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सावन के अंतिम सोमवार को भूतेश्वर नाथ मंदिर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, सुबह 4 बजे से शुरू हुआ जलाभिषेक
Gariyaband, cg
सावन मास के अंतिम सोमवार को गरियाबंद स्थित भूतेश्वर नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था का ज्वार उमड़ पड़ा। सुबह 4 बजे से ही भक्तों की लंबी कतारें मंदिर की ओर बढ़ने लगीं। हर कोई अपने हाथ में जल कलश लेकर भगवान शिव के विशाल शिवलिंग पर जलाभिषेक करने पहुंचा।
यह मंदिर प्राकृतिक रूप से स्थापित 80 फीट ऊंचे और 210 फीट घेरे वाले शिवलिंग के लिए प्रसिद्ध है, जिसे हर साल आकार में बढ़ने वाला चमत्कारी शिवलिंग माना जाता है। मान्यता है कि यहां स्वयं भगवान शिव साक्षात विराजमान हैं, और यही कारण है कि हर वर्ष यहाँ श्रद्धालुओं की संख्या में इज़ाफा होता है।
वैज्ञानिक भी इस शिवलिंग के रहस्य को आज तक पूरी तरह नहीं सुलझा सके हैं, जिससे इसकी रहस्यमयता और बढ़ जाती है। सावन के अंतिम सोमवार को यहाँ पूजा-अर्चना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, ऐसा भक्तों का विश्वास है।
मंदिर समिति द्वारा भक्तों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है, जहाँ दूर-दराज से आए श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे। इसके अतिरिक्त शाम को भव्य लेजर शो का आयोजन भी प्रस्तावित है, जो मंदिर परिसर में भक्ति और आधुनिकता का समन्वय प्रस्तुत करेगा।
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सावन के अंतिम सोमवार को भूतेश्वर नाथ मंदिर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, सुबह 4 बजे से शुरू हुआ जलाभिषेक
Gariyaband, cg
यह मंदिर प्राकृतिक रूप से स्थापित 80 फीट ऊंचे और 210 फीट घेरे वाले शिवलिंग के लिए प्रसिद्ध है, जिसे हर साल आकार में बढ़ने वाला चमत्कारी शिवलिंग माना जाता है। मान्यता है कि यहां स्वयं भगवान शिव साक्षात विराजमान हैं, और यही कारण है कि हर वर्ष यहाँ श्रद्धालुओं की संख्या में इज़ाफा होता है।
वैज्ञानिक भी इस शिवलिंग के रहस्य को आज तक पूरी तरह नहीं सुलझा सके हैं, जिससे इसकी रहस्यमयता और बढ़ जाती है। सावन के अंतिम सोमवार को यहाँ पूजा-अर्चना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, ऐसा भक्तों का विश्वास है।
मंदिर समिति द्वारा भक्तों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है, जहाँ दूर-दराज से आए श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे। इसके अतिरिक्त शाम को भव्य लेजर शो का आयोजन भी प्रस्तावित है, जो मंदिर परिसर में भक्ति और आधुनिकता का समन्वय प्रस्तुत करेगा।
