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छत्तीसगढ़ विधानसभा में गूंजा रीएजेंट खरीदी घोटाला, विधायक अजय चंद्राकर ने पूछे सवाल, मंत्री बोले 15 अफसरों के खिलाफ चल रही जांच
Raipur, CG
छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान रीएजेंट खरीदी घोटाला का मुद्दा उठा.विधायक अजय चंद्राकर के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने जवाब दिया.
छत्तीसगढ़ विधानसभा में बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर और स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल के बीच CGMSC को लेकर तीखी बहस हुई. अजय चंद्राकर ने रीएजेंट सप्लाई का मुद्दा उठाते हुए उपकरण सप्लाई की दरों को लेकर जानकारी मांगी.जिसमें स्वास्थ्य मंत्री ने अपना जवाब पेश किया.
स्वास्थ्य मंत्री ने रीएजेंट घोटाले पर दिया जवाब : स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल के मुताबिक 2024-25 में 120 करोड़ रुपए का प्रावधान था, लेकिन 385 करोड़ रुपए की खरीदी कर ली गई. विभागीय जांच के बाद EOW को मामला सौंपा गया है. जो भी जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है.इस पर अजय चंद्राकर ने बगैर राशि के खरीदी को लेकर सवाल उठाया, साथ ही दोषी अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की भी जानकारी मांगी.
15 अफसरों के खिलाफ हो रही जांच : स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि हमने जांच रिपोर्ट मंगाई है. 15 अफसरों के खिलाफ EOW को हमने जांच सौंपा है. इस पर अजय चंद्राकर ने पूछा क्या मोक्षित कॉर्पोरेशन ने गड़बड़ी की है. इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि बगैर मांग के सप्लाई की. तय दर से कई गुणा अधिक कीमत पर सामानों की आपूर्ति की गई. प्रथम दृष्टया सप्लायर को जेल में डाला गया है, जांच जारी है.
आपको बता दें कि दुर्ग के मोक्षित कार्पोरेशन पर बिना मांग के अस्पतालों में करोड़ों रुपए के रीएजेंट सप्लाई का आरोप है.कंपनी ने अस्पतालों में पहले तो अपनी मशीनें लगवाई.इसके बाद बिना मांग के रीएजेंट सप्लाई किया.जिसका बिल करोड़ों रुपए में हैं. विधानसभा में जब ये मुद्दा उठा तो उसके बाद एसीबी और ईओडब्लू ने 22 जनवरी को मोक्षित कार्पोरेशन के खिलाफ अपराध दर्ज किया. छापे की कार्रवाई में एसपी, डीएसपी रैंक के अफसरों के अलावा छत्तीसगढ़ मोडिकल सर्विसेस के साथ संचालनालय, स्वास्थ्य विभाग के अफसर शामिल थे.
कहां-कहां हुई जांच : दुर्ग, गंजपारा स्थित मोक्षित कार्पोरेशन के साथ जीई रोड स्थित सीबी कार्पोरेशन, हरियाणा स्थित पंचकुला के अलावा धरसीवा, तर्रा स्थित श्री शारदा इंडस्ट्रीज में एसीबी, ईओडब्लू की टीम ने पड़ताल की। एसीबी ने कंपनी के खिलाफ आईपीसी की धारा-409, 120बी तथा 13(1) ए, सहपठित धारा 13 (2), 7 (सी) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा के तहत अपराध दर्ज किया है. एसीबी ने मोक्षित कार्पोरेशन से जुड़े लोगों के कार्यालय के साथ निवास में भी जांच की. इस दौरान जांच टीम ने कारोबारी के ठिकानों से लेन-देन संबंधित तथा माल आपूर्ति करने पूर्व में लिए गए टेंडर के दस्तावेज के साथ कई महत्वपूर्ण कागजात जब्त किए हैं. यहां से कई महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज मिलने का दावा भी किया गया है.
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छत्तीसगढ़ विधानसभा में गूंजा रीएजेंट खरीदी घोटाला, विधायक अजय चंद्राकर ने पूछे सवाल, मंत्री बोले 15 अफसरों के खिलाफ चल रही जांच
Raipur, CG
छत्तीसगढ़ विधानसभा में बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर और स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल के बीच CGMSC को लेकर तीखी बहस हुई. अजय चंद्राकर ने रीएजेंट सप्लाई का मुद्दा उठाते हुए उपकरण सप्लाई की दरों को लेकर जानकारी मांगी.जिसमें स्वास्थ्य मंत्री ने अपना जवाब पेश किया.
स्वास्थ्य मंत्री ने रीएजेंट घोटाले पर दिया जवाब : स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल के मुताबिक 2024-25 में 120 करोड़ रुपए का प्रावधान था, लेकिन 385 करोड़ रुपए की खरीदी कर ली गई. विभागीय जांच के बाद EOW को मामला सौंपा गया है. जो भी जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है.इस पर अजय चंद्राकर ने बगैर राशि के खरीदी को लेकर सवाल उठाया, साथ ही दोषी अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की भी जानकारी मांगी.
15 अफसरों के खिलाफ हो रही जांच : स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि हमने जांच रिपोर्ट मंगाई है. 15 अफसरों के खिलाफ EOW को हमने जांच सौंपा है. इस पर अजय चंद्राकर ने पूछा क्या मोक्षित कॉर्पोरेशन ने गड़बड़ी की है. इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि बगैर मांग के सप्लाई की. तय दर से कई गुणा अधिक कीमत पर सामानों की आपूर्ति की गई. प्रथम दृष्टया सप्लायर को जेल में डाला गया है, जांच जारी है.
आपको बता दें कि दुर्ग के मोक्षित कार्पोरेशन पर बिना मांग के अस्पतालों में करोड़ों रुपए के रीएजेंट सप्लाई का आरोप है.कंपनी ने अस्पतालों में पहले तो अपनी मशीनें लगवाई.इसके बाद बिना मांग के रीएजेंट सप्लाई किया.जिसका बिल करोड़ों रुपए में हैं. विधानसभा में जब ये मुद्दा उठा तो उसके बाद एसीबी और ईओडब्लू ने 22 जनवरी को मोक्षित कार्पोरेशन के खिलाफ अपराध दर्ज किया. छापे की कार्रवाई में एसपी, डीएसपी रैंक के अफसरों के अलावा छत्तीसगढ़ मोडिकल सर्विसेस के साथ संचालनालय, स्वास्थ्य विभाग के अफसर शामिल थे.
कहां-कहां हुई जांच : दुर्ग, गंजपारा स्थित मोक्षित कार्पोरेशन के साथ जीई रोड स्थित सीबी कार्पोरेशन, हरियाणा स्थित पंचकुला के अलावा धरसीवा, तर्रा स्थित श्री शारदा इंडस्ट्रीज में एसीबी, ईओडब्लू की टीम ने पड़ताल की। एसीबी ने कंपनी के खिलाफ आईपीसी की धारा-409, 120बी तथा 13(1) ए, सहपठित धारा 13 (2), 7 (सी) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा के तहत अपराध दर्ज किया है. एसीबी ने मोक्षित कार्पोरेशन से जुड़े लोगों के कार्यालय के साथ निवास में भी जांच की. इस दौरान जांच टीम ने कारोबारी के ठिकानों से लेन-देन संबंधित तथा माल आपूर्ति करने पूर्व में लिए गए टेंडर के दस्तावेज के साथ कई महत्वपूर्ण कागजात जब्त किए हैं. यहां से कई महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज मिलने का दावा भी किया गया है.
