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विधानसभा के शीतकालीन सत्र में विपक्ष ने उठाए कई मुद्दे, कहा- पिस रहा किसान चिंता में
Raipur, CG
छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन पक्ष-विपक्ष के बीच तीखे सवाल-जवाब हुए. पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने धान खरीदी का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि बारदाना खरीदी ठीक से नहीं हुई. टोकन ऑनलाइन और ऑफलाइन के चक्कर में किसान पिसते जा रहे हैं.
छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 दिसंबर से शुरू हुआ. सत्र के दौरान विधायक सुशांत शुक्ला ने अवैध रूप से जमीन कब्जे का मुद्दा उठाया. उन्होंने बिलासपुर में शासकीय भूमि पर 2021 से 2024 तक के अवैध कब्जों और निर्माण की जानकारी मांगी. इस पर मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि जिले में 563 शिकायतें मिली हैं. उनके जवाब पर शुक्ला ने कहा कि जवाब गलत है. पट्टा सर्वे में 13273 पट्टे के सर्वे की जानकारी मिली है. पूर्ववर्ती व्यवस्था में शासकीय जमीनों की बंदरबाट हुई है. अधिकारियों पर भी कार्रवाई नहीं हुई.
इस पर मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि पट्टा बांटने में अनियमितता हुई तो उसकी जांच होगी. इस पर विधायक शुक्ला ने कहा कि दस्तावेज पर शासकीय जमीन अंकित है, लेकिन असल में नहीं है. इसकी जांच कराएं. इसके बाद वर्मा ने इस मामले की जांच करने की बात कही. इसके बाद विधायक धरम जीत सिंह ने कहा कि जहां सरकारी जमीनों पर कब्जा है वहां कलेक्टर से जांच कराएंगे. उसके बाद जमीनों को चिन्हितकर कार्रवाई करेंगे. मंत्री टंकराम वर्मा ने परीक्षण जांच कराएंगे, कलेक्टर की अध्यक्षता में कमेटी बनाएंगे.
वन भूमि को लेकर हुए सवाल
प्रश्नकाल के ही दौरान विधायक प्रबोध मिंज ने वन संरक्षण अधिनियम को लेकर हो रहे काम को लेकर मुद्दा उठाया. उन्होंने पूछा कि कि कितनी सड़कों के लिए अनापत्ति दी गई. इसके जवाब में वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि 25 सड़कों के लिए अनापत्ति मांगी गई. इसके बाद प्रबोध मिंज ने कहा कि जनजाति समाज के विकास के लिए बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए. इसके साथ ही विधानसभा में प्रश्नकाल समाप्त हो गया. शून्य काल में डिप्टी सीएम अरुण साव ने अध्यादेश से जुड़े पत्रों को पटल पर रखा. उन्होंने नगर पालिका संशोधन अध्यादेश के चार पत्रों को पटल पर रखा. मंत्री राम विचार नेताम ने अनुसूचित जनजाति आयोग 18वां वार्षिक प्रतिवेदन रखा. मंत्री केदार कश्यप ने सहकारी विपरण संघ के प्रतिवेदन समेत अन्य विधेयक पटल पर रखे. मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल विभागीय विधेयक पटल पर रखा.
किसान चिंता में- पूर्व सीएम बघेल
इसके बाद पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने धान खरीदी का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि बारदाना खरीदी ठीक से नहीं हुई. किसी सोसाइटी में बारदाना है, तो कहीं नहीं है. टोकन ऑनलाइन और ऑफलाइन के चक्कर में किसान पिसते जा रहे हैं. किसान चिंतित हैं कि धान खरीदी होगी या नहीं. अब तक एक तिहाई धान की खरीदी ही हुई है. राइस मिलर, डेटा ऑपरेटर हड़ताल पर हैं, कई धान खरीदी केंद्र में खरीदी बंद हैं.
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विधानसभा के शीतकालीन सत्र में विपक्ष ने उठाए कई मुद्दे, कहा- पिस रहा किसान चिंता में
Raipur, CG
छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 दिसंबर से शुरू हुआ. सत्र के दौरान विधायक सुशांत शुक्ला ने अवैध रूप से जमीन कब्जे का मुद्दा उठाया. उन्होंने बिलासपुर में शासकीय भूमि पर 2021 से 2024 तक के अवैध कब्जों और निर्माण की जानकारी मांगी. इस पर मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि जिले में 563 शिकायतें मिली हैं. उनके जवाब पर शुक्ला ने कहा कि जवाब गलत है. पट्टा सर्वे में 13273 पट्टे के सर्वे की जानकारी मिली है. पूर्ववर्ती व्यवस्था में शासकीय जमीनों की बंदरबाट हुई है. अधिकारियों पर भी कार्रवाई नहीं हुई.
इस पर मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि पट्टा बांटने में अनियमितता हुई तो उसकी जांच होगी. इस पर विधायक शुक्ला ने कहा कि दस्तावेज पर शासकीय जमीन अंकित है, लेकिन असल में नहीं है. इसकी जांच कराएं. इसके बाद वर्मा ने इस मामले की जांच करने की बात कही. इसके बाद विधायक धरम जीत सिंह ने कहा कि जहां सरकारी जमीनों पर कब्जा है वहां कलेक्टर से जांच कराएंगे. उसके बाद जमीनों को चिन्हितकर कार्रवाई करेंगे. मंत्री टंकराम वर्मा ने परीक्षण जांच कराएंगे, कलेक्टर की अध्यक्षता में कमेटी बनाएंगे.
वन भूमि को लेकर हुए सवाल
प्रश्नकाल के ही दौरान विधायक प्रबोध मिंज ने वन संरक्षण अधिनियम को लेकर हो रहे काम को लेकर मुद्दा उठाया. उन्होंने पूछा कि कि कितनी सड़कों के लिए अनापत्ति दी गई. इसके जवाब में वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि 25 सड़कों के लिए अनापत्ति मांगी गई. इसके बाद प्रबोध मिंज ने कहा कि जनजाति समाज के विकास के लिए बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए. इसके साथ ही विधानसभा में प्रश्नकाल समाप्त हो गया. शून्य काल में डिप्टी सीएम अरुण साव ने अध्यादेश से जुड़े पत्रों को पटल पर रखा. उन्होंने नगर पालिका संशोधन अध्यादेश के चार पत्रों को पटल पर रखा. मंत्री राम विचार नेताम ने अनुसूचित जनजाति आयोग 18वां वार्षिक प्रतिवेदन रखा. मंत्री केदार कश्यप ने सहकारी विपरण संघ के प्रतिवेदन समेत अन्य विधेयक पटल पर रखे. मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल विभागीय विधेयक पटल पर रखा.
किसान चिंता में- पूर्व सीएम बघेल
इसके बाद पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने धान खरीदी का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि बारदाना खरीदी ठीक से नहीं हुई. किसी सोसाइटी में बारदाना है, तो कहीं नहीं है. टोकन ऑनलाइन और ऑफलाइन के चक्कर में किसान पिसते जा रहे हैं. किसान चिंतित हैं कि धान खरीदी होगी या नहीं. अब तक एक तिहाई धान की खरीदी ही हुई है. राइस मिलर, डेटा ऑपरेटर हड़ताल पर हैं, कई धान खरीदी केंद्र में खरीदी बंद हैं.
