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आस्था या अंधविश्वास ? नौ दिन बिना अन्न-जल... किल की खाट पर सोना, ईश्वरी के सपने में आई थीं मां दुर्गा
JAGRAN DESK
किलों की खाट पर लेट कर ज्योत जलाकर नौ दिनों तक नवरात्र में मां की आराधना में ईश्वरी चौहान फिर से डूब गई हैं। 9 दिनों तक नवरात्र में मां की आराधना में भक्त डूबी हुई है। बिना खान पीन के नौ दिनों तक मां की आराधना करेंगी।
नवरात्र में देवी मां की आस्था में लोग पूजा अनुष्ठान विधान पूर्वक तो करते ही हैं, कुछ लोग एकदम अलग तरीका अपनाकर लोगों को आश्चर्य में भी डाल देते हैं। ऐसी ही आस्था के साथ हरदी बाजार के ग्राम नेवसा निवासी छोटेलाल चौहान की पत्नी ईश्वरी चौहान देवी मां की सेवा में जुटी हैं। उन्होंने नवरात्र में नुकीले कील से बनी खाट पर लेटकर देवी मां की साधना कर रही है। उनकी इस तरह की साधना का यह दूसरा प्रयास है।
ईश्वरी चौहान का कहना है कि उन्हें माता रानी ने सपना में ऐसा करने का संकेत दिया था। वे कील की खाट पर लेटकर ज्योत, जवारा जलाकर सेवा में कर रही हैं, जहां परिवार के साथ गांव के लोग भी रोजाना भजन-कीर्तन और जसगीत में पहुंचकर माता रानी के दर्शन कर रहे हैं।
इस सम्बंध में ईश्वरीय चौहान ने बताया कि एक वर्ष पूर्व से पत्नी के सपने में छोटी बच्ची दिखाई पड़ रही थी, जो पूजा करने के लिऐ प्रेरित कर रही थी। इसकी जानकारी वे अपने पति को देती है और पूजा पाठ करने की बात कहती है। फिर नवरात्रि से पूजा-पाठ करने की इच्छा बढ़ गई। तब पुनः एक सफेद साड़ी में महिला आकर रूद्राक्ष की माला से जोर-जोर आवाज से जाप करने लगी।

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नवरात्र में देवी मां की आस्था में लोग पूजा अनुष्ठान विधान पूर्वक तो करते ही हैं, कुछ लोग एकदम अलग तरीका अपनाकर लोगों को आश्चर्य में भी डाल देते हैं। ऐसी ही आस्था के साथ हरदी बाजार के ग्राम नेवसा निवासी छोटेलाल चौहान की पत्नी ईश्वरी चौहान देवी मां की सेवा में जुटी हैं। उन्होंने नवरात्र में नुकीले कील से बनी खाट पर लेटकर देवी मां की साधना कर रही है। उनकी इस तरह की साधना का यह दूसरा प्रयास है।
ईश्वरी चौहान का कहना है कि उन्हें माता रानी ने सपना में ऐसा करने का संकेत दिया था। वे कील की खाट पर लेटकर ज्योत, जवारा जलाकर सेवा में कर रही हैं, जहां परिवार के साथ गांव के लोग भी रोजाना भजन-कीर्तन और जसगीत में पहुंचकर माता रानी के दर्शन कर रहे हैं।
इस सम्बंध में ईश्वरीय चौहान ने बताया कि एक वर्ष पूर्व से पत्नी के सपने में छोटी बच्ची दिखाई पड़ रही थी, जो पूजा करने के लिऐ प्रेरित कर रही थी। इसकी जानकारी वे अपने पति को देती है और पूजा पाठ करने की बात कहती है। फिर नवरात्रि से पूजा-पाठ करने की इच्छा बढ़ गई। तब पुनः एक सफेद साड़ी में महिला आकर रूद्राक्ष की माला से जोर-जोर आवाज से जाप करने लगी।

