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समर वेकेशन में मां बम्लेश्वरी मंदिर ट्रिप बनाएं यादगार, घूमिए पहाड़ और चखिए छत्तीसगढ़ी स्वाद
छत्तीसगढ़
डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर गर्मियों में धार्मिक यात्रा, प्राकृतिक सुंदरता और स्थानीय फूड का शानदार अनुभव देता है।
गर्मी की छुट्टियों में लोग ऐसी जगह घूमना पसंद करते हैं जहां धार्मिक शांति, प्राकृतिक सुंदरता और स्वादिष्ट खाना एक साथ मिल सके। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर ऐसी ही खास जगहों में शामिल है। डोंगरगढ़ की पहाड़ियों पर स्थित यह मंदिर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय है। हर साल हजारों लोग यहां माता के दर्शन करने और पहाड़ियों की खूबसूरती देखने पहुंचते हैं। समर सीजन में अगर आप धार्मिक और शांतिपूर्ण ट्रिप प्लान कर रहे हैं, तो मां बम्लेश्वरी मंदिर आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है।
डोंगरगढ़ में स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को करीब एक हजार सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। हालांकि अब यहां रोपवे की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे पर्यटक आसानी से पहाड़ी तक पहुंच सकते हैं। रोपवे से ऊपर जाते समय आसपास के पहाड़, हरियाली और शहर का खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है। गर्मी के मौसम में सुबह और शाम का समय यहां घूमने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।
मां बम्लेश्वरी मंदिर छत्तीसगढ़ के प्रमुख शक्तिपीठों में गिना जाता है। यहां माता रानी के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर परिसर का शांत वातावरण और पहाड़ियों के बीच स्थित इसकी भव्यता लोगों को आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराती है। नवरात्रि के दौरान यहां भारी भीड़ देखने को मिलती है, लेकिन गर्मी की छुट्टियों में भी यहां श्रद्धालुओं का आना लगातार बना रहता है।
अगर आप समर ट्रिप प्लान कर रहे हैं तो सुबह जल्दी मंदिर पहुंचना बेहतर रहेगा। सुबह का मौसम ठंडा और सुहावना होता है, जिससे सीढ़ियां चढ़ने में ज्यादा परेशानी नहीं होती। दिन में तापमान बढ़ने के कारण दोपहर के समय घूमने से बचना चाहिए। हल्के कपड़े पहनना और पानी की बोतल साथ रखना जरूरी होता है।
मां बम्लेश्वरी मंदिर के आसपास कई घूमने लायक जगहें भी मौजूद हैं। डोंगरगढ़ की पहाड़ियां और प्राकृतिक दृश्य पर्यटकों को काफी पसंद आते हैं। यहां का प्रज्ञागिरी पहाड़ भी खास आकर्षण का केंद्र है। इस पहाड़ी पर भगवान बुद्ध की विशाल प्रतिमा स्थित है। यहां से आसपास का दृश्य बेहद खूबसूरत दिखाई देता है। शाम के समय यहां का वातावरण काफी शांत और मनमोहक होता है।
इसके अलावा डोंगरगढ़ के आसपास छोटे-छोटे बाजार भी हैं, जहां स्थानीय वस्तुएं और पारंपरिक सामान खरीदा जा सकता है। धार्मिक वस्तुओं के साथ यहां हस्तशिल्प और स्थानीय कला से जुड़ी चीजें भी मिलती हैं। पर्यटक यहां से यादगार सामान खरीद सकते हैं।
डोंगरगढ़ का स्थानीय भोजन भी पर्यटकों को काफी आकर्षित करता है। छत्तीसगढ़ी खानपान अपने सरल और स्वादिष्ट स्वाद के लिए जाना जाता है। यहां आने वाले लोगों को फरा, चीला और बफौरी जैसे पारंपरिक व्यंजन जरूर ट्राय करने चाहिए। चना दाल और चावल से बनने वाले ये व्यंजन स्वादिष्ट होने के साथ-साथ हेल्दी भी माने जाते हैं।
