी, अगर जान बचानी है तो हथियार डालें और सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ लें।” उन्होंने चेताया था कि अब कोई भी बड़े नक्सली पुलिस की नजर से बच नहीं पाएंगे।
1400 से अधिक माओवादियों ने सरेंडर किया
IG बस्तर के मुताबिक, पिछले 16 महीनों में 1400 से अधिक माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं। कई सीनियर कैडर भी अब संगठन छोड़ने को तैयार हैं। सुरक्षा एजेंसियों के पास लगभग सभी प्रमुख नक्सली नेताओं की लोकेशन की जानकारी है, जिससे ऑपरेशन को मजबूती मिल रही है।
पुलिस को मिली सटीक लोकेशन, रणनीति के तहत ऑपरेशन
बीजापुर की यह मुठभेड़ यह संकेत देती है कि पुलिस को नक्सलियों की गतिविधियों और ठिकानों की सटीक जानकारी पहले से थी। आत्मसमर्पण का अवसर देने के कुछ ही दिनों में ऑपरेशन का आरंभ इस रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
सुरक्षाबलों की बढ़ती पकड़
पिछले कुछ महीनों से बस्तर और बीजापुर क्षेत्र में चल रहे ऑपरेशन में सुरक्षाबलों को लगातार बड़ी सफलताएं मिल रही हैं। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई नक्सलियों के मनोबल को तोड़ने और क्षेत्र को सुरक्षित बनाने के लिए निर्णायक साबित हो रही है।
