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आदिवासी महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में पहल: छत्तीसगढ़ में शुरू हुई दुधारू पशुपालन योजना
Kondagaon, CG
छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में महिला सशक्तिकरण और डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दुधारू पशुपालन योजना की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कोंडागांव जिले के भोंगापाल गांव में योजना का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्राचीन शिव मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना कर महिला हितग्राहियों को साहीवाल नस्ल की गायें सौंपीं।
योजना के पहले चरण में ग्राम मसौरा की सनिता नेताम और पार्वती नेताम को गायें प्रदान की गईं। यह योजना राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के सहयोग से चलाई जा रही है।
6 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू
इस योजना को फिलहाल छत्तीसगढ़ के 6 जिलों—जशपुर, बलरामपुर, कांकेर, कोंडागांव, महासमुंद और सारंगढ़-बिलाईगढ़—में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ मर्यादित के माध्यम से संचालित इस योजना के तहत कुल 325 अनुसूचित जनजातीय परिवारों की महिलाओं को 650 दुधारू गायें वितरित की जाएंगी। प्रत्येक हितग्राही को दो-दो साहीवाल नस्ल की उच्च उत्पादकता वाली गायें दी जाएंगी।
उद्देश्य: महिला सशक्तिकरण और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस योजना को महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि “जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, तब पूरा परिवार और समाज मजबूत होगा। यह योजना न केवल महिलाओं के रोजगार का माध्यम बनेगी, बल्कि राज्य में दुग्ध उत्पादन को भी नई ऊंचाई देगी।”
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
शुभारंभ कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम, और कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। उन्होंने योजना की सराहना करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी आजीविका के अवसर सृजित होंगे और पोषण सुरक्षा भी सुदृढ़ होगी।
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Kondagaon, CG
योजना के पहले चरण में ग्राम मसौरा की सनिता नेताम और पार्वती नेताम को गायें प्रदान की गईं। यह योजना राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के सहयोग से चलाई जा रही है।
6 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू
इस योजना को फिलहाल छत्तीसगढ़ के 6 जिलों—जशपुर, बलरामपुर, कांकेर, कोंडागांव, महासमुंद और सारंगढ़-बिलाईगढ़—में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ मर्यादित के माध्यम से संचालित इस योजना के तहत कुल 325 अनुसूचित जनजातीय परिवारों की महिलाओं को 650 दुधारू गायें वितरित की जाएंगी। प्रत्येक हितग्राही को दो-दो साहीवाल नस्ल की उच्च उत्पादकता वाली गायें दी जाएंगी।
उद्देश्य: महिला सशक्तिकरण और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस योजना को महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि “जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, तब पूरा परिवार और समाज मजबूत होगा। यह योजना न केवल महिलाओं के रोजगार का माध्यम बनेगी, बल्कि राज्य में दुग्ध उत्पादन को भी नई ऊंचाई देगी।”
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
शुभारंभ कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम, और कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। उन्होंने योजना की सराहना करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी आजीविका के अवसर सृजित होंगे और पोषण सुरक्षा भी सुदृढ़ होगी।