सुबह के नाश्ते में पोहा-जलेबी का स्वाद भी लोगों को खूब पसंद आता है। गर्मागरम पोहा पर सेव और धनिया डालकर परोसा जाता है, जबकि मीठी जलेबी इसका स्वाद बढ़ा देती है। इसके अलावा समोसा, कचौरी और चाट जैसी चीजें भी स्थानीय बाजारों में आसानी से मिल जाती हैं।
गर्मी के मौसम में ठंडी लस्सी और शिकंजी पर्यटकों को राहत देती है। वहीं मीठा पसंद करने वालों के लिए देसी मिठाइयां भी आकर्षण का केंद्र रहती हैं। डोंगरगढ़ के छोटे फूड स्टॉल्स और स्थानीय दुकानों पर आपको पारंपरिक स्वाद का असली अनुभव मिल सकता है।
अगर आप परिवार या दोस्तों के साथ यात्रा कर रहे हैं तो शाम के समय पहाड़ियों के बीच बैठकर सूर्यास्त का नजारा जरूर देखें। यहां का शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता ट्रिप को यादगार बना देती है। फोटोग्राफी पसंद करने वालों के लिए भी यह जगह शानदार मानी जाती है।
डोंगरगढ़ पहुंचने के लिए सड़क और रेल दोनों सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां का रेलवे स्टेशन प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। मंदिर के आसपास रुकने के लिए होटल और धर्मशालाएं भी आसानी से मिल जाती हैं। बजट से लेकर अच्छे होटल तक पर्यटकों के लिए कई विकल्प उपलब्ध रहते हैं।
समर वेकेशन में मां बम्लेश्वरी मंदिर की यात्रा धार्मिक आस्था, प्राकृतिक सुंदरता और स्वादिष्ट भोजन का अनोखा अनुभव देती है। यहां की पहाड़ियां, शांत वातावरण और स्थानीय संस्कृति हर पर्यटक को खास अनुभव कराती है। अगर आप इस गर्मी में किसी शांत और आध्यात्मिक जगह घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो डोंगरगढ़ का मां बम्लेश्वरी मंदिर आपके लिए एक शानदार डेस्टिनेशन साबित हो सकता है।
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समर वेकेशन में मां बम्लेश्वरी मंदिर ट्रिप बनाएं यादगार, घूमिए पहाड़ और चखिए छत्तीसगढ़ी स्वाद
छत्तीसगढ़
गर्मी की छुट्टियों में लोग ऐसी जगह घूमना पसंद करते हैं जहां धार्मिक शांति, प्राकृतिक सुंदरता और स्वादिष्ट खाना एक साथ मिल सके। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर ऐसी ही खास जगहों में शामिल है। डोंगरगढ़ की पहाड़ियों पर स्थित यह मंदिर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय है। हर साल हजारों लोग यहां माता के दर्शन करने और पहाड़ियों की खूबसूरती देखने पहुंचते हैं। समर सीजन में अगर आप धार्मिक और शांतिपूर्ण ट्रिप प्लान कर रहे हैं, तो मां बम्लेश्वरी मंदिर आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है।
डोंगरगढ़ में स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को करीब एक हजार सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। हालांकि अब यहां रोपवे की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे पर्यटक आसानी से पहाड़ी तक पहुंच सकते हैं। रोपवे से ऊपर जाते समय आसपास के पहाड़, हरियाली और शहर का खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है। गर्मी के मौसम में सुबह और शाम का समय यहां घूमने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।
