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छत्तीसगढ़ में फिर अवैध धर्मांतरण का आरोप, बिलासपुर में प्रार्थना सभा के नाम पर हुआ विवाद, पुलिस ने घर सील किया
Bilaspur, CG
छत्तीसगढ़ में अवैध धर्मांतरण के मामले लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। दुर्ग में हाल ही में सामने आए मानव तस्करी और धर्मांतरण प्रकरण के बाद अब बिलासपुर में एक नया मामला दर्ज हुआ है, जिसमें प्रार्थना सभा के नाम पर हिंदू युवतियों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए कथित रूप से बहकाने और दबाव डालने के आरोप लगे हैं। इस घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित घर को सील कर दिया।
शिकायत में गंभीर आरोप
सिरगिट्टी थाना प्रभारी किशोर केंवट के अनुसार, प्रगति नगर वार्ड-10 के निवासी सागर सिंह ठाकुर ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। रिपोर्ट के मुताबिक, 10 अगस्त की सुबह प्रगति नगर गली नंबर-2 स्थित प्रतिमा अल्फ्रेड के मकान में किरायेदार सरस्वती कुर्रे की बेटी संगीता श्रीवास, दामाद पवन श्रीवास और उनके साथी मुकेश हथठेल, एनी रोज मिलकर आर्थिक रूप से कमजोर हिंदू युवतियों को बहला-फुसलाकर, प्रलोभन देकर और दबाव बनाकर धर्मांतरण कराने की कोशिश कर रहे थे। आरोप है कि प्रार्थना सभा के नाम पर ईसाई धर्म अपनाने के लिए कहा जा रहा था।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
शिकायत मिलते ही सिरगिट्टी पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पटवारी की मौजूदगी में घर को सील कर दिया गया। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 299 और 353(1)(C) के तहत अपराध क्रमांक 413/2025 दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राज्य में राजनीतिक और सामाजिक हलचल
छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण का मुद्दा इन दिनों राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शीतकालीन विधानसभा सत्र में धर्मांतरण विधेयक पेश करने की घोषणा की है। गृह मंत्री विजय शर्मा ने भी साफ कहा है कि यदि किसी को धर्म परिवर्तन करना है तो वह कानूनी प्रक्रिया के तहत करे, लेकिन अवैध धर्मांतरण की अनुमति किसी भी कीमत पर नहीं दी जाएगी।
मामले का बढ़ता असर
बिलासपुर की यह घटना न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गई है। हिंदू संगठनों ने इस पर नाराजगी जताते हुए आरोपियों की कड़ी सजा की मांग की है।
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छत्तीसगढ़ में फिर अवैध धर्मांतरण का आरोप, बिलासपुर में प्रार्थना सभा के नाम पर हुआ विवाद, पुलिस ने घर सील किया
Bilaspur, CG
छत्तीसगढ़ में अवैध धर्मांतरण के मामले लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। दुर्ग में हाल ही में सामने आए मानव तस्करी और धर्मांतरण प्रकरण के बाद अब बिलासपुर में एक नया मामला दर्ज हुआ है, जिसमें प्रार्थना सभा के नाम पर हिंदू युवतियों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए कथित रूप से बहकाने और दबाव डालने के आरोप लगे हैं। इस घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित घर को सील कर दिया।
शिकायत में गंभीर आरोप
सिरगिट्टी थाना प्रभारी किशोर केंवट के अनुसार, प्रगति नगर वार्ड-10 के निवासी सागर सिंह ठाकुर ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। रिपोर्ट के मुताबिक, 10 अगस्त की सुबह प्रगति नगर गली नंबर-2 स्थित प्रतिमा अल्फ्रेड के मकान में किरायेदार सरस्वती कुर्रे की बेटी संगीता श्रीवास, दामाद पवन श्रीवास और उनके साथी मुकेश हथठेल, एनी रोज मिलकर आर्थिक रूप से कमजोर हिंदू युवतियों को बहला-फुसलाकर, प्रलोभन देकर और दबाव बनाकर धर्मांतरण कराने की कोशिश कर रहे थे। आरोप है कि प्रार्थना सभा के नाम पर ईसाई धर्म अपनाने के लिए कहा जा रहा था।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
शिकायत मिलते ही सिरगिट्टी पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पटवारी की मौजूदगी में घर को सील कर दिया गया। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 299 और 353(1)(C) के तहत अपराध क्रमांक 413/2025 दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राज्य में राजनीतिक और सामाजिक हलचल
छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण का मुद्दा इन दिनों राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शीतकालीन विधानसभा सत्र में धर्मांतरण विधेयक पेश करने की घोषणा की है। गृह मंत्री विजय शर्मा ने भी साफ कहा है कि यदि किसी को धर्म परिवर्तन करना है तो वह कानूनी प्रक्रिया के तहत करे, लेकिन अवैध धर्मांतरण की अनुमति किसी भी कीमत पर नहीं दी जाएगी।
मामले का बढ़ता असर
बिलासपुर की यह घटना न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गई है। हिंदू संगठनों ने इस पर नाराजगी जताते हुए आरोपियों की कड़ी सजा की मांग की है।
