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छत्तीसगढ़ में नकली दवाओं का जाल: कारोबारी ने घर को बनाया अवैध गोदाम, 50 लाख की दवाइयां जब्त
Raipur, CG
सारंगढ़ में औषधि निरीक्षकों की छापेमारी, रायपुर-रायगढ़ से जुड़ा नकली दवा नेटवर्क उजागर; इंदौर तक पहुंचेगी जांच
छत्तीसगढ़ में नकली और अवैध दवाओं के कारोबार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत औषधि निरीक्षकों की टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। रायपुर के गोगांव स्थित एक ट्रांसपोर्ट में नकली दवाएं पकड़े जाने के मामले की जांच करते हुए टीम सारंगढ़ पहुंची, जहां एक दवा कारोबारी के घर पर छापेमारी कर करीब 50 लाख रुपये मूल्य की दवाइयां जब्त की गईं। कारोबारी ने अपने आवास को ही अवैध दवा गोदाम में तब्दील कर रखा था।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार को रायपुर और रायगढ़ जिले के औषधि निरीक्षकों की संयुक्त टीम ने सारंगढ़ स्थित सरस्वती मेडिकल स्टोर्स के संचालक खेमराम केसरवानी के निवास पर छापा मारा। जांच के दौरान मकान के पिछले हिस्से में बनाए गए गोदाम से भारी मात्रा में दवाइयां बरामद की गईं। इनमें अधिकतर पेनकिलर, कफ सिरप, सर्दी-जुकाम की दवाएं और जेनेरिक मेडिसिन शामिल हैं।
जांच टीम को मौके पर दवाओं की खरीद, भंडारण और वितरण से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले। न तो बिल प्रस्तुत किए गए और न ही दवाओं को नियमानुसार सुरक्षित तरीके से संग्रहित किया गया था। औषधि विभाग ने इसे औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत अवैध संग्रहण का गंभीर मामला मानते हुए कार्रवाई की है। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले इसी कारोबारी की मेडिकल दुकान से भी बड़ी मात्रा में दवाइयां जब्त की गई थीं, जिनका कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया था।
खेमराम केसरवानी गोगांव ट्रांसपोर्ट में पकड़ी गई नकली दवाओं के मामले में भी संदेही बताया जा रहा है। जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन से संबंधित दवाओं की तस्वीरें मिली थीं, जिन्हें औषधि विभाग ने साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया है। सूत्रों के अनुसार, ट्रांसपोर्ट में मिली नकली दवाओं के बिल और कारोबारी के मेडिकल स्टोर का नाम एक ही संस्थान से जुड़ा पाया गया है, जिससे दोनों मामलों के आपसी संबंध की आशंका और मजबूत हो गई है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक दीपक अग्रवाल के निर्देश पर इस पूरे मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है। रायपुर जिले के सहायक नियंत्रक संजय नेताम और टेकचंद धिरहे के साथ रायगढ़ के औषधि निरीक्षक विजय राठौर, अंकित राठौर और सविता रानी साय ने छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया।
अधिकारियों के मुताबिक, नकली दवाओं की सप्लाई चेन की तह तक पहुंचने के लिए जांच टीम जल्द ही इंदौर जाएगी। यह मामला पब्लिक इंटरेस्ट स्टोरी के रूप में सामने आया है, क्योंकि अवैध और नकली दवाओं का सीधा असर आम लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। फिलहाल जांच जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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छत्तीसगढ़ में नकली दवाओं का जाल: कारोबारी ने घर को बनाया अवैध गोदाम, 50 लाख की दवाइयां जब्त
Raipur, CG
छत्तीसगढ़ में नकली और अवैध दवाओं के कारोबार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत औषधि निरीक्षकों की टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। रायपुर के गोगांव स्थित एक ट्रांसपोर्ट में नकली दवाएं पकड़े जाने के मामले की जांच करते हुए टीम सारंगढ़ पहुंची, जहां एक दवा कारोबारी के घर पर छापेमारी कर करीब 50 लाख रुपये मूल्य की दवाइयां जब्त की गईं। कारोबारी ने अपने आवास को ही अवैध दवा गोदाम में तब्दील कर रखा था।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार को रायपुर और रायगढ़ जिले के औषधि निरीक्षकों की संयुक्त टीम ने सारंगढ़ स्थित सरस्वती मेडिकल स्टोर्स के संचालक खेमराम केसरवानी के निवास पर छापा मारा। जांच के दौरान मकान के पिछले हिस्से में बनाए गए गोदाम से भारी मात्रा में दवाइयां बरामद की गईं। इनमें अधिकतर पेनकिलर, कफ सिरप, सर्दी-जुकाम की दवाएं और जेनेरिक मेडिसिन शामिल हैं।
जांच टीम को मौके पर दवाओं की खरीद, भंडारण और वितरण से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले। न तो बिल प्रस्तुत किए गए और न ही दवाओं को नियमानुसार सुरक्षित तरीके से संग्रहित किया गया था। औषधि विभाग ने इसे औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत अवैध संग्रहण का गंभीर मामला मानते हुए कार्रवाई की है। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले इसी कारोबारी की मेडिकल दुकान से भी बड़ी मात्रा में दवाइयां जब्त की गई थीं, जिनका कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया था।
खेमराम केसरवानी गोगांव ट्रांसपोर्ट में पकड़ी गई नकली दवाओं के मामले में भी संदेही बताया जा रहा है। जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन से संबंधित दवाओं की तस्वीरें मिली थीं, जिन्हें औषधि विभाग ने साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया है। सूत्रों के अनुसार, ट्रांसपोर्ट में मिली नकली दवाओं के बिल और कारोबारी के मेडिकल स्टोर का नाम एक ही संस्थान से जुड़ा पाया गया है, जिससे दोनों मामलों के आपसी संबंध की आशंका और मजबूत हो गई है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक दीपक अग्रवाल के निर्देश पर इस पूरे मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है। रायपुर जिले के सहायक नियंत्रक संजय नेताम और टेकचंद धिरहे के साथ रायगढ़ के औषधि निरीक्षक विजय राठौर, अंकित राठौर और सविता रानी साय ने छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया।
अधिकारियों के मुताबिक, नकली दवाओं की सप्लाई चेन की तह तक पहुंचने के लिए जांच टीम जल्द ही इंदौर जाएगी। यह मामला पब्लिक इंटरेस्ट स्टोरी के रूप में सामने आया है, क्योंकि अवैध और नकली दवाओं का सीधा असर आम लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। फिलहाल जांच जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