मां बम्लेश्वरी मंदिर छत्तीसगढ़ के प्रमुख शक्तिपीठों में गिना जाता है। यहां माता रानी के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर परिसर का शांत वातावरण और पहाड़ियों के बीच स्थित इसकी भव्यता लोगों को आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराती है। नवरात्रि के दौरान यहां भारी भीड़ देखने को मिलती है, लेकिन गर्मी की छुट्टियों में भी यहां श्रद्धालुओं का आना लगातार बना रहता है।
अगर आप समर ट्रिप प्लान कर रहे हैं तो सुबह जल्दी मंदिर पहुंचना बेहतर रहेगा। सुबह का मौसम ठंडा और सुहावना होता है, जिससे सीढ़ियां चढ़ने में ज्यादा परेशानी नहीं होती। दिन में तापमान बढ़ने के कारण दोपहर के समय घूमने से बचना चाहिए। हल्के कपड़े पहनना और पानी की बोतल साथ रखना जरूरी होता है।
मां बम्लेश्वरी मंदिर के आसपास कई घूमने लायक जगहें भी मौजूद हैं। डोंगरगढ़ की पहाड़ियां और प्राकृतिक दृश्य पर्यटकों को काफी पसंद आते हैं। यहां का प्रज्ञागिरी पहाड़ भी खास आकर्षण का केंद्र है। इस पहाड़ी पर भगवान बुद्ध की विशाल प्रतिमा स्थित है। यहां से आसपास का दृश्य बेहद खूबसूरत दिखाई देता है। शाम के समय यहां का वातावरण काफी शांत और मनमोहक होता है।
इसके अलावा डोंगरगढ़ के आसपास छोटे-छोटे बाजार भी हैं, जहां स्थानीय वस्तुएं और पारंपरिक सामान खरीदा जा सकता है। धार्मिक वस्तुओं के साथ यहां हस्तशिल्प और स्थानीय कला से जुड़ी चीजें भी मिलती हैं। पर्यटक यहां से यादगार सामान खरीद सकते हैं।
डोंगरगढ़ का स्थानीय भोजन भी पर्यटकों को काफी आकर्षित करता है। छत्तीसगढ़ी खानपान अपने सरल और स्वादिष्ट स्वाद के लिए जाना जाता है। यहां आने वाले लोगों को फरा, चीला और बफौरी जैसे पारंपरिक व्यंजन जरूर ट्राय करने चाहिए। चना दाल और चावल से बनने वाले ये व्यंजन स्वादिष्ट होने के साथ-साथ हेल्दी भी माने जाते हैं।
सुबह के नाश्ते में पोहा-जलेबी का स्वाद भी लोगों को खूब पसंद आता है। गर्मागरम पोहा पर सेव और धनिया डालकर परोसा जाता है, जबकि मीठी जलेबी इसका स्वाद बढ़ा देती है। इसके अलावा समोसा, कचौरी और चाट जैसी चीजें भी स्थानीय बाजारों में आसानी से मिल जाती हैं।
गर्मी के मौसम में ठंडी लस्सी और शिकंजी पर्यटकों को राहत देती है। वहीं मीठा पसंद करने वालों के लिए देसी मिठाइयां भी आकर्षण का केंद्र रहती हैं। डोंगरगढ़ के छोटे फूड स्टॉल्स और स्थानीय दुकानों पर आपको पारंपरिक स्वाद का असली अनुभव मिल सकता है।
अगर आप परिवार या दोस्तों के साथ यात्रा कर रहे हैं तो शाम के समय पहाड़ियों के बीच बैठकर सूर्यास्त का नजारा जरूर देखें। यहां का शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता ट्रिप को यादगार बना देती है। फोटोग्राफी पसंद करने वालों के लिए भी यह जगह शानदार मानी जाती है।
डोंगरगढ़ पहुंचने के लिए सड़क और रेल दोनों सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां का रेलवे स्टेशन प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। मंदिर के आसपास रुकने के लिए होटल और धर्मशालाएं भी आसानी से मिल जाती हैं। बजट से लेकर अच्छे होटल तक पर्यटकों के लिए कई विकल्प उपलब्ध रहते हैं।
समर वेकेशन में मां बम्लेश्वरी मंदिर की यात्रा धार्मिक आस्था, प्राकृतिक सुंदरता और स्वादिष्ट भोजन का अनोखा अनुभव देती है। यहां की पहाड़ियां, शांत वातावरण और स्थानीय संस्कृति हर पर्यटक को खास अनुभव कराती है। अगर आप इस गर्मी में किसी शांत और आध्यात्मिक जगह घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो डोंगरगढ़ का मां बम्लेश्वरी मंदिर आपके लिए एक शानदार डेस्टिनेशन साबित हो सकता है।
