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बिलासपुर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के तालाब में छात्र की लाश मिलने से सनसनी, परिजनों ने प्रबंधन पर लगाया लापरवाही का आरोप
Bilaspur, CG
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के तालाब में मिले एक छात्र के शव ने पूरे परिसर में हड़कंप मचा दिया है।
मृतक की पहचान बिहार के छपरा जिले के रहने वाले अर्सलान अंसारी (B.Sc फिजिक्स, तृतीय वर्ष) के रूप में हुई है, जो विवेकानंद हॉस्टल में रह रहा था।
अर्सलान 21 अक्टूबर से लापता था। 23 अक्टूबर को यूनिवर्सिटी कैंपस स्थित तालाब में उसकी लाश मिली। परिजनों ने पहुंचकर कपड़ों के आधार पर पहचान की और मौत के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है।
तीन दिन से लापता था छात्र, प्रबंधन पर चढ़ा शक
मृतक के पिता अर्शद अयूब ने कहा कि उन्होंने बेटे के गायब होने की सूचना प्रशासन को दी थी, लेकिन किसी ने समय पर कदम नहीं उठाया। उनका दावा है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि यूनिवर्सिटी की गंभीर लापरवाही का परिणाम है।
उन्होंने बताया कि बेटा 18 अक्टूबर तक फोन पर संपर्क में था, लेकिन उसके बाद से कोई बात नहीं हो पाई। 24 अक्टूबर को जब उन्होंने प्रशासनिक वार्डन से जानकारी मांगी, तो उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला।
पोस्टमॉर्टम में सिर पर चोट, हत्या की आशंका भी
सिम्स में पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टरों ने छात्र के सिर पर चोट के निशान पाए हैं। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि यह चोट तालाब में गिरने या किसी पत्थर से टकराने के कारण भी हो सकती है। फिलहाल बिसरा जांच के लिए सैंपल सुरक्षित रखा गया है।
पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में डूबने से मौत की बात सामने आई है, लेकिन अगर जांच में कुछ संदिग्ध मिला तो एफआईआर दर्ज की जाएगी।
भाई बोला- हॉस्टल में जाने नहीं दिया गया
अर्सलान के छोटे भाई गौहर अंसारी ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी के अधिकारी उन्हें हॉस्टल या अन्य छात्रों से मिलने नहीं दे रहे थे। उन्होंने कहा कि “मैं भाई का कमरा देखना चाहता था, पर रोक दिया गया। हमें यह भी नहीं बताया गया कि अर्सलान कब से गायब था।”
गौहर ने आरोप लगाया कि अगर 21 अक्टूबर से छात्र हॉस्टल नहीं आया था, तो वार्डन को इसकी सूचना क्यों नहीं थी?
ABVP ने मांगी निष्पक्ष जांच, छात्रों ने जताया आक्रोश
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के प्रतिनिधियों ने एसएसपी से मिलकर मामले की निष्पक्ष जांच समिति गठित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्र की मौत पर संवेदनहीन रवैया अपनाया है।
छात्रों का आरोप है कि साथी छात्र की मौत के बावजूद उसी दिन यूनिवर्सिटी में सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिससे वे आहत हैं।
यूनिवर्सिटी ने गठित की 3 सदस्यीय जांच समिति
यूनिवर्सिटी के मीडिया प्रभारी डॉ. मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई है, जो जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
उन्होंने कहा कि पोस्टमॉर्टम के बाद छात्र का शव बिहार भेज दिया गया है और मामले की हर दिशा में जांच की जा रही है।
परिजनों ने कई अधिकारियों को ठहराया जिम्मेदार
अर्सलान के पिता ने कुलपति प्रो. आलोक चक्रवाल, कुलसचिव प्रो. ए.एस. रणदीवे, चीफ वार्डन प्रो. प्रतिभा मिश्रा, प्रशासनिक वार्डन डॉ. महेश ढपोला, सुरक्षा अधिकारी डॉ. सीमा राय, प्रॉक्टर डॉ. एम.के. सिंह और डीएसडब्ल्यू डॉ. शैलेंद्र कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है और थाना प्रभारी को लिखित शिकायत भी सौंपी है।
