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छत्तीसगढ़ में कोविड से तीसरी मौत, कांकेर में इलाज के अभाव में गई जान
Kanker, CG
छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण से इस साल तीसरी मौत दर्ज की गई है। कांकेर जिला अस्पताल में भर्ती 48 वर्षीय एक मरीज ने मंगलवार रात दम तोड़ दिया, जिसकी पुष्टि कोविड पॉजिटिव रिपोर्ट से हुई थी।
पीड़ित को पहले से लीवर की गंभीर बीमारी थी, लेकिन अस्पताल में कोविड वार्ड की अनुपलब्धता ने हालात और बिगाड़ दिए।
कांकेर में इस साल पहली कोविड मौत
मृतक फरसगांव (कोंडागांव) निवासी था, जिसे लीवर की गंभीर स्थिति के चलते पहले कांकेर में भर्ती किया गया था। बाद में 5 जुलाई को रायपुर रेफर किया गया, जहां निजी अस्पताल में जांच के दौरान कोरोना पॉजिटिव पाया गया। आर्थिक तंगी के चलते परिजन मरीज को 7 जुलाई की रात दोबारा कांकेर अस्पताल लेकर लौटे।
महिला वार्ड में कराया गया भर्ती, आधे घंटे में मौत
कांकेर अस्पताल में कोविड वार्ड न होने के कारण मरीज को महिला वार्ड यूनिट-2 में भर्ती किया गया। भर्ती होने के करीब 45 मिनट के भीतर उसकी मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, मरीज को क्रॉनिक लीवर डिज़ीज भी थी और कोरोना के चलते स्थिति अत्यधिक गंभीर हो गई थी।
कोविड प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार
मृतक का अंतिम संस्कार फरसगांव में कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए किया गया। प्रशासन की निगरानी में परिजनों के भी सैंपल लिए गए हैं। कांकेर जिले में अब तक कोविड वार्ड की सुविधा नहीं होने पर सवाल उठने लगे हैं।
शव वाहन पहुंचने में लगी चार घंटे की देरी
मरीज की मौत की जानकारी रात 11:45 बजे दे दी गई थी, लेकिन मुक्तांजलि शव वाहन 3:30 बजे रात में पहुंचा। परिजनों ने 1099 पर कई बार कॉल की, लेकिन संपर्क नहीं हुआ। बाद में अस्पताल स्टाफ की मदद से चालक को निजी नंबर से बुलाया गया।
मरीज के बाद वार्ड को किया गया सैनिटाइज
मरीज को एहतियातन कुछ समय तक एंबुलेंस में रखा गया, फिर तत्काल बनाए गए अस्थाई कोविड वार्ड में भर्ती किया गया। मौत के बाद वार्ड को सैनिटाइज किया गया।
राज्य में अब तक तीन मौतें
यह इस साल छत्तीसगढ़ में कोविड संक्रमण से तीसरी मौत है। इससे पहले राजनांदगांव में दो मरीजों की जान जा चुकी है। पहला केस रायपुर में 24 मई को सामने आया था। राज्य में कोरोना को लेकर एक बार फिर सतर्कता और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत सामने आ रही है।
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छत्तीसगढ़ में कोविड से तीसरी मौत, कांकेर में इलाज के अभाव में गई जान
Kanker, CG
पीड़ित को पहले से लीवर की गंभीर बीमारी थी, लेकिन अस्पताल में कोविड वार्ड की अनुपलब्धता ने हालात और बिगाड़ दिए।
कांकेर में इस साल पहली कोविड मौत
मृतक फरसगांव (कोंडागांव) निवासी था, जिसे लीवर की गंभीर स्थिति के चलते पहले कांकेर में भर्ती किया गया था। बाद में 5 जुलाई को रायपुर रेफर किया गया, जहां निजी अस्पताल में जांच के दौरान कोरोना पॉजिटिव पाया गया। आर्थिक तंगी के चलते परिजन मरीज को 7 जुलाई की रात दोबारा कांकेर अस्पताल लेकर लौटे।
महिला वार्ड में कराया गया भर्ती, आधे घंटे में मौत
कांकेर अस्पताल में कोविड वार्ड न होने के कारण मरीज को महिला वार्ड यूनिट-2 में भर्ती किया गया। भर्ती होने के करीब 45 मिनट के भीतर उसकी मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, मरीज को क्रॉनिक लीवर डिज़ीज भी थी और कोरोना के चलते स्थिति अत्यधिक गंभीर हो गई थी।
कोविड प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार
मृतक का अंतिम संस्कार फरसगांव में कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए किया गया। प्रशासन की निगरानी में परिजनों के भी सैंपल लिए गए हैं। कांकेर जिले में अब तक कोविड वार्ड की सुविधा नहीं होने पर सवाल उठने लगे हैं।
शव वाहन पहुंचने में लगी चार घंटे की देरी
मरीज की मौत की जानकारी रात 11:45 बजे दे दी गई थी, लेकिन मुक्तांजलि शव वाहन 3:30 बजे रात में पहुंचा। परिजनों ने 1099 पर कई बार कॉल की, लेकिन संपर्क नहीं हुआ। बाद में अस्पताल स्टाफ की मदद से चालक को निजी नंबर से बुलाया गया।
मरीज के बाद वार्ड को किया गया सैनिटाइज
मरीज को एहतियातन कुछ समय तक एंबुलेंस में रखा गया, फिर तत्काल बनाए गए अस्थाई कोविड वार्ड में भर्ती किया गया। मौत के बाद वार्ड को सैनिटाइज किया गया।
राज्य में अब तक तीन मौतें
यह इस साल छत्तीसगढ़ में कोविड संक्रमण से तीसरी मौत है। इससे पहले राजनांदगांव में दो मरीजों की जान जा चुकी है। पहला केस रायपुर में 24 मई को सामने आया था। राज्य में कोरोना को लेकर एक बार फिर सतर्कता और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत सामने आ रही है।
