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कंधे पर लादकर पत्नी को ले गया पति, 5 किमी दूर थी एंबुलेंस, स्वास्थ्य मंत्री का गृहजिला है एमसीबी
CG
मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर श्याम बिहारी जायसवाल का गृह जिला है.
बीमार पत्नी को एंबुलेंस तक पहुंचाने के लिए पति को पांच किमी तक पत्नी को कंधे पर ढोना पड़ा. घटना सरभोका के नावाडीह गांव की है. पंडो जनजाति की महिला उर्मिला को प्रसव पीड़ा हुई. गांव में सड़क नहीं होने के चलते एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाई. मजबूरन पति ने पत्नी को कंधे पर डालकर एंबुलेंस तक पहुंचाया. एंबुलेंस तक ले जाने में पति को पांच किमी तक का सफर ऐसे ही तय करना पड़ा. गांव वालों का कहना है कि इससे पहले भी इस तरह की तस्वीरें यहां से सामने आ चुकी हैं.
कंधे पर लादकर गर्ववती पत्नी को पहुंचाया: गांव वालों का कहना है कि यहां सड़क नहीं होने के चलते अक्सर इस तरह की तस्वीरें देखने को मिलते रहती है. गांव वालों का कहना है कि रात के वक्त अगर किसी की तबीयत बिगड़ जाए तो बड़ी मुश्किल होती है. कई बात तो मरीजों को खाट पर लादकर भी अस्पताल तक और एंबुलेंस तक लाया गया है. गांव वालों का कहना है कि कई बार जिम्मेदार अफसरों और जनप्रतिनिधियों से रोड की मांग की गई. किसी भी अधिकारी या नेता ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया.
स्वास्थ्य मंत्री का है गृहजिला: मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का गृहजिला है. स्वास्थ्य मंत्री के गृहजिले से इस तरह की तस्वीरें सामने आना कई सवाल खड़े करता है. गांव वालों का कहना है कि वो सालों से मूलभूत सुविधाओं की मांग कर रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्री भी इसी जिले से आते हैं बावजूद इसके सड़क आजतक नहीं बन पाई है.
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कंधे पर लादकर पत्नी को ले गया पति, 5 किमी दूर थी एंबुलेंस, स्वास्थ्य मंत्री का गृहजिला है एमसीबी
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बीमार पत्नी को एंबुलेंस तक पहुंचाने के लिए पति को पांच किमी तक पत्नी को कंधे पर ढोना पड़ा. घटना सरभोका के नावाडीह गांव की है. पंडो जनजाति की महिला उर्मिला को प्रसव पीड़ा हुई. गांव में सड़क नहीं होने के चलते एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाई. मजबूरन पति ने पत्नी को कंधे पर डालकर एंबुलेंस तक पहुंचाया. एंबुलेंस तक ले जाने में पति को पांच किमी तक का सफर ऐसे ही तय करना पड़ा. गांव वालों का कहना है कि इससे पहले भी इस तरह की तस्वीरें यहां से सामने आ चुकी हैं.
कंधे पर लादकर गर्ववती पत्नी को पहुंचाया: गांव वालों का कहना है कि यहां सड़क नहीं होने के चलते अक्सर इस तरह की तस्वीरें देखने को मिलते रहती है. गांव वालों का कहना है कि रात के वक्त अगर किसी की तबीयत बिगड़ जाए तो बड़ी मुश्किल होती है. कई बात तो मरीजों को खाट पर लादकर भी अस्पताल तक और एंबुलेंस तक लाया गया है. गांव वालों का कहना है कि कई बार जिम्मेदार अफसरों और जनप्रतिनिधियों से रोड की मांग की गई. किसी भी अधिकारी या नेता ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया.
स्वास्थ्य मंत्री का है गृहजिला: मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का गृहजिला है. स्वास्थ्य मंत्री के गृहजिले से इस तरह की तस्वीरें सामने आना कई सवाल खड़े करता है. गांव वालों का कहना है कि वो सालों से मूलभूत सुविधाओं की मांग कर रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्री भी इसी जिले से आते हैं बावजूद इसके सड़क आजतक नहीं बन पाई है.
