रायपुर ने रचा नया रिकॉर्ड, 99 सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं को मिला NQAS प्रमाणन

रायपुर,(छ.ग.)

On

इलाज, जांच, स्वच्छता और मरीजों की सुरक्षा के मानकों पर खरे उतरे अस्पताल; छत्तीसगढ़ का पहला जिला बना रायपुर।

रायपुर जिले ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जिले की 99 सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) यानी नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (NQAS) का प्रमाणन प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि के साथ रायपुर छत्तीसगढ़ का पहला जिला बन गया है, जहां सबसे अधिक सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को यह राष्ट्रीय स्तर का गुणवत्ता प्रमाणपत्र मिला है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह उपलब्धि लगातार मॉनिटरिंग, बेहतर प्रबंधन और स्वास्थ्य कर्मियों की टीमवर्क का परिणाम है। अभी जिले की दो स्वास्थ्य संस्थाओं के मूल्यांकन का परिणाम भारत सरकार से आना बाकी है, जबकि तीन अन्य संस्थानों का राष्ट्रीय स्तर पर मूल्यांकन होना शेष है। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण गुणवत्ता मूल्यांकन कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को बेहतर, सुरक्षित और मानक आधारित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। प्रमाणन प्रक्रिया के दौरान अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थाओं का कई स्तरों पर विस्तृत मूल्यांकन किया जाता है। इनमें मरीजों की सुरक्षा, संक्रमण नियंत्रण, इलाज और जांच की गुणवत्ता, दवाओं की उपलब्धता, अस्पताल की स्वच्छता, रिकॉर्ड प्रबंधन, जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन, मरीजों की सुविधा और प्रशासनिक व्यवस्था जैसे अनेक मानकों को परखा जाता है। निर्धारित मानकों पर सफल होने के बाद ही किसी स्वास्थ्य संस्था को NQAS प्रमाणपत्र दिया जाता है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार रायपुर जिले में पिछले कुछ वर्षों से सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे थे। अस्पतालों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने, चिकित्सकीय सेवाओं में सुधार, नियमित निरीक्षण और कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया। इसी का परिणाम है कि बड़ी संख्या में स्वास्थ्य संस्थाएं राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर खरी उतर सकीं। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रमाणन केवल एक उपलब्धि नहीं बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार की जिम्मेदारी भी है। रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने इस उपलब्धि पर स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि जिले के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उनके अनुसार स्वास्थ्य संस्थाओं में नियमित मॉनिटरिंग, समय-समय पर समीक्षा बैठकें और टीमवर्क के कारण यह सफलता हासिल हुई है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी गुणवत्ता के इन मानकों को बनाए रखने और स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी ने कहा कि NQAS प्रमाणन किसी भी स्वास्थ्य संस्था के लिए गुणवत्ता और विश्वसनीयता का महत्वपूर्ण प्रमाण होता है। उन्होंने बताया कि मरीजों की सुरक्षा, संक्रमण नियंत्रण, अस्पतालों की स्वच्छता और सेवा व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है। यही कारण है कि रायपुर जिले ने प्रदेश में सबसे अधिक NQAS प्रमाणित स्वास्थ्य संस्थाओं वाला पहला जिला बनने का गौरव हासिल किया है। उन्होंने यह भी बताया कि जिन संस्थानों का मूल्यांकन अभी बाकी है, उन्हें भी आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

NQAS प्रमाणन का सबसे बड़ा लाभ आम मरीजों को मिलता है। इससे अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता बेहतर होती है, मरीजों को सुरक्षित वातावरण मिलता है और स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ती है। अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था होने से मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है। साथ ही रिकॉर्ड प्रबंधन और दवा वितरण प्रणाली में सुधार आने से सेवाएं अधिक व्यवस्थित और भरोसेमंद बनती हैं। सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं में गुणवत्ता सुधार का सीधा असर मरीजों के भरोसे पर भी पड़ता है। जब अस्पताल राष्ट्रीय स्तर के गुणवत्ता मानकों को पूरा करते हैं, तो लोग सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर अधिक विश्वास जताते हैं। इससे निजी अस्पतालों पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिलती है। रायपुर जिले में बड़ी संख्या में स्वास्थ्य संस्थाओं को NQAS प्रमाणन मिलने के बाद यह उम्मीद की जा रही है कि प्रदेश के अन्य जिले भी इसी दिशा में तेजी से काम करेंगे।

राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के तहत प्रमाणित संस्थाओं का समय-समय पर दोबारा मूल्यांकन भी किया जाता है। इसलिए प्रमाणपत्र मिलने के बाद भी अस्पतालों को लगातार गुणवत्ता बनाए रखनी होती है। यदि किसी संस्था में निर्धारित मानकों का पालन नहीं होता है तो उसका प्रमाणन प्रभावित हो सकता है। इसी कारण स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी और सुधार की प्रक्रिया को जारी रखता है। रायपुर की इस उपलब्धि को प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इससे जिले की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगी। साथ ही यह उपलब्धि अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा का काम करेगी। विभाग का लक्ष्य है कि आने वाले समय में शेष स्वास्थ्य संस्थाओं को भी NQAS प्रमाणन दिलाया जाए और पूरे प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जाए।

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
09 Jul 2026 By Vaishnavi.J

रायपुर ने रचा नया रिकॉर्ड, 99 सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं को मिला NQAS प्रमाणन

रायपुर,(छ.ग.)

रायपुर जिले ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जिले की 99 सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) यानी नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (NQAS) का प्रमाणन प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि के साथ रायपुर छत्तीसगढ़ का पहला जिला बन गया है, जहां सबसे अधिक सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को यह राष्ट्रीय स्तर का गुणवत्ता प्रमाणपत्र मिला है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह उपलब्धि लगातार मॉनिटरिंग, बेहतर प्रबंधन और स्वास्थ्य कर्मियों की टीमवर्क का परिणाम है। अभी जिले की दो स्वास्थ्य संस्थाओं के मूल्यांकन का परिणाम भारत सरकार से आना बाकी है, जबकि तीन अन्य संस्थानों का राष्ट्रीय स्तर पर मूल्यांकन होना शेष है। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण गुणवत्ता मूल्यांकन कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को बेहतर, सुरक्षित और मानक आधारित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। प्रमाणन प्रक्रिया के दौरान अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थाओं का कई स्तरों पर विस्तृत मूल्यांकन किया जाता है। इनमें मरीजों की सुरक्षा, संक्रमण नियंत्रण, इलाज और जांच की गुणवत्ता, दवाओं की उपलब्धता, अस्पताल की स्वच्छता, रिकॉर्ड प्रबंधन, जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन, मरीजों की सुविधा और प्रशासनिक व्यवस्था जैसे अनेक मानकों को परखा जाता है। निर्धारित मानकों पर सफल होने के बाद ही किसी स्वास्थ्य संस्था को NQAS प्रमाणपत्र दिया जाता है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार रायपुर जिले में पिछले कुछ वर्षों से सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे थे। अस्पतालों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने, चिकित्सकीय सेवाओं में सुधार, नियमित निरीक्षण और कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया। इसी का परिणाम है कि बड़ी संख्या में स्वास्थ्य संस्थाएं राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर खरी उतर सकीं। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रमाणन केवल एक उपलब्धि नहीं बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार की जिम्मेदारी भी है। रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने इस उपलब्धि पर स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि जिले के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उनके अनुसार स्वास्थ्य संस्थाओं में नियमित मॉनिटरिंग, समय-समय पर समीक्षा बैठकें और टीमवर्क के कारण यह सफलता हासिल हुई है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी गुणवत्ता के इन मानकों को बनाए रखने और स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी ने कहा कि NQAS प्रमाणन किसी भी स्वास्थ्य संस्था के लिए गुणवत्ता और विश्वसनीयता का महत्वपूर्ण प्रमाण होता है। उन्होंने बताया कि मरीजों की सुरक्षा, संक्रमण नियंत्रण, अस्पतालों की स्वच्छता और सेवा व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है। यही कारण है कि रायपुर जिले ने प्रदेश में सबसे अधिक NQAS प्रमाणित स्वास्थ्य संस्थाओं वाला पहला जिला बनने का गौरव हासिल किया है। उन्होंने यह भी बताया कि जिन संस्थानों का मूल्यांकन अभी बाकी है, उन्हें भी आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

