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8 साल बाद खुला कचना ओवरब्रिज, सीएम साय ने किया उद्घाटन
रायपुर (छ.ग.)
रायपुर में 8 साल बाद कचना रेलवे ओवरब्रिज शुरू हुआ। CM विष्णुदेव साय ने लोकार्पण किया, लेकिन उद्घाटन के दिन ही शहर जाम से जूझता नजर आया।
रायपुर की ट्रैफिक समस्या से जूझ रहे लोगों को आखिरकार कचना रेलवे ओवरब्रिज की सौगात मिल गई है। करीब 8 साल के लंबे इंतजार के बाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस ओवरब्रिज का उद्घाटन किया। 48 करोड़ 78 लाख रुपए की लागत से बना ये ब्रिज राजधानी के सबसे अहम ट्रैफिक प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है। 787 मीटर लंबे और 13 मीटर चौड़े इस ओवरब्रिज के शुरू होने से कचना रेलवे फाटक पर लगने वाले रोजाना के जाम से राहत मिलने की आस जताई जा रही है। प्रशासन का दावा है कि इससे हर दिन करीब दो लाख लोगों को फायदा होगा। उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर सुबह से ही इलाके में हलचल मची रही, और बड़ी संख्या में लोग भी मौके पर पहुंचे। लेकिन शाम होते-होते हालात कुछ और ही नजर आने लगे और उद्घाटन के दिन ही शहर के कई हिस्सों में लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।
कचना रेलवे क्रॉसिंग लंबे समय से राजधानी की सबसे बड़ी ट्रैफिक समस्याओं में से एक रही है। यहां हर रोज यात्री और मालगाड़ियों की आवाजाही होती है, जिससे फाटक बार-बार बंद करना पड़ता था। इस वजह से शंकर नगर, खम्हारडीह, जोरा, वीआईपी कॉलोनी और भावना नगर जैसे इलाकों के लोग घंटों जाम में फंसे रहते थे। स्कूल बसें, एंबुलेंस और ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती थी। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नए ओवरब्रिज में सर्विस लेन, रोड मार्किंग, रिफलेक्टिव साइन बोर्ड और लाइटिंग जैसी सुविधाएं दी गई हैं ताकि रात में भी यातायात सुरक्षित रहे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में कहा कि ये क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग थी, जिसे अब पूरा किया गया है। उपमुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साओ ने भी कहा कि करीब 25 कॉलोनियों के लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
उद्घाटन के कुछ घंटे बाद ही राजधानी की सड़कों पर भारी दबाव देखा गया। शुक्रवार शाम शंकर नगर से कचना फाटक तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बताया जा रहा है कि वीआईपी मूवमेंट और उद्घाटन कार्यक्रम के कारण कुछ समय के लिए ट्रैफिक रोका गया था। इसी दौरान बीटीआई मैदान में लगे मेले से निकली भीड़ ने स्थिति को और बिगाड़ दिया। कई जगह गाड़ियां धीरे-धीरे चलती नजर आईं। स्थानीय लोगों का कहना था कि नए ओवरब्रिज से राहत की उम्मीद थी, लेकिन पहले ही दिन लोगों को घंटों सड़क पर फंसे रहना पड़ा। एक निजी कंपनी में काम करने वाले युवक ने बताया कि शंकर नगर से घर पहुंचने में उसे करीब एक घंटा लग गया। राजीव भवन, अनुपम नगर ओवरब्रिज और अशोका रतन इलाके में भी ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित रही। पुलिसकर्मी लगातार अपनी ड्यूटी पर तैनात रहे, लेकिन देर रात तक हालात में कोई सुधार नहीं हुआ। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि शुरुआत में ट्रैफिक डायवर्जन और भीड़ की वजह से परेशानी हुई, लेकिन आने वाले दिनों में सब कुछ सामान्य हो जाएगा।
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8 साल बाद खुला कचना ओवरब्रिज, सीएम साय ने किया उद्घाटन
रायपुर (छ.ग.)
रायपुर की ट्रैफिक समस्या से जूझ रहे लोगों को आखिरकार कचना रेलवे ओवरब्रिज की सौगात मिल गई है। करीब 8 साल के लंबे इंतजार के बाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस ओवरब्रिज का उद्घाटन किया। 48 करोड़ 78 लाख रुपए की लागत से बना ये ब्रिज राजधानी के सबसे अहम ट्रैफिक प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है। 787 मीटर लंबे और 13 मीटर चौड़े इस ओवरब्रिज के शुरू होने से कचना रेलवे फाटक पर लगने वाले रोजाना के जाम से राहत मिलने की आस जताई जा रही है। प्रशासन का दावा है कि इससे हर दिन करीब दो लाख लोगों को फायदा होगा। उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर सुबह से ही इलाके में हलचल मची रही, और बड़ी संख्या में लोग भी मौके पर पहुंचे। लेकिन शाम होते-होते हालात कुछ और ही नजर आने लगे और उद्घाटन के दिन ही शहर के कई हिस्सों में लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।
कचना रेलवे क्रॉसिंग लंबे समय से राजधानी की सबसे बड़ी ट्रैफिक समस्याओं में से एक रही है। यहां हर रोज यात्री और मालगाड़ियों की आवाजाही होती है, जिससे फाटक बार-बार बंद करना पड़ता था। इस वजह से शंकर नगर, खम्हारडीह, जोरा, वीआईपी कॉलोनी और भावना नगर जैसे इलाकों के लोग घंटों जाम में फंसे रहते थे। स्कूल बसें, एंबुलेंस और ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती थी। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नए ओवरब्रिज में सर्विस लेन, रोड मार्किंग, रिफलेक्टिव साइन बोर्ड और लाइटिंग जैसी सुविधाएं दी गई हैं ताकि रात में भी यातायात सुरक्षित रहे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में कहा कि ये क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग थी, जिसे अब पूरा किया गया है। उपमुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साओ ने भी कहा कि करीब 25 कॉलोनियों के लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
उद्घाटन के कुछ घंटे बाद ही राजधानी की सड़कों पर भारी दबाव देखा गया। शुक्रवार शाम शंकर नगर से कचना फाटक तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बताया जा रहा है कि वीआईपी मूवमेंट और उद्घाटन कार्यक्रम के कारण कुछ समय के लिए ट्रैफिक रोका गया था। इसी दौरान बीटीआई मैदान में लगे मेले से निकली भीड़ ने स्थिति को और बिगाड़ दिया। कई जगह गाड़ियां धीरे-धीरे चलती नजर आईं। स्थानीय लोगों का कहना था कि नए ओवरब्रिज से राहत की उम्मीद थी, लेकिन पहले ही दिन लोगों को घंटों सड़क पर फंसे रहना पड़ा। एक निजी कंपनी में काम करने वाले युवक ने बताया कि शंकर नगर से घर पहुंचने में उसे करीब एक घंटा लग गया। राजीव भवन, अनुपम नगर ओवरब्रिज और अशोका रतन इलाके में भी ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित रही। पुलिसकर्मी लगातार अपनी ड्यूटी पर तैनात रहे, लेकिन देर रात तक हालात में कोई सुधार नहीं हुआ। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि शुरुआत में ट्रैफिक डायवर्जन और भीड़ की वजह से परेशानी हुई, लेकिन आने वाले दिनों में सब कुछ सामान्य हो जाएगा।
