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छत्तीसगढ़ की मतदाता सूची में फिर बढ़ेगी संख्या, हटे नाम जुड़वाने को लाखों आवेदन
छत्तीसगढ़
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के बाद हटाए गए नामों को लेकर प्रदेशभर से दावा-आपत्ति शुरू, अंतिम सूची फरवरी में होगी जारी।
छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के लिए चलाए गए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के बाद प्रदेश की वोटर लिस्ट में एक बार फिर बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रारंभिक ड्राफ्ट सूची से हटाए गए नामों को लेकर अब बड़ी संख्या में नागरिकों ने दोबारा आवेदन करना शुरू कर दिया है, जिससे अंतिम मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदेश में कुल 2 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 मतदाता दर्ज किए गए थे। इस ड्राफ्ट सूची के प्रकाशन के बाद जिन नागरिकों के नाम शामिल नहीं पाए गए, उन्हें दावा और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया। इसी क्रम में अब तक 2 लाख 74 हजार से अधिक लोगों ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए आवेदन जमा किए हैं।
यह विशेष पुनरीक्षण अभियान 7 नवंबर से शुरू होकर लगभग 45 दिनों तक चला। इस दौरान बूथ लेवल अधिकारियों ने घर-घर जाकर मतदाताओं का भौतिक सत्यापन किया। सत्यापन के आधार पर बड़ी संख्या में ऐसे नाम सूची से हटाए गए, जो मृत्यु, स्थायी स्थानांतरण, दोहरी प्रविष्टि या अपात्रता की श्रेणी में आए।
आंकड़ों के अनुसार, ड्राफ्ट सूची से कुल 27 लाख से अधिक नाम हटाए गए। इनमें मृत मतदाता, एक से अधिक स्थानों पर दर्ज नाम और लंबे समय से अनुपस्थित मतदाता शामिल हैं। आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया किसी को वंचित करने के लिए नहीं, बल्कि मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए की गई है।
दावा-आपत्ति की अवधि 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक निर्धारित की गई है। इसके बाद 14 फरवरी 2026 तक प्राप्त आवेदनों की सुनवाई और सत्यापन किया जाएगा। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद अंतिम मतदाता सूची 21 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
निर्वाचन आयोग के अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी पात्र मतदाता का नाम गलती से हट गया है, तो उसे चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। समय सीमा के भीतर आवेदन करने पर जांच के बाद नाम दोबारा सूची में शामिल किया जाएगा। आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सुगम रखी जाए।
अंतिम सूची जारी होने के बाद छत्तीसगढ़ में मतदाताओं की संख्या में दोबारा बढ़ोतरी तय मानी जा रही है, जिससे आगामी चुनावों में व्यापक और निष्पक्ष भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी।
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छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के लिए चलाए गए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के बाद प्रदेश की वोटर लिस्ट में एक बार फिर बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रारंभिक ड्राफ्ट सूची से हटाए गए नामों को लेकर अब बड़ी संख्या में नागरिकों ने दोबारा आवेदन करना शुरू कर दिया है, जिससे अंतिम मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदेश में कुल 2 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 मतदाता दर्ज किए गए थे। इस ड्राफ्ट सूची के प्रकाशन के बाद जिन नागरिकों के नाम शामिल नहीं पाए गए, उन्हें दावा और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया। इसी क्रम में अब तक 2 लाख 74 हजार से अधिक लोगों ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए आवेदन जमा किए हैं।
यह विशेष पुनरीक्षण अभियान 7 नवंबर से शुरू होकर लगभग 45 दिनों तक चला। इस दौरान बूथ लेवल अधिकारियों ने घर-घर जाकर मतदाताओं का भौतिक सत्यापन किया। सत्यापन के आधार पर बड़ी संख्या में ऐसे नाम सूची से हटाए गए, जो मृत्यु, स्थायी स्थानांतरण, दोहरी प्रविष्टि या अपात्रता की श्रेणी में आए।
आंकड़ों के अनुसार, ड्राफ्ट सूची से कुल 27 लाख से अधिक नाम हटाए गए। इनमें मृत मतदाता, एक से अधिक स्थानों पर दर्ज नाम और लंबे समय से अनुपस्थित मतदाता शामिल हैं। आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया किसी को वंचित करने के लिए नहीं, बल्कि मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए की गई है।
दावा-आपत्ति की अवधि 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक निर्धारित की गई है। इसके बाद 14 फरवरी 2026 तक प्राप्त आवेदनों की सुनवाई और सत्यापन किया जाएगा। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद अंतिम मतदाता सूची 21 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
निर्वाचन आयोग के अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी पात्र मतदाता का नाम गलती से हट गया है, तो उसे चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। समय सीमा के भीतर आवेदन करने पर जांच के बाद नाम दोबारा सूची में शामिल किया जाएगा। आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सुगम रखी जाए।
अंतिम सूची जारी होने के बाद छत्तीसगढ़ में मतदाताओं की संख्या में दोबारा बढ़ोतरी तय मानी जा रही है, जिससे आगामी चुनावों में व्यापक और निष्पक्ष भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी।
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