- Hindi News
- राज्य
- छत्तीसगढ़
- रायपुर
- मृत घोषित युवक में दिखी हरकत, अंतिम संस्कार से पहले उठे गंभीर सवाल
मृत घोषित युवक में दिखी हरकत, अंतिम संस्कार से पहले उठे गंभीर सवाल
रायपुर,(छ.ग.)
प्राइवेट अस्पताल पर लापरवाही के आरोप, एम्बुलेंस में शरीर हिलने का वीडियो वायरल; दोबारा भर्ती के बाद हुई मौत
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और दुर्ग जिले के भिलाई से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। एक प्राइवेट अस्पताल द्वारा मृत घोषित किए गए युवक के शरीर में अंतिम संस्कार के लिए ले जाते समय अचानक हरकत दिखाई देने का दावा किया गया है। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो ने भी इस पूरे मामले को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि बाद में युवक को दोबारा अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार भिलाई के पुरानी भिलाई क्षेत्र स्थित देव बलोदा निवासी रामअवतार रात्रे कुछ दिन पहले अपने घर के बाथरूम में गिर गए थे। गिरने के कारण उन्हें गंभीर चोटें आई थीं। परिजन तत्काल उन्हें इलाज के लिए रायपुर के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में चिकित्सकों ने उनकी जांच की और उपचार शुरू किया। परिवार का कहना है कि डॉक्टरों ने उन्हें बताया था कि मरीज की हालत गंभीर है और उसे लगातार निगरानी में रखा गया है।
परिजनों के मुताबिक इलाज के दौरान कुछ समय बाद अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें जानकारी दी कि मरीज की मौत हो चुकी है। इसके बाद आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिवार के लोग गहरे सदमे में थे और वे शव को लेकर अपने घर के लिए रवाना हो गए। घर पहुंचने से पहले ही अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। रिश्तेदारों और परिचितों को सूचना दे दी गई थी। घर पर अर्थी सजाई जा चुकी थी और अंतिम संस्कार की व्यवस्था की जा रही थी।
इसी बीच एम्बुलेंस में ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने सभी को हैरान कर दिया। परिजनों का दावा है कि रास्ते में युवक के शरीर में हलचल दिखाई देने लगी। उन्होंने देखा कि उसके हाथ-पैर हिल रहे थे और शरीर में हरकत महसूस हो रही थी। पहले तो किसी को विश्वास नहीं हुआ, लेकिन जब दोबारा ध्यान से देखा गया तो परिवार के लोग घबरा गए। उनका कहना है कि जिस व्यक्ति को अस्पताल ने मृत घोषित किया था, उसमें इस तरह की गतिविधियां कैसे दिखाई दे सकती हैं।
परिजनों ने तत्काल अंतिम संस्कार की प्रक्रिया रोक दी और युवक को दोबारा अस्पताल पहुंचाने का निर्णय लिया। बताया जाता है कि उसे रायपुर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसका परीक्षण कर उपचार शुरू किया। कुछ समय तक इलाज चलने के बाद आखिरकार युवक ने दम तोड़ दिया। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम ने चिकित्सा प्रक्रियाओं और मरीज को मृत घोषित करने की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसे परिजनों ने रिकॉर्ड किया था। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में एम्बुलेंस के भीतर युवक के शरीर में हरकत दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कई लोग अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कुछ लोग मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
परिवार का कहना है कि यदि युवक के शरीर में हरकत मौजूद थी तो उसे मृत घोषित करने से पहले और अधिक सावधानी बरती जानी चाहिए थी। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने जल्दबाजी में निर्णय लिया। उनका कहना है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मरीज को मृत घोषित करने की प्रक्रिया में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई।
किसी भी मरीज को मृत घोषित करने से पहले निर्धारित चिकित्सा मानकों और प्रक्रियाओं का पालन किया जाता है। कई बार कुछ शारीरिक प्रतिक्रियाएं या मांसपेशियों की गतिविधियां मृत्यु के बाद भी सीमित समय तक दिखाई दे सकती हैं। हालांकि इस मामले में वास्तविक स्थिति क्या थी, इसका पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मीडिया द्वारा संपर्क किए जाने के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने सार्वजनिक रूप से कोई बयान जारी नहीं किया है। यही कारण है कि मामले को लेकर लोगों की उत्सुकता और सवाल दोनों बढ़ते जा रहे हैं।
वहीं प्रशासनिक स्तर पर भी पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से देखा जा रहा है। यदि परिजनों की शिकायत के आधार पर जांच शुरू होती है तो अस्पताल की प्रक्रियाओं, मेडिकल रिकॉर्ड और संबंधित डॉक्टरों की भूमिका की भी समीक्षा की जा सकती है। दूसरी ओर परिवार न्याय और जवाबदेही की मांग कर रहा है। इस घटना ने एक बार फिर चिकित्सा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और परिजनों के आरोपों के बीच अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
मृत घोषित युवक में दिखी हरकत, अंतिम संस्कार से पहले उठे गंभीर सवाल
रायपुर,(छ.ग.)
