- Hindi News
- राज्य
- छत्तीसगढ़
- मां महामाया एयरपोर्ट : इस जगह पर एयरपोर्ट बनने में लग गए 74 वर्ष, पीएम मोदी इस दिन करेंगे शुभारंभ
मां महामाया एयरपोर्ट : इस जगह पर एयरपोर्ट बनने में लग गए 74 वर्ष, पीएम मोदी इस दिन करेंगे शुभारंभ
CG
74 साल से एयर कनेक्टिविटी की राह देख रहे सरगुजा के लोगों को अब उड़ान मिलने वाली है. मां महामाया एयरपोर्ट शुरू होने से लोगों खास उत्सुकता है.
छत्तीसगढ़ के आदिवासी बाहुल्य सरगुजा जिले की बहुप्रतीक्षित मांगों में एक अम्बिकापुर को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ने की मांग अब पूरी होती नजर आ रही है. आगामी 20 अक्टूबर को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से अम्बिकापुर के मां महामाया एयरपोर्ट
का उद्घाटन करेंगे. एयरपोर्ट के उद्घाटन कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, केन्द्रीय उडय्यन मंत्री राममोहन नायडू सहित अन्य मंत्री भी उपस्थित होंगे. जिसके तहत उद्घाटन की तैयारी जोरों-शोरों से चल रही है.

मां महामाया एयरपोर्ट
दरीमा एरोड्राम से काम चला रहे थे लोग
दरअसल, 1950 के दौरान अस्तित्व में आए दरीमा एरोड्रम को मां महामाया एयरपोर्ट बनने में 74 वर्ष का समय लग गया. इस एयरपोर्ट में देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री श्रीमति इंदिरा गांधी से लेकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपयी और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक का जहाज लैंड हुआ है. कभी सिर्फ चटियल मैदान के रूप में नजर आने वाले इस एरोड्रम को कभी-कभार ही जहाज उतरने का सौभाग्य प्राप्त होता था. लेकिन अब यह कमर्शियल फ्लाइट के लिए तैयार है.
एरोड्राम से एयरपोर्ट तक की कहानी
वर्ष 2014 में देश में नरेंद्र मोदी की नेतृत्व वाली सरकार ने जैसे ही देश की कमान अपने हाथों में संभाली, वैसे ही आम आदमी को हवाई चप्पल से हवाई जहाज का सफर करने को लेकर केंद्र सरकार ने उड़ान योजना बनाई. जिसके तहत देश के कई ऐसे एरोड्रम जो वास्तव में है तो, लेकिन उनकी उपयोगिता शुन्य के समान है, उन्हें नए सिरे से संवारने और नया स्वरूप देने के लिए उड़ान योजना के तहत केंद्र सरकार ने अरबों का बजट स्वीकृत किया था. ऐसे में अम्बिकापुर के दरीमा एरोड्रम की भी किस्मत खुल गयी. उड़ान योजना के तहत पिछले 10 वर्षों से इस एयरपोर्ट को ना सिर्फ नए सिरे से बनाया गया है, बल्कि इसकी लंबाई-चौड़ाई को भी व्यापक रूप दिया गया है.

नए एयरपोर्ट की अंतिम चरण में तैयारियां
मां महामाया एयरपोर्ट की रूपरेखा
हवाई पट्टी अंबिकापुर शहर से 13 किमी की दूरी पर दरिमा ग्राम में स्थित है. इसका पूरा क्षेत्रफल 365 एकड़ है और यह हवाई पट्टी समुद्र तल से 1924 फीट की ऊंचाई पर है. वर्ष 2014-15 में प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में शुरू हुई उड़ान योजना के अन्तर्गत रिजनल कनेक्टिविटी सर्विस के अंतर्गत अंबिकापुर हवाई पट्टी को हवाई अड्डे में उन्नयन किए जाने के लिए शामिल किया गया था. इसके तहत हवाई पट्टी का उन्नयन वर्ष 2014 में किया गया, जिसमें डामरीकरण की सतह को 15 मीटर चौड़ाई से बढ़ाकर 30 मीटर चौड़ा किया गया और टर्मिनल भवन का उन्नयन 20 यात्रियों के आवागमन के लिए कराया गया.
बढ़ाई गई रनवे की लंबाई
हवाई अड्डे के विकास के लिए कुल 46.27 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति लोक निर्माण विभाग को जारी की गई. जिसके तहत लोक निर्माण विभाग ने दिसम्बर 2021 से उन्नयन कार्य थ्री सीवीएफआर के अनुरूप शुरू किया. जिसके तहत विभिन्न कार्य कराये गए जिसमें रनवे की लंबाई 1500 मीटर से बढ़ाकर 1800 मीटर किया गया. रनवे के मजबूती करण के लिए पीसीएन को बढ़ाकर 25 किया गया, जिसे एटीआर 72 के अनुरूप किया गया.
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
मां महामाया एयरपोर्ट : इस जगह पर एयरपोर्ट बनने में लग गए 74 वर्ष, पीएम मोदी इस दिन करेंगे शुभारंभ
CG
छत्तीसगढ़ के आदिवासी बाहुल्य सरगुजा जिले की बहुप्रतीक्षित मांगों में एक अम्बिकापुर को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ने की मांग अब पूरी होती नजर आ रही है. आगामी 20 अक्टूबर को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से अम्बिकापुर के मां महामाया एयरपोर्ट
का उद्घाटन करेंगे. एयरपोर्ट के उद्घाटन कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, केन्द्रीय उडय्यन मंत्री राममोहन नायडू सहित अन्य मंत्री भी उपस्थित होंगे. जिसके तहत उद्घाटन की तैयारी जोरों-शोरों से चल रही है.

