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रायपुर नगर निगम की विशेष बैठक आज, बारिश से जुड़ी समस्याओं पर घिरेगा प्रशासन
रायपुर (छ.ग.)
जलभराव, सफाई, नालों की स्थिति और टूटी सड़कों पर होगी विस्तृत चर्चा, विपक्ष ने पहले ही निगम की कार्यशैली पर उठाए सवाल; सदन में तीखी बहस के संकेत
रायपुर नगर निगम की विशेष सामान्य सभा सोमवार को आयोजित होने जा रही है। मानसून के दौरान शहर में सामने आई नागरिक समस्याओं को देखते हुए बुलाई गई इस बैठक पर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों नजरें टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि बारिश के बाद राजधानी के कई इलाकों में सामने आई जलभराव, सफाई और सड़क संबंधी शिकायतें इस बैठक का प्रमुख मुद्दा रहेंगी। इसके साथ ही निगम की तैयारियों और कार्यप्रणाली को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने दिखाई दे सकते हैं। नगर निगम मुख्यालय में होने वाली इस बैठक में सभी पार्षद अपने-अपने वार्डों से जुड़े मुद्दे भी प्रमुखता से उठाने की तैयारी में हैं।
मानसून की शुरुआत के साथ ही रायपुर के कई हिस्सों से जलभराव की तस्वीरें सामने आई थीं। कई कॉलोनियों और मुख्य मार्गों पर बारिश का पानी घंटों जमा रहा, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगह नालों की सफाई समय पर नहीं होने के आरोप भी लगे। इसके अलावा कचरा उठाव, बंद नालियां और खराब सड़कें भी नागरिकों की शिकायतों का हिस्सा बनीं। इन्हीं मुद्दों को लेकर निगम प्रशासन से जवाब मांगा जा सकता है। अधिकारियों से विभिन्न क्षेत्रों में अब तक किए गए कार्यों और आगामी कार्ययोजना की जानकारी भी ली जाएगी।
बैठक में नगर निगम प्रशासन मानसून से पहले और बाद में किए गए सफाई अभियान, नालों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था और सड़क मरम्मत के कार्यों का ब्यौरा प्रस्तुत कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक जिन इलाकों में लगातार जलभराव की शिकायतें मिली हैं, वहां की स्थिति पर विशेष चर्चा होने की संभावना है। पार्षद भी अपने-अपने वार्डों में नागरिकों को हो रही परेशानियों को सदन के सामने रखेंगे। कई जनप्रतिनिधि पहले ही अपने क्षेत्रों में जल निकासी और सफाई व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को शिकायतें सौंप चुके हैं।
बैठक शुरू होने से पहले ही इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व महापौर और कांग्रेस नेता प्रमोद दुबे ने विशेष सामान्य सभा बुलाने के फैसले पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि विशेष सामान्य सभा आमतौर पर किसी असाधारण या अत्यंत महत्वपूर्ण विषय के लिए बुलाई जाती है। जबकि सफाई व्यवस्था, जलभराव और नालों की सफाई जैसे विषय नगर निगम की नियमित जिम्मेदारियों में शामिल हैं। ऐसे में इन मुद्दों के लिए अलग से विशेष बैठक बुलाना प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े करता है।
विपक्ष का आरोप है कि यदि समय रहते नालों की सफाई और अन्य जरूरी काम पूरे कर लिए जाते तो पहली ही बारिश में शहर के कई इलाकों में जलभराव जैसी स्थिति नहीं बनती। कांग्रेस पार्षद बैठक में इन मुद्दों को लेकर नगर निगम प्रशासन और महापौर परिषद से जवाब मांग सकते हैं। वहीं सत्ता पक्ष का दावा है कि बारिश के मौसम को देखते हुए सभी जरूरी तैयारियां की गई हैं और जहां समस्याएं सामने आई हैं, वहां सुधार कार्य लगातार जारी हैं।
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि शहर में जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई स्थानों पर सफाई अभियान चलाया गया है। साथ ही जिन क्षेत्रों में सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, वहां मरम्मत की योजना भी तैयार की गई है। बैठक में इन कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जा सकती है। इसके अलावा भविष्य में भारी बारिश की स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त संसाधनों और आपात व्यवस्था पर भी चर्चा होने की संभावना है।
नगर निगम की पिछली बैठकों का रिकॉर्ड भी काफी चर्चित रहा है। अप्रैल में आयोजित सामान्य सभा के दौरान कई प्रस्तावों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली थी। इससे पहले विशेष सामान्य सभा के दौरान भी कई मुद्दों पर जोरदार हंगामा हुआ था। बैठक शुरू होने से पहले कांग्रेस पार्षदों ने पानी की समस्या को लेकर प्रदर्शन किया था, जबकि प्लेसमेंट कर्मचारियों ने भी निगम मुख्यालय पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया था। इन घटनाओं के चलते पिछली बैठकों का काफी समय राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बीता था।
इसी पृष्ठभूमि को देखते हुए सोमवार की बैठक को भी अहम माना जा रहा है। नगर निगम मुख्यालय में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर भी विशेष तैयारियां की गई हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विभिन्न विभागों के जिम्मेदार अधिकारी बैठक में मौजूद रहेंगे ताकि पार्षदों द्वारा उठाए जाने वाले सवालों का जवाब दिया जा सके। शहर की बारिश से जुड़ी समस्याओं, सफाई व्यवस्था, जल निकासी, कचरा प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं से जुड़े विषय इस बार चर्चा के केंद्र में रहने की संभावना है।
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रायपुर नगर निगम की विशेष बैठक आज, बारिश से जुड़ी समस्याओं पर घिरेगा प्रशासन
रायपुर (छ.ग.)
