- Hindi News
- राज्य
- छत्तीसगढ़
- रायपुर से दुर्ग तक मेट्रो की तैयारी तेज: DPR के लिए ₹5 करोड़ मंजूर, SCR के रूप में विकसित होंगे रायप...
रायपुर से दुर्ग तक मेट्रो की तैयारी तेज: DPR के लिए ₹5 करोड़ मंजूर, SCR के रूप में विकसित होंगे रायपुर-भिलाई-दुर्ग
Raipur, CG
राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण विधेयक पारित होने के बाद प्रोजेक्ट को मिली रफ्तार, 2031 तक 50 लाख से अधिक आबादी को ध्यान में रखकर बनेगी योजना
छत्तीसगढ़ में शहरी परिवहन और बुनियादी ढांचे को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने रायपुर से दुर्ग तक मेट्रो रेल सेवा शुरू करने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए इसके सर्वे और डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) के लिए ₹5 करोड़ की राशि मंजूर की है। यह परियोजना रायपुर, दुर्ग, भिलाई और नवा रायपुर अटल नगर को मिलाकर विकसित किए जा रहे स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) का प्रमुख हिस्सा होगी।
विधानसभा में राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण विधेयक–2025 के पारित होने के बाद SCR की अवधारणा को औपचारिक मंजूरी मिल गई है। सरकार इस पूरे क्षेत्र को राज्य के विकास का नया ग्रोथ इंजन मान रही है, जहां योजनाबद्ध शहरीकरण, आधुनिक परिवहन व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं का समग्र विकास किया जाएगा।
क्या है योजना
प्रस्तावित मेट्रो परियोजना के तहत रायपुर से दुर्ग तक तेज, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। DPR के माध्यम से मेट्रो रूट, स्टेशन, लागत, तकनीकी मॉडल और यात्री क्षमता का आकलन किया जाएगा। इसके बाद केंद्र सरकार की मेट्रो नीति के अनुरूप आगे की स्वीकृतियां ली जाएंगी।
क्यों जरूरी है SCR और मेट्रो
सरकारी आकलन के मुताबिक, 2031 तक राजधानी क्षेत्र की आबादी 50 लाख से अधिक हो सकती है। तेजी से बढ़ती जनसंख्या, यातायात दबाव और शहरी फैलाव को देखते हुए SCR के रूप में एकीकृत विकास की जरूरत महसूस की जा रही थी। मेट्रो सेवा से न सिर्फ सड़क यातायात का बोझ कम होगा, बल्कि रायपुर-भिलाई-दुर्ग के बीच रोजाना आने-जाने वाले हजारों लोगों को बेहतर विकल्प मिलेगा।
सरकार का पक्ष
डिप्टी मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मेट्रो परियोजना अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन देशभर में मेट्रो नेटवर्क के तेजी से विस्तार को देखते हुए राज्य भी इस दिशा में आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पर्यावरण अनुकूल परिवहन को प्राथमिकता दी जा रही है और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर SCR की अवधारणा को लागू किया गया है।
पिछले विवाद का भी संदर्भ
गौरतलब है कि करीब एक साल पहले तत्कालीन रायपुर महापौर द्वारा रायपुर-दुर्ग-भिलाई में मेट्रो चलाने को लेकर विदेश में हुए MoU पर राजनीतिक विवाद भी सामने आया था। भाजपा नेताओं ने उस समय इसे सरकार की अनुमति के बिना किया गया करार बताते हुए सवाल उठाए थे। मौजूदा सरकार का कहना है कि अब यह परियोजना पूरी तरह सरकारी नीति और प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रही है।
कैसे काम करेगा प्राधिकरण
SCR विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे। इसमें मंत्री, मुख्य सचिव, विभागीय सचिव, कलेक्टर और निर्वाचित जनप्रतिनिधि शामिल रहेंगे। प्राधिकरण के पास अलग से राजधानी क्षेत्र विकास निधि, विशेष उपकर लगाने का अधिकार और वार्षिक बजट तैयार करने की जिम्मेदारी होगी।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
रायपुर से दुर्ग तक मेट्रो की तैयारी तेज: DPR के लिए ₹5 करोड़ मंजूर, SCR के रूप में विकसित होंगे रायपुर-भिलाई-दुर्ग
Raipur, CG
छत्तीसगढ़ में शहरी परिवहन और बुनियादी ढांचे को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने रायपुर से दुर्ग तक मेट्रो रेल सेवा शुरू करने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए इसके सर्वे और डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) के लिए ₹5 करोड़ की राशि मंजूर की है। यह परियोजना रायपुर, दुर्ग, भिलाई और नवा रायपुर अटल नगर को मिलाकर विकसित किए जा रहे स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) का प्रमुख हिस्सा होगी।
विधानसभा में राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण विधेयक–2025 के पारित होने के बाद SCR की अवधारणा को औपचारिक मंजूरी मिल गई है। सरकार इस पूरे क्षेत्र को राज्य के विकास का नया ग्रोथ इंजन मान रही है, जहां योजनाबद्ध शहरीकरण, आधुनिक परिवहन व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं का समग्र विकास किया जाएगा।
क्या है योजना
प्रस्तावित मेट्रो परियोजना के तहत रायपुर से दुर्ग तक तेज, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। DPR के माध्यम से मेट्रो रूट, स्टेशन, लागत, तकनीकी मॉडल और यात्री क्षमता का आकलन किया जाएगा। इसके बाद केंद्र सरकार की मेट्रो नीति के अनुरूप आगे की स्वीकृतियां ली जाएंगी।
क्यों जरूरी है SCR और मेट्रो
सरकारी आकलन के मुताबिक, 2031 तक राजधानी क्षेत्र की आबादी 50 लाख से अधिक हो सकती है। तेजी से बढ़ती जनसंख्या, यातायात दबाव और शहरी फैलाव को देखते हुए SCR के रूप में एकीकृत विकास की जरूरत महसूस की जा रही थी। मेट्रो सेवा से न सिर्फ सड़क यातायात का बोझ कम होगा, बल्कि रायपुर-भिलाई-दुर्ग के बीच रोजाना आने-जाने वाले हजारों लोगों को बेहतर विकल्प मिलेगा।
सरकार का पक्ष
डिप्टी मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मेट्रो परियोजना अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन देशभर में मेट्रो नेटवर्क के तेजी से विस्तार को देखते हुए राज्य भी इस दिशा में आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पर्यावरण अनुकूल परिवहन को प्राथमिकता दी जा रही है और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर SCR की अवधारणा को लागू किया गया है।
पिछले विवाद का भी संदर्भ
गौरतलब है कि करीब एक साल पहले तत्कालीन रायपुर महापौर द्वारा रायपुर-दुर्ग-भिलाई में मेट्रो चलाने को लेकर विदेश में हुए MoU पर राजनीतिक विवाद भी सामने आया था। भाजपा नेताओं ने उस समय इसे सरकार की अनुमति के बिना किया गया करार बताते हुए सवाल उठाए थे। मौजूदा सरकार का कहना है कि अब यह परियोजना पूरी तरह सरकारी नीति और प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रही है।
कैसे काम करेगा प्राधिकरण
SCR विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे। इसमें मंत्री, मुख्य सचिव, विभागीय सचिव, कलेक्टर और निर्वाचित जनप्रतिनिधि शामिल रहेंगे। प्राधिकरण के पास अलग से राजधानी क्षेत्र विकास निधि, विशेष उपकर लगाने का अधिकार और वार्षिक बजट तैयार करने की जिम्मेदारी होगी।
