छत्तीसगढ़ में NSUI संगठनात्मक चुनाव का ऐलान, कैंपस से चुना जाएगा नया नेतृत्व

रायपुर,(छ.ग.)

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सरकारी और निजी कॉलेजों में पहले चरण में कैंपस अध्यक्ष का चुनाव होगा, इसके बाद जिला और प्रदेश स्तर पर निर्वाचित प्रतिनिधि नई संगठनात्मक टीम का चयन करेंगे।

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई (NSUI) ने लंबे समय बाद संगठनात्मक चुनाव कराने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस फैसले के साथ राज्यभर के सरकारी, निजी और अन्य मान्यता प्राप्त कॉलेजों तथा विश्वविद्यालयों में छात्र राजनीति एक बार फिर सक्रिय होती नजर आएगी। संगठन ने चुनाव प्रक्रिया को दो चरणों में पूरा करने का फैसला लिया है। पहले चरण में सभी कॉलेज और विश्वविद्यालयों में कैंपस अध्यक्ष का चुनाव कराया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में जिला और प्रदेश स्तर के संगठनात्मक चुनाव होंगे। एनएसयूआई का कहना है कि नई व्यवस्था के जरिए संगठन में नेतृत्व नीचे से ऊपर की ओर तैयार किया जाएगा, जिससे सक्रिय छात्र नेताओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। चुनाव की घोषणा के बाद विभिन्न कॉलेजों में छात्र संगठनों के बीच हलचल तेज हो गई है और संभावित उम्मीदवारों ने अपनी तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।

संगठन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार पहले चरण में छात्र-छात्राएं केवल अपने कॉलेज या विश्वविद्यालय के कैंपस अध्यक्ष का चुनाव करेंगे। मतदान के आधार पर जिस उम्मीदवार को जीत मिलेगी, उसी के नेतृत्व में संबंधित संस्थान की 11 सदस्यीय कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। इस कार्यकारिणी में विभिन्न पदों पर नियुक्तियां संगठन की निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जाएंगी। एनएसयूआई का मानना है कि इससे कॉलेज स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियां मजबूत होंगी और छात्रों को सीधे नेतृत्व का अनुभव मिलेगा। कैंपस अध्यक्ष और उनकी टीम कॉलेज की समस्याओं को संगठन के सामने रखने के साथ-साथ छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाएगी।

दूसरे चरण की प्रक्रिया पहले चरण से पूरी तरह जुड़ी होगी। संगठन ने स्पष्ट किया है कि जिला और प्रदेश स्तर के चुनाव में वही उम्मीदवार हिस्सा ले सकेंगे जो अपने-अपने कॉलेज या विश्वविद्यालय में कैंपस अध्यक्ष चुने जाएंगे। इतना ही नहीं, जिला और प्रदेश संगठन के चुनाव में मतदान का अधिकार भी केवल निर्वाचित कैंपस अध्यक्षों को ही मिलेगा। यानी संगठन की पूरी नेतृत्व प्रक्रिया कैंपस स्तर से शुरू होकर जिला और प्रदेश स्तर तक पहुंचेगी। एनएसयूआई का कहना है कि इससे संगठन में लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होगी और नेतृत्व का चयन सीधे जमीनी स्तर से होगा।

चुनाव लड़ने के लिए संगठन ने कुछ स्पष्ट नियम भी तय किए हैं। उम्मीदवार की आयु 16 वर्ष से कम और 27 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही उम्मीदवार किसी मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान का छात्र होना अनिवार्य होगा। संगठन ने यह भी साफ किया है कि यूथ कांग्रेस की तरह कैंपस के बाहर सदस्यता अभियान नहीं चलाया जाएगा। केवल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के माध्यम से ही सदस्यता दी जाएगी। सदस्यता शुल्क तीन वर्षों के लिए 45 रुपये निर्धारित किया गया है। संगठन का मानना है कि इस व्यवस्था से केवल वास्तविक छात्र ही चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा बन सकेंगे और छात्र राजनीति को शैक्षणिक संस्थानों तक सीमित रखा जा सकेगा।

एनएसयूआई ने यह भी बताया है कि चुनाव परिणाम आने के बाद प्रक्रिया वहीं समाप्त नहीं होगी। निर्वाचित प्रतिनिधियों की पहले स्क्रूटनी की जाएगी, जिसमें उनके दस्तावेज, सदस्यता और पात्रता की जांच होगी। इसके बाद उम्मीदवारों का इंटरव्यू भी लिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य संगठन में सक्रिय, योग्य और जिम्मेदार कार्यकर्ताओं को आगे लाना है। स्क्रूटनी और इंटरव्यू के आधार पर ही जिला और प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों का अंतिम चयन किया जाएगा। संगठन का कहना है कि इससे नेतृत्व चयन में पारदर्शिता बनी रहेगी और संगठनात्मक गुणवत्ता भी मजबूत होगी।एनएसयूआई का कहना है कि नई चुनाव प्रणाली का उद्देश्य केवल पदाधिकारियों का चयन करना नहीं, बल्कि भविष्य के नेतृत्व को तैयार करना भी है। कैंपस स्तर पर चुने गए प्रतिनिधियों को संगठनात्मक प्रशिक्षण, वैचारिक मार्गदर्शन और नेतृत्व विकास के अवसर दिए जाएंगे। इससे वे आगे चलकर जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर संगठन की जिम्मेदारियां संभालने के लिए तैयार हो सकेंगे। 

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07 Jul 2026 By Vaishnavi.J

छत्तीसगढ़ में NSUI संगठनात्मक चुनाव का ऐलान, कैंपस से चुना जाएगा नया नेतृत्व

रायपुर,(छ.ग.)