मां महामाया एयरपोर्ट
दरीमा एरोड्राम से काम चला रहे थे लोग
दरअसल, 1950 के दौरान अस्तित्व में आए दरीमा एरोड्रम को मां महामाया एयरपोर्ट बनने में 74 वर्ष का समय लग गया. इस एयरपोर्ट में देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री श्रीमति इंदिरा गांधी से लेकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपयी और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक का जहाज लैंड हुआ है. कभी सिर्फ चटियल मैदान के रूप में नजर आने वाले इस एरोड्रम को कभी-कभार ही जहाज उतरने का सौभाग्य प्राप्त होता था. लेकिन अब यह कमर्शियल फ्लाइट के लिए तैयार है.
एरोड्राम से एयरपोर्ट तक की कहानी
वर्ष 2014 में देश में नरेंद्र मोदी की नेतृत्व वाली सरकार ने जैसे ही देश की कमान अपने हाथों में संभाली, वैसे ही आम आदमी को हवाई चप्पल से हवाई जहाज का सफर करने को लेकर केंद्र सरकार ने उड़ान योजना बनाई. जिसके तहत देश के कई ऐसे एरोड्रम जो वास्तव में है तो, लेकिन उनकी उपयोगिता शुन्य के समान है, उन्हें नए सिरे से संवारने और नया स्वरूप देने के लिए उड़ान योजना के तहत केंद्र सरकार ने अरबों का बजट स्वीकृत किया था. ऐसे में अम्बिकापुर के दरीमा एरोड्रम की भी किस्मत खुल गयी. उड़ान योजना के तहत पिछले 10 वर्षों से इस एयरपोर्ट को ना सिर्फ नए सिरे से बनाया गया है, बल्कि इसकी लंबाई-चौड़ाई को भी व्यापक रूप दिया गया है.

नए एयरपोर्ट की अंतिम चरण में तैयारियां
मां महामाया एयरपोर्ट की रूपरेखा
हवाई पट्टी अंबिकापुर शहर से 13 किमी की दूरी पर दरिमा ग्राम में स्थित है. इसका पूरा क्षेत्रफल 365 एकड़ है और यह हवाई पट्टी समुद्र तल से 1924 फीट की ऊंचाई पर है. वर्ष 2014-15 में प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में शुरू हुई उड़ान योजना के अन्तर्गत रिजनल कनेक्टिविटी सर्विस के अंतर्गत अंबिकापुर हवाई पट्टी को हवाई अड्डे में उन्नयन किए जाने के लिए शामिल किया गया था. इसके तहत हवाई पट्टी का उन्नयन वर्ष 2014 में किया गया, जिसमें डामरीकरण की सतह को 15 मीटर चौड़ाई से बढ़ाकर 30 मीटर चौड़ा किया गया और टर्मिनल भवन का उन्नयन 20 यात्रियों के आवागमन के लिए कराया गया.
बढ़ाई गई रनवे की लंबाई
हवाई अड्डे के विकास के लिए कुल 46.27 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति लोक निर्माण विभाग को जारी की गई. जिसके तहत लोक निर्माण विभाग ने दिसम्बर 2021 से उन्नयन कार्य थ्री सीवीएफआर के अनुरूप शुरू किया. जिसके तहत विभिन्न कार्य कराये गए जिसमें रनवे की लंबाई 1500 मीटर से बढ़ाकर 1800 मीटर किया गया. रनवे के मजबूती करण के लिए पीसीएन को बढ़ाकर 25 किया गया, जिसे एटीआर 72 के अनुरूप किया गया.