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मृतक की पहचान बिहार के छपरा जिले के रहने वाले अर्सलान अंसारी (B.Sc फिजिक्स, तृतीय वर्ष) के रूप में हुई है, जो विवेकानंद हॉस्टल में रह रहा था।
अर्सलान 21 अक्टूबर से लापता था। 23 अक्टूबर को यूनिवर्सिटी कैंपस स्थित तालाब में उसकी लाश मिली। परिजनों ने पहुंचकर कपड़ों के आधार पर पहचान की और मौत के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है।
तीन दिन से लापता था छात्र, प्रबंधन पर चढ़ा शक
मृतक के पिता अर्शद अयूब ने कहा कि उन्होंने बेटे के गायब होने की सूचना प्रशासन को दी थी, लेकिन किसी ने समय पर कदम नहीं उठाया। उनका दावा है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि यूनिवर्सिटी की गंभीर लापरवाही का परिणाम है।
उन्होंने बताया कि बेटा 18 अक्टूबर तक फोन पर संपर्क में था, लेकिन उसके बाद से कोई बात नहीं हो पाई। 24 अक्टूबर को जब उन्होंने प्रशासनिक वार्डन से जानकारी मांगी, तो उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला।
पोस्टमॉर्टम में सिर पर चोट, हत्या की आशंका भी
सिम्स में पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टरों ने छात्र के सिर पर चोट के निशान पाए हैं। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि यह चोट तालाब में गिरने या किसी पत्थर से टकराने के कारण भी हो सकती है। फिलहाल बिसरा जांच के लिए सैंपल सुरक्षित रखा गया है।
पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में डूबने से मौत की बात सामने आई है, लेकिन अगर जांच में कुछ संदिग्ध मिला तो एफआईआर दर्ज की जाएगी।
भाई बोला- हॉस्टल में जाने नहीं दिया गया
अर्सलान के छोटे भाई गौहर अंसारी ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी के अधिकारी उन्हें हॉस्टल या अन्य छात्रों से मिलने नहीं दे रहे थे। उन्होंने कहा कि “मैं भाई का कमरा देखना चाहता था, पर रोक दिया गया। हमें यह भी नहीं बताया गया कि अर्सलान कब से गायब था।”
गौहर ने आरोप लगाया कि अगर 21 अक्टूबर से छात्र हॉस्टल नहीं आया था, तो वार्डन को इसकी सूचना क्यों नहीं थी?
ABVP ने मांगी निष्पक्ष जांच, छात्रों ने जताया आक्रोश
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के प्रतिनिधियों ने एसएसपी से मिलकर मामले की निष्पक्ष जांच समिति गठित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्र की मौत पर संवेदनहीन रवैया अपनाया है।
छात्रों का आरोप है कि साथी छात्र की मौत के बावजूद उसी दिन यूनिवर्सिटी में सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिससे वे आहत हैं।
यूनिवर्सिटी ने गठित की 3 सदस्यीय जांच समिति
यूनिवर्सिटी के मीडिया प्रभारी डॉ. मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई है, जो जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
उन्होंने कहा कि पोस्टमॉर्टम के बाद छात्र का शव बिहार भेज दिया गया है और मामले की हर दिशा में जांच की जा रही है।
परिजनों ने कई अधिकारियों को ठहराया जिम्मेदार
अर्सलान के पिता ने कुलपति प्रो. आलोक चक्रवाल, कुलसचिव प्रो. ए.एस. रणदीवे, चीफ वार्डन प्रो. प्रतिभा मिश्रा, प्रशासनिक वार्डन डॉ. महेश ढपोला, सुरक्षा अधिकारी डॉ. सीमा राय, प्रॉक्टर डॉ. एम.के. सिंह और डीएसडब्ल्यू डॉ. शैलेंद्र कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
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