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पाकिस्तान से रायपुर तक हेरोइन का जाल: पुलिस ने 9 तस्करों को दबोचा, 1 करोड़ की खेप जब्त
Raipur,C.G
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट का ठिकाना बन चुकी थी। पाकिस्तान से होते हुए पंजाब और फिर रायपुर तक पहुंची 1 करोड़ रुपए से अधिक की हेरोइन की खेप का भंडाफोड़ टिकरापारा पुलिस और ACCU की विशेष टीम ने किया है।
कमल विहार इलाके में दबिश देकर पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया और 412.87 ग्राम हेरोइन के साथ मोबाइल, कार, पैकेजिंग सामग्री और फाइनेंशियल दस्तावेज जब्त किए।
इस कार्रवाई के पीछे महीनों की तकनीकी निगरानी, बैंक ट्रेसिंग और खुफिया सूचनाओं का समन्वय रहा। यह कार्रवाई उस वीडियो के बाद तेज़ हुई जिसमें एक युवती को ड्रग्स लेते देखा गया था।
कमल विहार बना था ड्रग्स का गुप्त हब
पूछताछ में खुलासा हुआ कि पंजाब के गुरदासपुर निवासी लवजीत सिंह उर्फ बंटी इस इंटरनेशनल नेटवर्क का मास्टरमाइंड है। वह पाकिस्तान से सीधे हेरोइन मंगवाता था, जो सीमावर्ती पंजाब जिलों से होते हुए रायपुर के कमल विहार सेक्टर-4 में एक फ्लैट में स्टोर की जाती थी।
स्थानीय सरगना सुवित श्रीवास्तव इस फ्लैट से ड्रग्स की थोक पैकिंग, डिस्ट्रीब्यूशन और पेमेंट कलेक्शन की जिम्मेदारी संभालता था। पुलिस का कहना है कि यह ठिकाना पूरे छत्तीसगढ़ में सप्लाई का केंद्र था।
वर्चुअल नंबर, नेट कॉलिंग और क्रिप्टो से चलता था नेटवर्क
ड्रग्स का यह गिरोह आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर एजेंसियों से बचता रहा। सभी आरोपी नेट कॉलिंग, वर्चुअल विदेशी नंबर, टेलीग्राम, वॉट्सऐप और लाइव लोकेशन के जरिए आपस में संपर्क रखते थे। क्रिप्टोकरेंसी और म्यूल बैंक अकाउंट के ज़रिए पेमेंट लिया जाता था ताकि पैसों का कोई सीधा लिंक न मिले।
पुलिस को करोड़ों के लेन-देन से जुड़े डिजिटल सबूत भी मिले हैं। इस नेटवर्क का संचालन पंजाब, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ तीनों राज्यों से हो रहा था।
हर सदस्य की थी खास भूमिका
इस सिंडिकेट में सभी आरोपियों के काम बंटे हुए थे –
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कोई पैकिंग करता,
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कोई माल की डिलीवरी देता,
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कोई अकाउंट्स देखता,
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और कोई नया ग्राहक खोजता।
गिरफ्तार आरोपियों में लवजीत सिंह, सुवित श्रीवास्तव, अश्वनी चंद्रवंशी, मनोज सेठ, जुनैद खान उर्फ सैफ चिला, राजविंदर सिंह उर्फ राजू और अन्य शामिल हैं।
NDPS एक्ट के तहत FIR, कई और गिरफ्तारियां संभावित
टिकरापारा थाने में NDPS एक्ट की धारा 21(सी) और 29 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक यह सिर्फ शुरुआत है – पूछताछ में देश के कई शहरों तक फैले ड्रग्स नेटवर्क की जानकारी मिली है।
फॉरेन नंबर, बैंक स्टेटमेंट और चैट रिकॉर्ड को जांच में शामिल किया जा रहा है। आगे और भी गिरफ्तारियां संभव हैं।
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पाकिस्तान से रायपुर तक हेरोइन का जाल: पुलिस ने 9 तस्करों को दबोचा, 1 करोड़ की खेप जब्त
Raipur,C.G
कमल विहार इलाके में दबिश देकर पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया और 412.87 ग्राम हेरोइन के साथ मोबाइल, कार, पैकेजिंग सामग्री और फाइनेंशियल दस्तावेज जब्त किए।
इस कार्रवाई के पीछे महीनों की तकनीकी निगरानी, बैंक ट्रेसिंग और खुफिया सूचनाओं का समन्वय रहा। यह कार्रवाई उस वीडियो के बाद तेज़ हुई जिसमें एक युवती को ड्रग्स लेते देखा गया था।
कमल विहार बना था ड्रग्स का गुप्त हब
पूछताछ में खुलासा हुआ कि पंजाब के गुरदासपुर निवासी लवजीत सिंह उर्फ बंटी इस इंटरनेशनल नेटवर्क का मास्टरमाइंड है। वह पाकिस्तान से सीधे हेरोइन मंगवाता था, जो सीमावर्ती पंजाब जिलों से होते हुए रायपुर के कमल विहार सेक्टर-4 में एक फ्लैट में स्टोर की जाती थी।
स्थानीय सरगना सुवित श्रीवास्तव इस फ्लैट से ड्रग्स की थोक पैकिंग, डिस्ट्रीब्यूशन और पेमेंट कलेक्शन की जिम्मेदारी संभालता था। पुलिस का कहना है कि यह ठिकाना पूरे छत्तीसगढ़ में सप्लाई का केंद्र था।
वर्चुअल नंबर, नेट कॉलिंग और क्रिप्टो से चलता था नेटवर्क
ड्रग्स का यह गिरोह आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर एजेंसियों से बचता रहा। सभी आरोपी नेट कॉलिंग, वर्चुअल विदेशी नंबर, टेलीग्राम, वॉट्सऐप और लाइव लोकेशन के जरिए आपस में संपर्क रखते थे। क्रिप्टोकरेंसी और म्यूल बैंक अकाउंट के ज़रिए पेमेंट लिया जाता था ताकि पैसों का कोई सीधा लिंक न मिले।
पुलिस को करोड़ों के लेन-देन से जुड़े डिजिटल सबूत भी मिले हैं। इस नेटवर्क का संचालन पंजाब, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ तीनों राज्यों से हो रहा था।
हर सदस्य की थी खास भूमिका
इस सिंडिकेट में सभी आरोपियों के काम बंटे हुए थे –
-
कोई पैकिंग करता,
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कोई माल की डिलीवरी देता,
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कोई अकाउंट्स देखता,
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और कोई नया ग्राहक खोजता।
गिरफ्तार आरोपियों में लवजीत सिंह, सुवित श्रीवास्तव, अश्वनी चंद्रवंशी, मनोज सेठ, जुनैद खान उर्फ सैफ चिला, राजविंदर सिंह उर्फ राजू और अन्य शामिल हैं।
NDPS एक्ट के तहत FIR, कई और गिरफ्तारियां संभावित
टिकरापारा थाने में NDPS एक्ट की धारा 21(सी) और 29 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक यह सिर्फ शुरुआत है – पूछताछ में देश के कई शहरों तक फैले ड्रग्स नेटवर्क की जानकारी मिली है।
फॉरेन नंबर, बैंक स्टेटमेंट और चैट रिकॉर्ड को जांच में शामिल किया जा रहा है। आगे और भी गिरफ्तारियां संभव हैं।
