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नक्सलियों की चार हथियार फैक्ट्री तबाह, 2 साल का राशन, 450 IED: नक्सली अड्डो का पर्दाफाश
Jagdalpur, CG
छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर स्थित कर्रेगुट्टा पहाड़ियों में हाल ही में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए ऑपरेशन ने नक्सल नेटवर्क की जड़ों को हिला कर रख दिया है। इस बेहद गुप्त ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने 31 वांछित नक्सलियों को ढेर कर दिया, जिनमें कई उच्च रैंक के कमांडर जैसे ACM और DVCM शामिल थे।
सबसे सुरक्षित ठिकाना, जहां नक्सलियों ने जमा कर रखा था दो साल का राशन
21 अप्रैल 2025 तक कर्रेगुट्टा हिल्स को नक्सलियों का सबसे सुरक्षित और अजेय गढ़ माना जाता था। यहां बड़ी संख्या में नक्सली तैनात थे, जिन्होंने जंगल में ही दो वर्षों तक चलने लायक राशन स्टॉक कर रखा था। उन्हें विश्वास था कि यहां तक सुरक्षा बलों की पहुंच संभव नहीं है, लेकिन CRPF और छत्तीसगढ़ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने यह भ्रम तोड़ दिया।
हथियारों का अड्डा बनी थी पहाड़ी, फैक्ट्री से बना 'देसी स्नाइपर'
ऑपरेशन के दौरान जवानों को भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक मिले। सुरक्षा बलों ने 450 से ज्यादा IED बरामद कर उन्हें निष्क्रिय किया। साथ ही सैकड़ों इंसास, SLR, UBGL, एयर गन जैसे घातक हथियार भी जब्त किए गए।
सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब जवानों को पहली बार नक्सलियों की 'अंडरग्राउंड हथियार फैक्ट्री' से दो देसी मेगा स्नाइपर राइफल बरामद हुईं। ये हथियार नक्सलियों ने खुद तैयार किए थे और इनकी मारक क्षमता लगभग 500 मीटर तक थी। जवानों को मौके से स्नाइपर बनाने की एक विस्तृत किताब भी मिली, जिसमें हथियार निर्माण की पूरी प्रक्रिया दर्ज थी। हालांकि सुरक्षा कारणों से उस किताब की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
चार फैक्ट्रियां तबाह, CRPF ने जारी की ऑपरेशन की डॉक्यूमेंट्री
CRPF के डीजी जीपी सिंह ने बताया कि पहली बार नक्सलियों के पास से इतना अत्याधुनिक और स्वनिर्मित हथियार ज़ब्त किए गए हैं। वहीं छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने जानकारी दी कि इस ऑपरेशन में नक्सलियों की कुल चार हथियार निर्माण इकाइयों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।
14 मई को CRPF और राज्य पुलिस द्वारा संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग में इस ऑपरेशन की डॉक्यूमेंट्री भी प्रस्तुत की गई, जिसमें मुठभेड़ के दृश्यों के साथ-साथ ऑपरेशन से जुड़ी चुनौतियों और उपलब्धियों को दर्शाया गया है। लगभग 8 मिनट की इस वीडियो क्लिप को मीडिया से साझा किया गया है।
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नक्सलियों की चार हथियार फैक्ट्री तबाह, 2 साल का राशन, 450 IED: नक्सली अड्डो का पर्दाफाश
Jagdalpur, CG
सबसे सुरक्षित ठिकाना, जहां नक्सलियों ने जमा कर रखा था दो साल का राशन
21 अप्रैल 2025 तक कर्रेगुट्टा हिल्स को नक्सलियों का सबसे सुरक्षित और अजेय गढ़ माना जाता था। यहां बड़ी संख्या में नक्सली तैनात थे, जिन्होंने जंगल में ही दो वर्षों तक चलने लायक राशन स्टॉक कर रखा था। उन्हें विश्वास था कि यहां तक सुरक्षा बलों की पहुंच संभव नहीं है, लेकिन CRPF और छत्तीसगढ़ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने यह भ्रम तोड़ दिया।
हथियारों का अड्डा बनी थी पहाड़ी, फैक्ट्री से बना 'देसी स्नाइपर'
ऑपरेशन के दौरान जवानों को भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक मिले। सुरक्षा बलों ने 450 से ज्यादा IED बरामद कर उन्हें निष्क्रिय किया। साथ ही सैकड़ों इंसास, SLR, UBGL, एयर गन जैसे घातक हथियार भी जब्त किए गए।
सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब जवानों को पहली बार नक्सलियों की 'अंडरग्राउंड हथियार फैक्ट्री' से दो देसी मेगा स्नाइपर राइफल बरामद हुईं। ये हथियार नक्सलियों ने खुद तैयार किए थे और इनकी मारक क्षमता लगभग 500 मीटर तक थी। जवानों को मौके से स्नाइपर बनाने की एक विस्तृत किताब भी मिली, जिसमें हथियार निर्माण की पूरी प्रक्रिया दर्ज थी। हालांकि सुरक्षा कारणों से उस किताब की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
चार फैक्ट्रियां तबाह, CRPF ने जारी की ऑपरेशन की डॉक्यूमेंट्री
CRPF के डीजी जीपी सिंह ने बताया कि पहली बार नक्सलियों के पास से इतना अत्याधुनिक और स्वनिर्मित हथियार ज़ब्त किए गए हैं। वहीं छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने जानकारी दी कि इस ऑपरेशन में नक्सलियों की कुल चार हथियार निर्माण इकाइयों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।
14 मई को CRPF और राज्य पुलिस द्वारा संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग में इस ऑपरेशन की डॉक्यूमेंट्री भी प्रस्तुत की गई, जिसमें मुठभेड़ के दृश्यों के साथ-साथ ऑपरेशन से जुड़ी चुनौतियों और उपलब्धियों को दर्शाया गया है। लगभग 8 मिनट की इस वीडियो क्लिप को मीडिया से साझा किया गया है।