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई (NSUI) ने लंबे समय बाद संगठनात्मक चुनाव कराने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस फैसले के साथ राज्यभर के सरकारी, निजी और अन्य मान्यता प्राप्त कॉलेजों तथा विश्वविद्यालयों में छात्र राजनीति एक बार फिर सक्रिय होती नजर आएगी। संगठन ने चुनाव प्रक्रिया को दो चरणों में पूरा करने का फैसला लिया है। पहले चरण में सभी कॉलेज और विश्वविद्यालयों में कैंपस अध्यक्ष का चुनाव कराया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में जिला और प्रदेश स्तर के संगठनात्मक चुनाव होंगे। एनएसयूआई का कहना है कि नई व्यवस्था के जरिए संगठन में नेतृत्व नीचे से ऊपर की ओर तैयार किया जाएगा, जिससे सक्रिय छात्र नेताओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। चुनाव की घोषणा के बाद विभिन्न कॉलेजों में छात्र संगठनों के बीच हलचल तेज हो गई है और संभावित उम्मीदवारों ने अपनी तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।

संगठन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार पहले चरण में छात्र-छात्राएं केवल अपने कॉलेज या विश्वविद्यालय के कैंपस अध्यक्ष का चुनाव करेंगे। मतदान के आधार पर जिस उम्मीदवार को जीत मिलेगी, उसी के नेतृत्व में संबंधित संस्थान की 11 सदस्यीय कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। इस कार्यकारिणी में विभिन्न पदों पर नियुक्तियां संगठन की निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जाएंगी। एनएसयूआई का मानना है कि इससे कॉलेज स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियां मजबूत होंगी और छात्रों को सीधे नेतृत्व का अनुभव मिलेगा। कैंपस अध्यक्ष और उनकी टीम कॉलेज की समस्याओं को संगठन के सामने रखने के साथ-साथ छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाएगी।

दूसरे चरण की प्रक्रिया पहले चरण से पूरी तरह जुड़ी होगी। संगठन ने स्पष्ट किया है कि जिला और प्रदेश स्तर के चुनाव में वही उम्मीदवार हिस्सा ले सकेंगे जो अपने-अपने कॉलेज या विश्वविद्यालय में कैंपस अध्यक्ष चुने जाएंगे। इतना ही नहीं, जिला और प्रदेश संगठन के चुनाव में मतदान का अधिकार भी केवल निर्वाचित कैंपस अध्यक्षों को ही मिलेगा। यानी संगठन की पूरी नेतृत्व प्रक्रिया कैंपस स्तर से शुरू होकर जिला और प्रदेश स्तर तक पहुंचेगी। एनएसयूआई का कहना है कि इससे संगठन में लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होगी और नेतृत्व का चयन सीधे जमीनी स्तर से होगा।

चुनाव लड़ने के लिए संगठन ने कुछ स्पष्ट नियम भी तय किए हैं। उम्मीदवार की आयु 16 वर्ष से कम और 27 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही उम्मीदवार किसी मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान का छात्र होना अनिवार्य होगा। संगठन ने यह भी साफ किया है कि यूथ कांग्रेस की तरह कैंपस के बाहर सदस्यता अभियान नहीं चलाया जाएगा। केवल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के माध्यम से ही सदस्यता दी जाएगी। सदस्यता शुल्क तीन वर्षों के लिए 45 रुपये निर्धारित किया गया है। संगठन का मानना है कि इस व्यवस्था से केवल वास्तविक छात्र ही चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा बन सकेंगे और छात्र राजनीति को शैक्षणिक संस्थानों तक सीमित रखा जा सकेगा।

एनएसयूआई ने यह भी बताया है कि चुनाव परिणाम आने के बाद प्रक्रिया वहीं समाप्त नहीं होगी। निर्वाचित प्रतिनिधियों की पहले स्क्रूटनी की जाएगी, जिसमें उनके दस्तावेज, सदस्यता और पात्रता की जांच होगी। इसके बाद उम्मीदवारों का इंटरव्यू भी लिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य संगठन में सक्रिय, योग्य और जिम्मेदार कार्यकर्ताओं को आगे लाना है। स्क्रूटनी और इंटरव्यू के आधार पर ही जिला और प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों का अंतिम चयन किया जाएगा। संगठन का कहना है कि इससे नेतृत्व चयन में पारदर्शिता बनी रहेगी और संगठनात्मक गुणवत्ता भी मजबूत होगी।एनएसयूआई का कहना है कि नई चुनाव प्रणाली का उद्देश्य केवल पदाधिकारियों का चयन करना नहीं, बल्कि भविष्य के नेतृत्व को तैयार करना भी है। कैंपस स्तर पर चुने गए प्रतिनिधियों को संगठनात्मक प्रशिक्षण, वैचारिक मार्गदर्शन और नेतृत्व विकास के अवसर दिए जाएंगे। इससे वे आगे चलकर जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर संगठन की जिम्मेदारियां संभालने के लिए तैयार हो सकेंगे। 

https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/nsui-organizational-elections-announced-in-chhattisgarh-new-leadership-will-be/article-58076

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