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छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू: पहले दिन जोरदार बहस के आसार, सत्ता और विपक्ष आमने-सामने
Raipur, CG
छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र आज से प्रारंभ हो गया है, जो आगामी 18 जुलाई तक पांच कार्यदिवसों में चलेगा। पहले ही दिन सदन में भारी हंगामे और तीखी राजनीतिक बहस के आसार हैं। इस बार सत्र के लिए 996 प्रश्न विधायकों द्वारा लगाए गए हैं, जिससे सत्र की गंभीरता और राजनीतिक सक्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
कांग्रेस का आक्रामक रुख, रणनीति तैयार
विपक्ष में बैठी कांग्रेस ने बीती रात राजीव भवन में विधायक दल की बैठक आयोजित की। इसमें पार्टी ने सरकार को घेरने की पूरी रणनीति तैयार की है। खाद और बीज की कमी, बिजली दरों में वृद्धि, शराब घोटाला, डीएपी संकट, और कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं।
कांग्रेस विधायकों ने स्पष्ट किया है कि इस सत्र में वे सरकार से जवाब मांगेंगे और किसानों, युवाओं, और आम जनता से जुड़े मसलों को पुरजोर तरीके से उठाया जाएगा।
भाजपा ने भी मोर्चा संभाला, सत्र के लिए पूरी तैयारी
रविवार शाम मुख्यमंत्री डॉ. विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में भाजपा विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें सभी विधायकों को सदन में पूरी उपस्थिति और विभागीय विषयों पर गहन तैयारी के निर्देश दिए गए। भाजपा ने विपक्ष के हर सवाल का जवाब तथ्यों और आँकड़ों के साथ देने की रणनीति बनाई है।
प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव और संगठन महामंत्री पवन साय ने पार्टी विधायकों से कहा कि जनहितकारी योजनाओं और सरकार की उपलब्धियों को सदन में मजबूती से रखा जाए।
पहले दिन ही सत्र में गरमा सकते हैं ये मुद्दे
90 सदस्यों वाली छत्तीसगढ़ विधानसभा में भाजपा के पास 54 विधायक, कांग्रेस के 35, और एक विधायक गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का है। विपक्ष और सत्ता पक्ष — दोनों के तेवर आक्रामक हैं, जिससे पहले ही दिन सदन में जबरदस्त गहमा-गहमी तय मानी जा रही है।
संभावित मुद्दे:
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किसानों को समय पर खाद और बीज की आपूर्ति न होना
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बिजली की दरों में वृद्धि और ग्रामीण इलाकों में कटौती
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शराब नीति में अनियमितताओं और घोटाले की मांग
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‘‘भारत माला’’ परियोजना में भ्रष्टाचार के आरोप
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अवैध रेत खनन और पेड़ कटाई से जुड़ी शिकायतें
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युक्तियुक्तकरण के चलते शिक्षकों और कर्मचारियों की नाराजगी
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कानून व्यवस्था पर विपक्ष का हमला
सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे से शुरू
विधानसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे से शुरू हो चुकी है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यह सत्र, राज्य की मौजूदा सरकार के लिए परफॉर्मेंस और पारदर्शिता की परीक्षा साबित हो सकता है। कांग्रेस जहां भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अक्षमता के मुद्दे उठाने को तैयार है, वहीं भाजपा सरकार इस सत्र को अपने कामकाज और योजनाओं की छवि निर्माण का मंच मान रही है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा का यह मानसून सत्र केवल विधायी कामकाज का माध्यम नहीं रहेगा, बल्कि यह सत्र राज्य की राजनीतिक दिशा, जनता के मुद्दों और आगामी चुनावी समीकरणों को भी प्रभावित करेगा। सरकार और विपक्ष के बीच इस टकराव को जनता बारीकी से देखेगी।
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Raipur, CG
कांग्रेस का आक्रामक रुख, रणनीति तैयार
विपक्ष में बैठी कांग्रेस ने बीती रात राजीव भवन में विधायक दल की बैठक आयोजित की। इसमें पार्टी ने सरकार को घेरने की पूरी रणनीति तैयार की है। खाद और बीज की कमी, बिजली दरों में वृद्धि, शराब घोटाला, डीएपी संकट, और कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं।
कांग्रेस विधायकों ने स्पष्ट किया है कि इस सत्र में वे सरकार से जवाब मांगेंगे और किसानों, युवाओं, और आम जनता से जुड़े मसलों को पुरजोर तरीके से उठाया जाएगा।
भाजपा ने भी मोर्चा संभाला, सत्र के लिए पूरी तैयारी
रविवार शाम मुख्यमंत्री डॉ. विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में भाजपा विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें सभी विधायकों को सदन में पूरी उपस्थिति और विभागीय विषयों पर गहन तैयारी के निर्देश दिए गए। भाजपा ने विपक्ष के हर सवाल का जवाब तथ्यों और आँकड़ों के साथ देने की रणनीति बनाई है।
प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव और संगठन महामंत्री पवन साय ने पार्टी विधायकों से कहा कि जनहितकारी योजनाओं और सरकार की उपलब्धियों को सदन में मजबूती से रखा जाए।
पहले दिन ही सत्र में गरमा सकते हैं ये मुद्दे
90 सदस्यों वाली छत्तीसगढ़ विधानसभा में भाजपा के पास 54 विधायक, कांग्रेस के 35, और एक विधायक गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का है। विपक्ष और सत्ता पक्ष — दोनों के तेवर आक्रामक हैं, जिससे पहले ही दिन सदन में जबरदस्त गहमा-गहमी तय मानी जा रही है।
संभावित मुद्दे:
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किसानों को समय पर खाद और बीज की आपूर्ति न होना
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बिजली की दरों में वृद्धि और ग्रामीण इलाकों में कटौती
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शराब नीति में अनियमितताओं और घोटाले की मांग
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‘‘भारत माला’’ परियोजना में भ्रष्टाचार के आरोप
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अवैध रेत खनन और पेड़ कटाई से जुड़ी शिकायतें
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युक्तियुक्तकरण के चलते शिक्षकों और कर्मचारियों की नाराजगी
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कानून व्यवस्था पर विपक्ष का हमला
सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे से शुरू
विधानसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे से शुरू हो चुकी है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यह सत्र, राज्य की मौजूदा सरकार के लिए परफॉर्मेंस और पारदर्शिता की परीक्षा साबित हो सकता है। कांग्रेस जहां भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अक्षमता के मुद्दे उठाने को तैयार है, वहीं भाजपा सरकार इस सत्र को अपने कामकाज और योजनाओं की छवि निर्माण का मंच मान रही है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा का यह मानसून सत्र केवल विधायी कामकाज का माध्यम नहीं रहेगा, बल्कि यह सत्र राज्य की राजनीतिक दिशा, जनता के मुद्दों और आगामी चुनावी समीकरणों को भी प्रभावित करेगा। सरकार और विपक्ष के बीच इस टकराव को जनता बारीकी से देखेगी।