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और दुर्ग जिले के भिलाई से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। एक प्राइवेट अस्पताल द्वारा मृत घोषित किए गए युवक के शरीर में अंतिम संस्कार के लिए ले जाते समय अचानक हरकत दिखाई देने का दावा किया गया है। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो ने भी इस पूरे मामले को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि बाद में युवक को दोबारा अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार भिलाई के पुरानी भिलाई क्षेत्र स्थित देव बलोदा निवासी रामअवतार रात्रे कुछ दिन पहले अपने घर के बाथरूम में गिर गए थे। गिरने के कारण उन्हें गंभीर चोटें आई थीं। परिजन तत्काल उन्हें इलाज के लिए रायपुर के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में चिकित्सकों ने उनकी जांच की और उपचार शुरू किया। परिवार का कहना है कि डॉक्टरों ने उन्हें बताया था कि मरीज की हालत गंभीर है और उसे लगातार निगरानी में रखा गया है।
परिजनों के मुताबिक इलाज के दौरान कुछ समय बाद अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें जानकारी दी कि मरीज की मौत हो चुकी है। इसके बाद आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिवार के लोग गहरे सदमे में थे और वे शव को लेकर अपने घर के लिए रवाना हो गए। घर पहुंचने से पहले ही अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। रिश्तेदारों और परिचितों को सूचना दे दी गई थी। घर पर अर्थी सजाई जा चुकी थी और अंतिम संस्कार की व्यवस्था की जा रही थी।
इसी बीच एम्बुलेंस में ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने सभी को हैरान कर दिया। परिजनों का दावा है कि रास्ते में युवक के शरीर में हलचल दिखाई देने लगी। उन्होंने देखा कि उसके हाथ-पैर हिल रहे थे और शरीर में हरकत महसूस हो रही थी। पहले तो किसी को विश्वास नहीं हुआ, लेकिन जब दोबारा ध्यान से देखा गया तो परिवार के लोग घबरा गए। उनका कहना है कि जिस व्यक्ति को अस्पताल ने मृत घोषित किया था, उसमें इस तरह की गतिविधियां कैसे दिखाई दे सकती हैं।
परिजनों ने तत्काल अंतिम संस्कार की प्रक्रिया रोक दी और युवक को दोबारा अस्पताल पहुंचाने का निर्णय लिया। बताया जाता है कि उसे रायपुर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसका परीक्षण कर उपचार शुरू किया। कुछ समय तक इलाज चलने के बाद आखिरकार युवक ने दम तोड़ दिया। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम ने चिकित्सा प्रक्रियाओं और मरीज को मृत घोषित करने की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसे परिजनों ने रिकॉर्ड किया था। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में एम्बुलेंस के भीतर युवक के शरीर में हरकत दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कई लोग अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कुछ लोग मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
परिवार का कहना है कि यदि युवक के शरीर में हरकत मौजूद थी तो उसे मृत घोषित करने से पहले और अधिक सावधानी बरती जानी चाहिए थी। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने जल्दबाजी में निर्णय लिया। उनका कहना है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मरीज को मृत घोषित करने की प्रक्रिया में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई।
किसी भी मरीज को मृत घोषित करने से पहले निर्धारित चिकित्सा मानकों और प्रक्रियाओं का पालन किया जाता है। कई बार कुछ शारीरिक प्रतिक्रियाएं या मांसपेशियों की गतिविधियां मृत्यु के बाद भी सीमित समय तक दिखाई दे सकती हैं। हालांकि इस मामले में वास्तविक स्थिति क्या थी, इसका पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मीडिया द्वारा संपर्क किए जाने के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने सार्वजनिक रूप से कोई बयान जारी नहीं किया है। यही कारण है कि मामले को लेकर लोगों की उत्सुकता और सवाल दोनों बढ़ते जा रहे हैं।
वहीं प्रशासनिक स्तर पर भी पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से देखा जा रहा है। यदि परिजनों की शिकायत के आधार पर जांच शुरू होती है तो अस्पताल की प्रक्रियाओं, मेडिकल रिकॉर्ड और संबंधित डॉक्टरों की भूमिका की भी समीक्षा की जा सकती है। दूसरी ओर परिवार न्याय और जवाबदेही की मांग कर रहा है। इस घटना ने एक बार फिर चिकित्सा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और परिजनों के आरोपों के बीच अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।