NQAS प्रमाणन का सबसे बड़ा लाभ आम मरीजों को मिलता है। इससे अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता बेहतर होती है, मरीजों को सुरक्षित वातावरण मिलता है और स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ती है। अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था होने से मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है। साथ ही रिकॉर्ड प्रबंधन और दवा वितरण प्रणाली में सुधार आने से सेवाएं अधिक व्यवस्थित और भरोसेमंद बनती हैं। सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं में गुणवत्ता सुधार का सीधा असर मरीजों के भरोसे पर भी पड़ता है। जब अस्पताल राष्ट्रीय स्तर के गुणवत्ता मानकों को पूरा करते हैं, तो लोग सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर अधिक विश्वास जताते हैं। इससे निजी अस्पतालों पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिलती है। रायपुर जिले में बड़ी संख्या में स्वास्थ्य संस्थाओं को NQAS प्रमाणन मिलने के बाद यह उम्मीद की जा रही है कि प्रदेश के अन्य जिले भी इसी दिशा में तेजी से काम करेंगे।

राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के तहत प्रमाणित संस्थाओं का समय-समय पर दोबारा मूल्यांकन भी किया जाता है। इसलिए प्रमाणपत्र मिलने के बाद भी अस्पतालों को लगातार गुणवत्ता बनाए रखनी होती है। यदि किसी संस्था में निर्धारित मानकों का पालन नहीं होता है तो उसका प्रमाणन प्रभावित हो सकता है। इसी कारण स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी और सुधार की प्रक्रिया को जारी रखता है। रायपुर की इस उपलब्धि को प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इससे जिले की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगी। साथ ही यह उपलब्धि अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा का काम करेगी। विभाग का लक्ष्य है कि आने वाले समय में शेष स्वास्थ्य संस्थाओं को भी NQAS प्रमाणन दिलाया जाए और पूरे प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जाए।

https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/6a4f3c907401d/article-58260

खबरें और भी हैं

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

टाप न्यूज

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

मझौली जनपद पंचायत के विभागीय ग्रुप में सामने आया मैसेज, प्रभारी मंत्री के दौरे से पहले सोशल मीडिया पर वायरल...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

प्रयागराज से रीवा लाई जा रही थी 1312 शीशी नशीली कफ सीरप, 19 वर्षीय तस्कर गिरफ्तार, पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए साझा की पुरानी यादें, भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी, जनकल्याण और भविष्य के सहयोग पर दिया विशेष...
देश विदेश 
ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

संयुक्त संसदीय समिति का दावा- अधिकांश लोगों ने किया समर्थन, राज्यों से सुझाव लेकर तैयार हो रहा रोडमैप; संवैधानिक संशोधन...
देश विदेश 
2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

बिजनेस

ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप
एप्पल ने अमेरिका की अदालत में दायर याचिका में ओपनएआई, उसके हार्डवेयर सहयोगी और दो पूर्व कर्मचारियों पर गोपनीय तकनीकी...
पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल फिर महंगे, नई कीमतें 11 जुलाई से लागू
शेयर बाजार में शानदार तेजी: सेंसेक्स 828 अंक उछला, निफ्टी 24,200 के पार; बैंकिंग और रियल्टी शेयरों ने भरी उड़ान
BSNL ने लॉन्च किया सैटेलाइट फोन, बिना मोबाइल नेटवर्क भी होगी बातचीत; खरीदने के लिए सरकारी मंजूरी जरूरी
शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 700 अंक चढ़ा; आईटी और मेटल शेयरों में दिखी मजबूत खरीदारी
Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.