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मांगें पूरी नहीं होने से पेंशनर्स महासंघ नाराज, 4 मार्च को जल संसाधन विभाग का करेंगे घेराव,
Raipur, CG
मांगों की अनदेखी के चलते पेंशनर्स महासंघ नाराज हैं. विभागीय भविष्य निधि में जमा राशि का ब्याज सहित भुगतान करने समेत 9 सूत्रीय मांगों को लेकर पेंशनर्स महासंघ 4 मार्च को जल संसाधन विभाग का घेराव करेगा. इसे लेकर राजधानी में पेंशनरों की बैठक हुई.
पेंशनर्स महासंघ के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव की अध्यक्षता में बुधवार को राजधानी में बैठक हुई, जिसमें जल संसाधन विभाग की 9 सूत्रीय मांगों को लेकर 4 मार्च को प्रदर्शन करने की रणनीति पर चर्चा की गई. दैनिक वेतनभोगी सेवानिवृत्त कर्मचारी प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक अनिल पाठक ने बताया कि जल संसाधन विभाग में 31 दिसंबर 1988 के पूर्व नियुक्त तृतीय व चतुर्थ वर्ग के सेवानिवृत्त दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लंबित प्रकरणों की अनदेखी की जा रही है. विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं. इसके कारण वरिष्ठ नागरिक पेंशनरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.
ये हैं प्रमुख मांगें
- दिसंबर 1988 के पूर्व से नियुक्त दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की संपूर्ण सेवा अवधि को नियमित किया जाए.
- दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के सेवाकाल की गणना कर उपादान प्रदान किया जाए.
- नियमित एवं कार्यभारित स्थापना के कर्मचारियों को 300 दिन का अवकाश नकदीकरण भुगतान हो.
- अंशदायी पेंशन योजना के सदस्यों का विभागीय भविष्य निधि में जमा राशि का ब्याज सहित भुगतान किया जाए.
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मांगें पूरी नहीं होने से पेंशनर्स महासंघ नाराज, 4 मार्च को जल संसाधन विभाग का करेंगे घेराव,
Raipur, CG
पेंशनर्स महासंघ के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव की अध्यक्षता में बुधवार को राजधानी में बैठक हुई, जिसमें जल संसाधन विभाग की 9 सूत्रीय मांगों को लेकर 4 मार्च को प्रदर्शन करने की रणनीति पर चर्चा की गई. दैनिक वेतनभोगी सेवानिवृत्त कर्मचारी प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक अनिल पाठक ने बताया कि जल संसाधन विभाग में 31 दिसंबर 1988 के पूर्व नियुक्त तृतीय व चतुर्थ वर्ग के सेवानिवृत्त दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लंबित प्रकरणों की अनदेखी की जा रही है. विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं. इसके कारण वरिष्ठ नागरिक पेंशनरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.
ये हैं प्रमुख मांगें
- दिसंबर 1988 के पूर्व से नियुक्त दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की संपूर्ण सेवा अवधि को नियमित किया जाए.
- दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के सेवाकाल की गणना कर उपादान प्रदान किया जाए.
- नियमित एवं कार्यभारित स्थापना के कर्मचारियों को 300 दिन का अवकाश नकदीकरण भुगतान हो.
- अंशदायी पेंशन योजना के सदस्यों का विभागीय भविष्य निधि में जमा राशि का ब्याज सहित भुगतान किया जाए.