रायपुर नगर निगम की विशेष सामान्य सभा सोमवार को आयोजित होने जा रही है। मानसून के दौरान शहर में सामने आई नागरिक समस्याओं को देखते हुए बुलाई गई इस बैठक पर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों नजरें टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि बारिश के बाद राजधानी के कई इलाकों में सामने आई जलभराव, सफाई और सड़क संबंधी शिकायतें इस बैठक का प्रमुख मुद्दा रहेंगी। इसके साथ ही निगम की तैयारियों और कार्यप्रणाली को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने दिखाई दे सकते हैं। नगर निगम मुख्यालय में होने वाली इस बैठक में सभी पार्षद अपने-अपने वार्डों से जुड़े मुद्दे भी प्रमुखता से उठाने की तैयारी में हैं।
मानसून की शुरुआत के साथ ही रायपुर के कई हिस्सों से जलभराव की तस्वीरें सामने आई थीं। कई कॉलोनियों और मुख्य मार्गों पर बारिश का पानी घंटों जमा रहा, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगह नालों की सफाई समय पर नहीं होने के आरोप भी लगे। इसके अलावा कचरा उठाव, बंद नालियां और खराब सड़कें भी नागरिकों की शिकायतों का हिस्सा बनीं। इन्हीं मुद्दों को लेकर निगम प्रशासन से जवाब मांगा जा सकता है। अधिकारियों से विभिन्न क्षेत्रों में अब तक किए गए कार्यों और आगामी कार्ययोजना की जानकारी भी ली जाएगी।
बैठक में नगर निगम प्रशासन मानसून से पहले और बाद में किए गए सफाई अभियान, नालों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था और सड़क मरम्मत के कार्यों का ब्यौरा प्रस्तुत कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक जिन इलाकों में लगातार जलभराव की शिकायतें मिली हैं, वहां की स्थिति पर विशेष चर्चा होने की संभावना है। पार्षद भी अपने-अपने वार्डों में नागरिकों को हो रही परेशानियों को सदन के सामने रखेंगे। कई जनप्रतिनिधि पहले ही अपने क्षेत्रों में जल निकासी और सफाई व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को शिकायतें सौंप चुके हैं।
बैठक शुरू होने से पहले ही इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व महापौर और कांग्रेस नेता प्रमोद दुबे ने विशेष सामान्य सभा बुलाने के फैसले पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि विशेष सामान्य सभा आमतौर पर किसी असाधारण या अत्यंत महत्वपूर्ण विषय के लिए बुलाई जाती है। जबकि सफाई व्यवस्था, जलभराव और नालों की सफाई जैसे विषय नगर निगम की नियमित जिम्मेदारियों में शामिल हैं। ऐसे में इन मुद्दों के लिए अलग से विशेष बैठक बुलाना प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े करता है।
विपक्ष का आरोप है कि यदि समय रहते नालों की सफाई और अन्य जरूरी काम पूरे कर लिए जाते तो पहली ही बारिश में शहर के कई इलाकों में जलभराव जैसी स्थिति नहीं बनती। कांग्रेस पार्षद बैठक में इन मुद्दों को लेकर नगर निगम प्रशासन और महापौर परिषद से जवाब मांग सकते हैं। वहीं सत्ता पक्ष का दावा है कि बारिश के मौसम को देखते हुए सभी जरूरी तैयारियां की गई हैं और जहां समस्याएं सामने आई हैं, वहां सुधार कार्य लगातार जारी हैं।
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि शहर में जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई स्थानों पर सफाई अभियान चलाया गया है। साथ ही जिन क्षेत्रों में सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, वहां मरम्मत की योजना भी तैयार की गई है। बैठक में इन कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जा सकती है। इसके अलावा भविष्य में भारी बारिश की स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त संसाधनों और आपात व्यवस्था पर भी चर्चा होने की संभावना है।
नगर निगम की पिछली बैठकों का रिकॉर्ड भी काफी चर्चित रहा है। अप्रैल में आयोजित सामान्य सभा के दौरान कई प्रस्तावों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली थी। इससे पहले विशेष सामान्य सभा के दौरान भी कई मुद्दों पर जोरदार हंगामा हुआ था। बैठक शुरू होने से पहले कांग्रेस पार्षदों ने पानी की समस्या को लेकर प्रदर्शन किया था, जबकि प्लेसमेंट कर्मचारियों ने भी निगम मुख्यालय पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया था। इन घटनाओं के चलते पिछली बैठकों का काफी समय राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बीता था।
इसी पृष्ठभूमि को देखते हुए सोमवार की बैठक को भी अहम माना जा रहा है। नगर निगम मुख्यालय में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर भी विशेष तैयारियां की गई हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विभिन्न विभागों के जिम्मेदार अधिकारी बैठक में मौजूद रहेंगे ताकि पार्षदों द्वारा उठाए जाने वाले सवालों का जवाब दिया जा सके। शहर की बारिश से जुड़ी समस्याओं, सफाई व्यवस्था, जल निकासी, कचरा प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं से जुड़े विषय इस बार चर्चा के केंद्र में रहने की संभावना है।
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